₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
🏆 चुनौती ज़ोन · अध्याय 7 · ⏱ 30 मिनट

चुनौती क्षेत्र: मूल्यह्रास, प्रावधान और संचय

हर चुनौती हल करने पर +25 XP। बिना संकेत के हल करने पर +10 बोनस XP। चारों हल करो और अध्याय का टॉपर बैज पाओ।

🎯 यहाँ आप इनमें माहिर बनोगे:
  • अपलिखित मूल्य से उल्टा चलकर मूल लागत निकाल पाओगे
  • क्रमागत ह्रास पद्धति में वर्ष के बीच खरीदी और बेची परिसंपत्ति पर लाभ या हानि निकाल पाओगे
  • मूल्यह्रास प्रावधान वाली बिक्री को एक संयुक्त प्रविष्टि में लिख पाओगे
  • एक ही वर्ष में दुर्घटना, बीमा दावा और नई खरीद सँभाल पाओगे

अध्याय 7 के टॉपर राउंड में स्वागत है! मूल्यह्रास के प्रश्न साधारण प्रतिशत जैसे दिखते हैं, पर अंक बारीकियों में कटते हैं: कितने महीने, कौन-सा आधार, कौन-सा खाता। ये चार चुनौतियाँ सारी बारीकियाँ एक साथ लाती हैं। हर तिथि दो बार पढ़ो, एक छोटी समय-रेखा बनाओ, और कार्यकारी टिप्पणियाँ वैसे ही लिखो जैसे बोर्ड परीक्षा में लिखोगे। अटकने पर संकेत मौजूद हैं, पर पहले हर प्रश्न पर ईमानदारी से कोशिश करो।

🌍 असल ज़िंदगी में यह कहाँ काम आता है?

भारत में कंपनी अधिनियम, 2013 का पालन करने वाली हर कंपनी उस अधिनियम की अनुसूची II (Schedule II) में दिए उपयोगी जीवनकाल के आधार पर मूल्यह्रास लगाती है, और उसकी वार्षिक रिपोर्ट स्थायी परिसंपत्तियों को लागत पर दिखाकर उसमें से संचित मूल्यह्रास घटाती है, ठीक प्रावधान पद्धति की तरह जो तुमने सीखी। पर आयकर के लिए आयकर अधिनियम परिसंपत्तियों के ब्लॉक पर क्रमागत ह्रास पद्धति से अपनी तय दरें लगाता है, इसलिए कई व्यवसाय दो गणनाएँ रखते हैं: एक बहियों के लिए और एक कर रिटर्न के लिए। Tally जैसा लेखांकन सॉफ़्टवेयर स्थायी परिसंपत्ति रजिस्टर रखता है और वर्ष के अंत में मूल्यह्रास की प्रविष्टियाँ करता है। अंकेक्षक (चार्टर्ड अकाउंटेंट) जाँचते हैं कि संदिग्ध ऋण प्रावधान उचित है, न बहुत कम (हानि छिपाना) न बहुत अधिक (गुप्त संचय बनाना), और बैंक किसी व्यवसाय को ऋण देने से पहले उसके संचय एवं आधिक्य देखते हैं।

🪄 लेखांकन का जादू

क्रमागत ह्रास पद्धति में मूल्य कभी शून्य क्यों नहीं होता? हर वर्ष प्रारंभिक मूल्य का (100 − दर)% बचा रहता है। 10% पर n वर्ष बाद पुस्तक मूल्य = लागत × 0.9 × 0.9 × … (n बार) = लागत × 0.9n। किसी धनात्मक संख्या को 0.9 से कितनी भी बार गुणा करो, वह धनात्मक ही रहती है। 3 वर्ष बाद: 10% SLM लागत का 70% छोड़ता है, 10% WDV 72.9% छोड़ता है। इसीलिए उतने ही जीवनकाल में अवशिष्ट मूल्य तक लाने के लिए WDV की दर SLM से काफ़ी अधिक होनी चाहिए। यह जादू उल्टा भी चलता है: पुस्तक मूल्य और दर पता हो तो लागत = पुस्तक मूल्य ÷ 0.9n।

⭐ चुनौती 1 (स्तर: कठिन)

शर्मा ट्रेडर्स के एक प्रिंटर पर क्रमागत ह्रास पद्धति से 10% वार्षिक मूल्यह्रास लगता है। दूसरे पूरे वर्ष के अंत में उसका पुस्तक मूल्य ₹64,800 है। उसकी मूल लागत कितनी थी (₹ में)?

दो वर्ष बाद 90% का 90% = लागत का 81% बचता है।
पुस्तक मूल्य = लागत × 0.9 × 0.9 = 0.81 × लागत। इसलिए लागत = 64,800 ÷ 0.81 = ₹80,000। जाँच: 80,000 − 8,000 = 72,000; 72,000 − 7,200 = 64,800 ✔

⭐⭐ चुनौती 2 (स्तर: और कठिन)

बंसल बेकरी (बहियाँ 31 मार्च को बंद) ने 1 अक्टूबर 2026 को ₹3,00,000 की मशीन खरीदी और उस पर क्रमागत ह्रास पद्धति से 20% वार्षिक मूल्यह्रास लगाती है। मशीन 30 जून 2028 को ₹1,80,000 में बेची गई। बिक्री पर हानि कितनी है (₹ में)?

तीन अवधियाँ: 2026-27 में 6 महीने, 2027-28 का पूरा वर्ष, और 2028-29 में 3 महीने। हर अवधि में WDV मूल्यह्रास उस वर्ष के प्रारंभिक शेष पर लगता है।
2026-27 (6 महीने): 3,00,000 × 20% × 6/12 = 30,000 → 2,70,000।
2027-28: 2,70,000 × 20% = 54,000 → 2,16,000।
2028-29 (अप्रैल से जून, 3 महीने): 2,16,000 × 20% × 3/12 = 10,800 → पुस्तक मूल्य 2,05,200।
हानि = 2,05,200 − 1,80,000 = ₹25,200।

⭐⭐ चुनौती 3 (स्तर: और कठिन)

₹1,00,000 लागत वाली एक मशीन पर मूल्यह्रास प्रावधान खाते में (बिक्री की तिथि तक) ₹70,000 का संचित मूल्यह्रास है। इसे ₹38,000 में बेचा गया, राशि चेक से मिली और बैंक में जमा की गई। फर्म निपटान खाते का प्रयोग नहीं करती। पूरी बिक्री, लाभ सहित, एक संयुक्त प्रविष्टि (दो नाम, दो जमा) में लिखो।

मशीनरी खाते से पूरी लागत निकलनी चाहिए। बैंक के अलावा नाम पक्ष में और क्या आएगा? परिणाम लाभ है या हानि?
पुस्तक मूल्य = 1,00,000 − 70,000 = 30,000; बिक्री 38,000 में, इसलिए लाभ = ₹8,000। मशीन की पूरी लागत मशीनरी खाते से निकलती है (जमा 1,00,000), उसका संचित मूल्यह्रास प्रावधान से निकलता है (नाम 70,000), बैंक को 38,000 मिलते हैं (नाम) और लाभ लाभ-हानि खाते में जाता है (जमा 8,000)। नाम 1,08,000 = जमा 1,08,000।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
बैंक खाता नाम38,000
मूल्यह्रास प्रावधान खाता नाम70,000
मशीनरी खाते से1,00,000
लाभ-हानि खाते से8,000
(मशीन ₹8,000 के लाभ पर बेची)
योग1,08,0001,08,000

⭐⭐⭐ चुनौती 4 (स्तर: टॉपर)

सेठी ट्रांसपोर्ट अपनी बहियाँ 31 मार्च को बंद करता है और मूल लागत पर 20% वार्षिक (सीधी रेखा) मूल्यह्रास लगाता है, जो प्रावधान खाते में इकट्ठा होता है। 1 अप्रैल 2026 को उसके पास ₹3,00,000 वाली 5 वैन हैं: 3 वैन 1 अप्रैल 2024 को और 2 वैन 1 अक्टूबर 2025 को खरीदी गईं।
1 जुलाई 2026: 2024 में खरीदी एक वैन दुर्घटना में नष्ट हो गई; बीमा कंपनी ने ₹1,20,000 का दावा स्वीकार किया।
1 जनवरी 2027: ₹4,00,000 की नई वैन खरीदी गई।
2026-27 में वैनों के कारण लाभ-हानि खाते पर कुल भार (वर्ष का सारा मूल्यह्रास + दुर्घटना की हानि) कितना है (₹ में)?

हर पुरानी वैन का वार्षिक मूल्यह्रास = ₹60,000। नष्ट वैन के लिए 2026-27 के 3 महीने जोड़ो। वर्ष के अंत में बची 4 पुरानी वैनों पर पूरे वर्ष का और नई वैन पर 3 महीने का मूल्यह्रास लगाओ।
नष्ट वैन: 1 जुलाई 2026 तक मूल्यह्रास = 2 वर्ष × 60,000 + 3 महीने 15,000 = 1,35,000। पुस्तक मूल्य = 3,00,000 − 1,35,000 = 1,65,000। दावा 1,20,000 → हानि 45,000।
वर्ष के अंत का मूल्यह्रास: 4 पुरानी वैन 12,00,000 × 20% = 2,40,000; नई वैन 4,00,000 × 20% × 3/12 = 20,000।
2026-27 का कुल मूल्यह्रास = 15,000 + 2,40,000 + 20,000 = 2,75,000।
लाभ-हानि खाते पर कुल भार = 2,75,000 + 45,000 = ₹3,20,000।
(प्रावधान की जाँच: प्रारंभिक 4,20,000 [3 वैन × 2 वर्ष × 60,000 = 3,60,000 + 2 वैन × 30,000 = 60,000] + 2,75,000 − 1,35,000 = 5,60,000 = 2 वैन × 1,80,000 + 2 वैन × 90,000 + नई वैन 20,000 ✔)

🧠 झटपट सोचो

दो एक जैसी मशीनें ₹1,00,000 की हैं। एक पर SLM से 10% वार्षिक, दूसरी पर WDV से 10% वार्षिक मूल्यह्रास लगता है। 3 वर्ष बाद:
  • दोनों का पुस्तक मूल्य बराबर है
  • WDV वाली मशीन का पुस्तक मूल्य अधिक है
  • SLM वाली मशीन का पुस्तक मूल्य अधिक है
  • WDV वाली मशीन का पुस्तक मूल्य शून्य है
SLM में बचता है 1,00,000 − 3 × 10,000 = ₹70,000। WDV में बचता है 1,00,000 × 0.9 × 0.9 × 0.9 = ₹72,900। समान दर पर पहले वर्ष के बाद WDV कम मूल्यह्रास लगाता है क्योंकि उसका आधार घटता जाता है।
गुप्ता स्टेशनर्स को इस वर्ष शुद्ध हानि हुई। इनमें से कौन-सा उसे फिर भी बनाना ही होगा?
  • सामान्य संचय
  • लाभांश समकरण संचय
  • संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान
  • व्यापारिक लाभ से पूँजी संचय
प्रावधान संभावित हानि के लिए लाभ पर भार है, इसलिए विवेकशीलता के अनुसार हानि वाले वर्ष में भी ज़रूरी है। संचय लाभ के विनियोजन हैं और लाभ न होने पर नहीं बनाए जा सकते।

📌 टॉपर क्या याद रखते हैं

  • WDV में n पूरे वर्षों बाद पुस्तक मूल्य = लागत × (1 − दर)^n, इसलिए लागत = पुस्तक मूल्य ÷ (1 − दर)^n; यह कभी शून्य नहीं होता।
  • वर्ष के बीच खरीद और बिक्री में हर वर्ष को उपयोग के महीनों में बाँटो और उस वर्ष के प्रारंभिक शेष पर WDV लगाओ।
  • निपटान खाते के बिना: बैंक + मूल्यह्रास प्रावधान नाम; परिसंपत्ति (पूरी लागत) से और लाभ-हानि (लाभ) से, या हानि होने पर लाभ-हानि नाम।
  • नष्ट परिसंपत्ति: स्वीकृत बीमा दावा विक्रय मूल्य की जगह लेता है; हानि = पुस्तक मूल्य − दावा।
  • लाभ-हानि खाते पर कुल भार = सभी परिसंपत्तियों पर उपयोग के महीनों का मूल्यह्रास + निपटान पर हानि।
  • प्रावधान हानि वाले वर्ष में भी बनते हैं; संचय के लिए लाभ ज़रूरी है।