₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
अध्याय 3 · पाठ 5 / 6 · ⏱ 35 मिनट

GST की प्रविष्टियाँ: रोज़नामचे में CGST, SGST और IGST लिखना

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • समझा पाओगे कि आगत GST परिसंपत्ति और निर्गत GST देयता क्यों है
  • माल के क्रय, विक्रय, व्यय और परिसंपत्तियों पर CGST + SGST या IGST की प्रविष्टियाँ कर पाओगे
  • आगत कर साख को निर्गत कर के विरुद्ध सही क्रम में समायोजित कर पाओगे
  • इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर से चुकाए गए शुद्ध GST की प्रविष्टि कर पाओगे

आज किसी भी दुकान का बिल देखो, उसमें "CGST 9%" और "SGST 9%" जैसी पंक्तियाँ दिखेंगी। अध्याय 2 में तुमने सीखा कि GST क्या है। आज सीखोगे कि लेखाकार इसे लिखता कैसे है। अच्छी खबर यह है कि कोई नया नियम नहीं चाहिए। GST की प्रविष्टियाँ वही नाम–जमा नियम मानती हैं जो तुम जानते हो; बस कुछ नए खाते खोलने होते हैं। पाठ के अंत तक तुम पूरे महीने के GST लेन-देनों का रोज़नामचा बना सकोगे और ठीक-ठीक निकाल सकोगे कि दुकान को सरकार को कितना कर चुकाना है।

1. पुस्तकों में GST: दुकान केवल वसूली करने वाली है

अलीगढ़ (उ.प्र.) की शर्मा ट्रेडर्स कानपुर से ₹1,00,000 का माल खरीदती है और ऊपर से ₹18,000 GST चुकाती है। वह यही माल आगरा में ₹1,50,000 में बेचती है और ग्राहक से ₹27,000 GST वसूलती है। क्या ₹27,000 शर्मा ट्रेडर्स की आय है? नहीं! यह सरकार का है। क्या ₹18,000 व्यय है? यह भी नहीं, क्योंकि कानून शर्मा ट्रेडर्स को इसे ₹27,000 में से घटाने देता है। इसलिए शर्मा ट्रेडर्स सरकार को केवल 27,000 − 18,000 = ₹9,000 चुकाती है। GST व्यवसाय से होकर गुज़रता है; इसका लाभ पर कोई असर नहीं होता।

इसलिए GST को क्रय, विक्रय या व्यय के साथ नहीं मिलाना है। इसे अलग खातों में रखते हैं, और दोनों दिशाओं को भी अलग रखते हैं:

आगत कर (Input tax) = व्यवसाय द्वारा माल, सेवाओं और परिसंपत्तियों की खरीद पर चुकाया गया GST। व्यवसाय इससे अपना देय कर घटा सकता है। इस लाभ को आगत कर साख (Input Tax Credit, ITC) कहते हैं। आगत कर व्यवसाय को वापस मिलने वाली चीज़ है, इसलिए यह परिसंपत्ति है: इसे नाम पक्ष में लिखो।

निर्गत कर (Output tax) = व्यवसाय द्वारा अपनी बिक्री पर वसूला गया GST। यह सरकार को चुकाना है, इसलिए यह देयता है: इसे जमा पक्ष में लिखो।

2. GST के छह खाते

क्योंकि CGST, SGST और IGST अलग-अलग सरकारों को जाते हैं और GST पोर्टल पर अलग-अलग गिने जाते हैं, NCERT छह खाते प्रयोग करती है:

खाताकब प्रयोग होता हैप्रकृतिसामान्य पक्ष
आगत CGST खाताराज्य के भीतर खरीदपरिसंपत्तिनाम
आगत SGST खाताराज्य के भीतर खरीदपरिसंपत्तिनाम
आगत IGST खातादूसरे राज्य से खरीद (या आयात)परिसंपत्तिनाम
निर्गत CGST खाताराज्य के भीतर बिक्रीदेयताजमा
निर्गत SGST खाताराज्य के भीतर बिक्रीदेयताजमा
निर्गत IGST खातादूसरे राज्य को बिक्रीदेयताजमा

आगत = आएगा मेरे काम (सरकार से साख मिलेगी, इसलिए परिसंपत्ति, नाम)। निर्गत = निकलेगा सरकार को (देयता, जमा)। और अध्याय 2 से: एक ही राज्य → CGST + SGST (आधा-आधा); अलग राज्य → IGST (पूरी दर)।

तीन आम गलतियाँ: (1) GST को क्रय खाते या विक्रय खाते में जोड़ देना (क्रय और विक्रय हमेशा GST से पहले के मूल्य पर लिखे जाते हैं); (2) "GST खाता" नाम का एक ही खाता खोल देना (परीक्षा में आगत/निर्गत CGST, SGST, IGST के अलग खाते अपेक्षित हैं); (3) भूल जाना कि CGST और SGST बराबर आधे होते हैं: 18% पर हर एक 9%।

3. GST के साथ क्रय

माल खरीदने पर आपूर्तिकर्ता के बिल में माल का मूल्य और GST दोनों होते हैं। क्रय खाता मूल्य से नाम करो, आगत कर खाते GST से नाम करो, और आपूर्तिकर्ता (उधार क्रय), रोकड़ खाता या बैंक खाता पूरे बिल की राशि से जमा करो।

शर्मा ट्रेडर्स, अलीगढ़ (उ.प्र.), GST @ 18%:
2 अप्रैल 2026: सिंह होलसेल, कानपुर (उ.प्र.) से ₹80,000 का माल उधार खरीदा।
5 अप्रैल 2026: दिल्ली पेपर कंपनी, दिल्ली से ₹50,000 का माल खरीदा, भुगतान NEFT से किया।
  1. 2 अप्रैल: अलीगढ़ और कानपुर दोनों उ.प्र. में → अंतःराज्यीय → CGST 9% + SGST 9%। CGST = 80,000 का 9% = ₹7,200; SGST = ₹7,200। बिल = 80,000 + 7,200 + 7,200 = ₹94,400, सिंह होलसेल को देना है।
  2. 5 अप्रैल: उ.प्र. से दिल्ली → अंतरराज्यीय → IGST 18% = 50,000 का 18% = ₹9,000। बिल = ₹59,000, बैंक से चुकाया।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 2
क्रय खाता नाम80,000
आगत CGST खाता नाम7,200
आगत SGST खाता नाम7,200
सिंह होलसेल के खाते से94,400
(उधार माल खरीदा, CGST और SGST 9% प्रत्येक)
अप्रैल 5क्रय खाता नाम50,000
आगत IGST खाता नाम9,000
बैंक खाते से59,000
(दिल्ली से माल खरीदा, IGST 18%, भुगतान NEFT से)

पहले व्यापारिक बट्टा, फिर GST। GST व्यापारिक बट्टा घटाने के बाद वाले मूल्य पर लगता है। सूची मूल्य ₹20,000 में से 10% व्यापारिक बट्टा = ₹18,000; 18% GST ₹18,000 पर लगेगा, ₹20,000 पर नहीं।

मेरठ (उ.प्र.) की एक किराना दुकान ने गाज़ियाबाद (उ.प्र.) के थोक विक्रेता से ₹20,000 का पैक्ड खाद्य सामान नकद खरीदा। GST @ 5% (CGST 2.5% + SGST 2.5%)। तीन नाम खाते और एक जमा खाता चुनो।

एक ही राज्य, तो कौन-से दो कर? खरीद पर चुकाया GST आगत है या निर्गत?
अंतःराज्यीय खरीद → आगत CGST ₹500 और आगत SGST ₹500 (हर एक 20,000 का 2.5%)। चुकाई रोकड़ = ₹21,000।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
क्रय खाता नाम20,000
आगत CGST खाता नाम500
आगत SGST खाता नाम500
रोकड़ खाते से21,000
(नकद माल खरीदा, CGST और SGST 2.5% प्रत्येक)

4. GST के साथ विक्रय

बिक्री पर ग्राहक माल का मूल्य और GST दोनों चुकाता है। ग्राहक (उधार बिक्री), रोकड़ खाता या बैंक खाता पूरे बीजक की राशि से नाम करो; विक्रय खाता मूल्य से और निर्गत कर खाते GST से जमा करो।

शर्मा ट्रेडर्स, अलीगढ़ (उ.प्र.), GST @ 18%:
10 अप्रैल 2026: वर्मा स्टोर्स, आगरा (उ.प्र.) को ₹1,00,000 का माल उधार बेचा।
12 अप्रैल 2026: राठौड़ एंड संस, जयपुर (राजस्थान) को ₹60,000 का माल बेचा; भुगतान UPI से मिला।
  1. 10 अप्रैल: अंतःराज्यीय → निर्गत CGST = 1,00,000 का 9% = ₹9,000; निर्गत SGST = ₹9,000। वर्मा स्टोर्स को देने हैं 1,00,000 + 18,000 = ₹1,18,000।
  2. 12 अप्रैल: अंतरराज्यीय → निर्गत IGST = 60,000 का 18% = ₹10,800। बैंक में आए ₹70,800।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 10
वर्मा स्टोर्स का खाता नाम1,18,000
विक्रय खाते से1,00,000
निर्गत CGST खाते से9,000
निर्गत SGST खाते से9,000
(उ.प्र. के भीतर उधार माल बेचा, CGST और SGST 9% प्रत्येक)
अप्रैल 12बैंक खाता नाम70,800
विक्रय खाते से60,000
निर्गत IGST खाते से10,800
(जयपुर को माल बेचा, IGST 18%, भुगतान UPI से मिला)

विक्रय खाता ₹1,00,000 से जमा होगा, ₹1,18,000 से नहीं। अतिरिक्त ₹18,000 हमारा आगम नहीं है; यह सरकार का पैसा है जो हमारे पास रखा है। इसे विक्रय में डाला तो लाभ बढ़ा-चढ़ाकर दिखेगा।

लखनऊ (उ.प्र.) के एक मोबाइल स्टोर ने अरोड़ा ट्रेडर्स, देहरादून (उत्तराखंड) को ₹40,000 के फ़ोन उधार बेचे। GST @ 18%। नाम खाता और दोनों जमा खाते चुनो।

उ.प्र. से उत्तराखंड: पूरी दर पर एक ही कर। बिक्री पर वसूला कर आगत है या निर्गत?
अंतरराज्यीय बिक्री → निर्गत IGST = 40,000 का 18% = ₹7,200। अरोड़ा ट्रेडर्स को देने हैं ₹47,200।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
अरोड़ा ट्रेडर्स का खाता नाम47,200
विक्रय खाते से40,000
निर्गत IGST खाते से7,200
(देहरादून को उधार माल बेचा, IGST 18%)

शर्मा ट्रेडर्स ने गुप्ता स्टोर्स, मथुरा (उ.प्र.) को ₹50,000 सूची मूल्य का माल 10% व्यापारिक बट्टा देकर उधार बेचा। GST @ 18%। गुप्ता स्टोर्स का खाता कितनी राशि से नाम होगा (₹ में)?

पहले व्यापारिक बट्टा घटाओ। फिर शुद्ध मूल्य पर CGST 9% + SGST 9% जोड़ो।
शुद्ध मूल्य = 50,000 − 10% = ₹45,000। CGST = 4,050; SGST = 4,050। गुप्ता स्टोर्स का खाता 45,000 + 4,050 + 4,050 = ₹53,100 से नाम होगा। (विक्रय खाता ₹45,000; निर्गत CGST ₹4,050; निर्गत SGST ₹4,050।)

5. व्ययों और परिसंपत्तियों पर GST

व्यवसाय केवल माल पर ही नहीं, बहुत-सी सेवाओं (परिवहन, विज्ञापन, बीमा, टेलीफ़ोन, मरम्मत) और परिसंपत्तियों (फर्नीचर, कंप्यूटर, मशीन) पर भी GST चुकाता है। NCERT के अनुसार यह GST भी आगत कर है: व्यय या परिसंपत्ति खाता मूल्य से और आगत कर खाते GST से नाम करो।

शर्मा ट्रेडर्स, अलीगढ़ (उ.प्र.):
18 अप्रैल: ₹8,000 रेल भाड़ा NEFT से चुकाया (CGST 2.5% + SGST 2.5%)।
20 अप्रैल: स्थानीय डीलर से कार्यालय के प्रयोग के लिए ₹40,000 का कंप्यूटर खरीदा, भुगतान चेक से (CGST 9% + SGST 9%)।
  1. भाड़ा: CGST = 8,000 का 2.5% = ₹200; SGST = ₹200। कुल भुगतान = ₹8,400।
  2. कंप्यूटर: CGST = 40,000 का 9% = ₹3,600; SGST = ₹3,600। कुल भुगतान = ₹47,200। कंप्यूटर परिसंपत्ति है, इसलिए कंप्यूटर खाता नाम होगा, क्रय खाता नहीं।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 18
भाड़ा खाता नाम8,000
आगत CGST खाता नाम200
आगत SGST खाता नाम200
बैंक खाते से8,400
(GST सहित रेल भाड़ा चुकाया)
अप्रैल 20कंप्यूटर खाता नाम40,000
आगत CGST खाता नाम3,600
आगत SGST खाता नाम3,600
बैंक खाते से47,200
(GST सहित कार्यालय के लिए कंप्यूटर खरीदा)

असल जीवन में GST कानून कुछ चीज़ों पर आगत कर साख "रोक" देता है (जैसे कर्मचारियों के लिए खाने-पीने की चीज़ें, या निजी यात्रा में प्रयोग होने वाली मोटर कार); ऐसी चीज़ों का GST उनकी लागत का भाग बन जाता है। कक्षा 11 में NCERT का पालन करो: जब तक प्रश्न कुछ और न कहे, व्यवसाय की सभी खरीद, व्यय और परिसंपत्तियों के GST को आगत कर मानो।

6. समायोजन: आगत कर से निर्गत कर चुकाना

कर अवधि (आमतौर पर एक महीना) के अंत में व्यवसाय अपनी देयता निकालता है। पहले वह अपनी आगत कर साख से निर्गत कर "चुकाता" है। इस समायोजन को सेट-ऑफ़ (Set-off) कहते हैं। इसके बाद जो निर्गत कर बचता है, वह पैसे से चुकाया जाता है: व्यवसाय उसे GST पोर्टल पर जमा करता है, जहाँ वह इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर (Electronic Cash Ledger) में रहता है, और फिर उससे कर चुकाया जाता है।

समायोजन का क्रम (NCERT के अनुसार):

  1. आगत IGST सबसे पहले निर्गत IGST के विरुद्ध, फिर निर्गत CGST के विरुद्ध, और बचा हुआ निर्गत SGST के विरुद्ध।
  2. आगत CGST निर्गत CGST के विरुद्ध (और कुछ बचे तो निर्गत IGST के विरुद्ध)।
  3. आगत SGST निर्गत SGST के विरुद्ध (और कुछ बचे तो निर्गत IGST के विरुद्ध)।
  4. CGST की साख कभी SGST के लिए, और SGST की साख कभी CGST के लिए प्रयोग नहीं हो सकती, क्योंकि ये अलग-अलग सरकारों के हैं।

प्रविष्टियाँ: समायोजन → निर्गत खाता नाम, आगत खाता जमा (दोनों साफ़ होते हैं)। बचे हुए कर का भुगतान → निर्गत खाता नाम, इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाता जमा (जैसा NCERT में है; जब शेष सीधे बैंक से चुकाया जाए तो कई विद्यालय "बैंक खाते से" भी स्वीकार करते हैं)।

शर्मा ट्रेडर्स, अलीगढ़ (उ.प्र.), अप्रैल 2026, GST @ 18%। रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो, फिर समायोजन करो और शेष कर के भुगतान की प्रविष्टि करो।
(i) कानपुर (उ.प्र.) से ₹2,00,000 का माल उधार खरीदा।
(ii) दिल्ली से ₹1,00,000 का माल खरीदा, NEFT से भुगतान।
(iii) आगरा (उ.प्र.) को ₹2,50,000 का माल उधार बेचा।
(iv) जयपुर (राजस्थान) को ₹1,50,000 का माल बेचा, भुगतान NEFT से मिला।
(v) अख़बार में विज्ञापन के लिए ₹10,000 UPI से चुकाए (CGST 9% + SGST 9%)।
  1. हर लेन-देन पर कर:
    क्र.मूल्य (₹)आगत CGSTआगत SGSTआगत IGSTनिर्गत CGSTनिर्गत SGSTनिर्गत IGST
    (i)2,00,00018,00018,000
    (ii)1,00,00018,000
    (iii)2,50,00022,50022,500
    (iv)1,50,00027,000
    (v)10,000900900
    योग18,90018,90018,00022,50022,50027,000
  2. गणना पत्रक:
    विवरणCGST (₹)SGST (₹)IGST (₹)
    निर्गत कर22,50022,50027,000
    घटाओ: आगत IGST (पहले IGST के विरुद्ध)18,000
    घटाओ: आगत CGST18,900
    घटाओ: आगत SGST18,900
    नकद देय3,6003,6009,000
  3. कुल देय = 3,600 + 3,600 + 9,000 = ₹16,200। (जाँच: कुल निर्गत 72,000 − कुल आगत 55,800 = 16,200 ✔)

शर्मा ट्रेडर्स का रोज़नामचा

तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
(i)क्रय खाता नाम2,00,000
आगत CGST खाता नाम18,000
आगत SGST खाता नाम18,000
लेनदार खाते से2,36,000
(उ.प्र. के भीतर उधार माल खरीदा)
(ii)क्रय खाता नाम1,00,000
आगत IGST खाता नाम18,000
बैंक खाते से1,18,000
(दिल्ली से माल खरीदा)
(iii)देनदार खाता नाम2,95,000
विक्रय खाते से2,50,000
निर्गत CGST खाते से22,500
निर्गत SGST खाते से22,500
(उ.प्र. के भीतर उधार माल बेचा)
(iv)बैंक खाता नाम1,77,000
विक्रय खाते से1,50,000
निर्गत IGST खाते से27,000
(जयपुर को माल बेचा)
(v)विज्ञापन खाता नाम10,000
आगत CGST खाता नाम900
आगत SGST खाता नाम900
बैंक खाते से11,800
(विज्ञापन व्यय UPI से चुकाया)
(vi)निर्गत IGST खाता नाम18,000
आगत IGST खाते से18,000
(आगत IGST का निर्गत IGST से समायोजन)
(vii)निर्गत CGST खाता नाम18,900
आगत CGST खाते से18,900
(आगत CGST का निर्गत CGST से समायोजन)
(viii)निर्गत SGST खाता नाम18,900
आगत SGST खाते से18,900
(आगत SGST का निर्गत SGST से समायोजन)
(ix)निर्गत IGST खाता नाम9,000
निर्गत CGST खाता नाम3,600
निर्गत SGST खाता नाम3,600
इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाते से16,200
(शेष GST का भुगतान किया)

प्रविष्टि (vi) से (ix) के बाद हर आगत और निर्गत खाते का शेष शून्य हो जाता है। यही संकेत है कि काम सही हुआ: सारी साख प्रयोग हो गई और सारी देयता चुक गई।

6.1 जब आगत IGST निर्गत IGST से अधिक हो

यह परीक्षकों का पसंदीदा मामला है। अतिरिक्त IGST साख बेकार नहीं जाती: वह निर्गत CGST पर, और फिर निर्गत SGST पर जाती है।

मिश्रा इलेक्ट्रॉनिक्स, लखनऊ (उ.प्र.), मई 2026 के योग: निर्गत IGST ₹20,000; निर्गत CGST ₹15,000; निर्गत SGST ₹15,000; आगत IGST ₹24,000; आगत CGST ₹5,000; आगत SGST ₹5,000। समायोजन और भुगतान की प्रविष्टियाँ करो।
  1. आगत IGST ₹24,000: पहले ₹20,000 निर्गत IGST के विरुद्ध (IGST पूरा साफ़)। बचे ₹4,000 निर्गत CGST के विरुद्ध।
  2. निर्गत CGST: 15,000 − 4,000 (IGST साख) − 5,000 (CGST साख) = ₹6,000 देय।
  3. निर्गत SGST: 15,000 − 5,000 (SGST साख) = ₹10,000 देय।
  4. नकद देय = 6,000 + 10,000 = ₹16,000। (जाँच: निर्गत 50,000 − आगत 34,000 = 16,000 ✔)
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
निर्गत IGST खाता नाम20,000
आगत IGST खाते से20,000
(IGST साख का निर्गत IGST से समायोजन)
निर्गत CGST खाता नाम9,000
आगत IGST खाते से4,000
आगत CGST खाते से5,000
(बची IGST साख और CGST साख का निर्गत CGST से समायोजन)
निर्गत SGST खाता नाम5,000
आगत SGST खाते से5,000
(SGST साख का निर्गत SGST से समायोजन)
निर्गत CGST खाता नाम6,000
निर्गत SGST खाता नाम10,000
इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाते से16,000
(शेष GST का भुगतान किया)

जून 2026 में कानपुर के एक व्यापारी के पास है: निर्गत CGST ₹30,000, निर्गत SGST ₹30,000, निर्गत IGST शून्य; आगत CGST ₹21,000, आगत SGST ₹21,000, आगत IGST ₹6,000। NCERT के समायोजन क्रम के अनुसार कुल कितना GST नकद चुकाना होगा (₹ में)?

निर्गत IGST नहीं है, इसलिए आगत IGST पहले निर्गत CGST पर जाएगा। CGST और SGST की साख अपनी-अपनी लेन में रहती है।
CGST: 30,000 − 6,000 (IGST साख) − 21,000 = 3,000। SGST: 30,000 − 21,000 = 9,000। कुल नकद देय = 3,000 + 9,000 = ₹12,000।

समायोजन के बाद भी एक दुकान पर CGST ₹2,500 और SGST ₹2,500 बकाया है। वह इसे GST पोर्टल पर जमा राशि (इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर) से चुकाती है। दोनों नाम खाते और जमा खाता चुनो।

देयता चुकाने से वह घटती है। देयता किन खातों में है?
देयताएँ (निर्गत CGST और निर्गत SGST) घटीं → नाम। पोर्टल पर जमा पैसा प्रयोग हुआ → इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाता जमा।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
निर्गत CGST खाता नाम2,500
निर्गत SGST खाता नाम2,500
इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाते से5,000
(शेष GST का भुगतान किया)

7. GST कैलकुलेटर आज़माओ

एक मूल्य, एक दर और यह डालो कि बिक्री राज्य के भीतर है या बाहर। देखो कि कर कैसे बँटता है और बीजक का योग कैसे बनता है।

8. परीक्षा के सुझाव

  • सबसे पहले क्रेता और विक्रेता के राज्य देखो। यही एक जाँच तय करती है कि CGST + SGST लगेगा या IGST।
  • हर कर राशि के लिए छोटा कार्यकारी नोट दिखाओ। 4 अंक के GST प्रश्न में गणना पत्रक (निर्गत − आगत = देय) पर अक्सर अलग से अंक मिलता है।
  • छह खातों के नाम ठीक-ठीक लिखो: आगत CGST खाता, निर्गत IGST खाता, आदि।
  • NCERT के अभ्यासों में 5%, 12%, 18% और 28% जैसी दरें हैं। GST परिषद समय-समय पर दरें बदलती है; परीक्षा में ठीक वही दर लो जो प्रश्न में दी है।
किसी व्यापारी की पुस्तकों में आगत IGST खाता है:
  • एक परिसंपत्ति
  • एक देयता
  • एक व्यय
  • एक आय
आगत IGST खरीद पर पहले से चुकाया गया कर है, जिसे व्यापारी अपनी कर देयता घटाने के लिए साख के रूप में प्रयोग कर सकता है। जो चीज़ व्यवसाय को भविष्य में लाभ दे, वह परिसंपत्ति है।
GST में कौन-सा समायोजन अनुमत नहीं है?
  • आगत IGST का निर्गत CGST से
  • आगत CGST का निर्गत IGST से
  • आगत IGST का निर्गत SGST से
  • आगत CGST का निर्गत SGST से
CGST केंद्र को और SGST राज्य को जाता है, इसलिए CGST साख से कभी SGST नहीं चुकाया जा सकता (और न उल्टा)। IGST साख तीनों के लिए प्रयोग हो सकती है।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • GST सरकार के लिए वसूला जाता है, इसलिए यह क्रय, विक्रय या व्यय खातों में कभी नहीं जाता; अलग आगत और निर्गत खाते रखो।
  • आगत CGST/SGST/IGST = खरीद, व्यय और परिसंपत्तियों पर चुकाया कर: परिसंपत्ति, नाम। निर्गत CGST/SGST/IGST = बिक्री पर वसूला कर: देयता, जमा।
  • एक ही राज्य → CGST + SGST (आधा-आधा); अलग राज्य → IGST (पूरी दर)। GST निकालने से पहले व्यापारिक बट्टा घटाओ।
  • समायोजन: आगत IGST पहले IGST, फिर CGST, फिर SGST के विरुद्ध; आगत CGST और SGST अपने-अपने निर्गत के विरुद्ध (फिर IGST); CGST का SGST से कभी नहीं।
  • समायोजन प्रविष्टि: निर्गत खाता नाम, आगत खाते से। शेष भुगतान: निर्गत खाता नाम, इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाते से।

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