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अध्याय 3 · पाठ 6 / 6 · ⏱ 35 मिनट

खाता बही और खतौनी: रोज़नामचे से हर खाते तक

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • समझा पाओगे कि खाता बही क्या है और इसे प्रधान पुस्तक क्यों कहते हैं
  • खाता बही (T-खाता) का प्रारूप बना पाओगे और रोज़नामचे व खाता बही में अंतर बता पाओगे
  • साधारण और संयुक्त प्रविष्टियों की हर खाते के सही पक्ष में खतौनी कर पाओगे
  • खाते का शेष निकाल पाओगे और नाम तथा जमा शेष समझ पाओगे

रोज़नामचा व्यवसाय की कहानी दिन-ब-दिन बताता है। पर मान लो मालिक पूछे, "अभी मेरे पास कितनी रोकड़ है?" या "रोहन पर अभी कितना बकाया है?" रोज़नामचे से जवाब देने के लिए तुम्हें हर पन्ना पढ़ना होगा और सही पंक्तियाँ चुननी होंगी। यह धीमा भी है और गलती का डर भी। इसलिए लेखाकार हर रोज़नामचा प्रविष्टि के हिस्सों को अलग-अलग खातों में लिखते हैं, हर खाते का अलग पन्ना। खातों की यह पुस्तक खाता बही (Ledger) है, और यह लिखने की प्रक्रिया खतौनी (Posting) कहलाती है। आज तुम प्रारूप, खतौनी के चरण, और किसी भी खाते का शेष निकालना सीखोगे।

1. खाता बही क्या है?

प्रिया मेहता बुलंदशहर में मेहता मोबाइल स्टोर चलाती हैं। 20 अप्रैल को आपूर्तिकर्ता गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स का फ़ोन आता है: "मैडम, हमारा कितना बाकी है?" प्रिया खाता बही में गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स का खाता वाला पन्ना खोलती हैं। दाईं ओर ₹80,000 की खरीद दिखती है; बाईं ओर ₹50,000 का भुगतान। दस सेकंड में वे बता देती हैं: "₹30,000।" रोज़नामचे में भी यही तथ्य हैं, पर कई तिथियों में बिखरे हुए। खाता बही उन्हें एक जगह इकट्ठा कर देती है।

खाता बही: वह पुस्तक जिसमें व्यवसाय के सभी खाते होते हैं, और जिनमें प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तकों से प्रविष्टियाँ ले जाई जाती हैं। यह लेखांकन की प्रधान पुस्तक (Principal book) है।

खतौनी: रोज़नामचे (प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक) की प्रविष्टियों को खाता बही के संबंधित खातों में ले जाने की प्रक्रिया।

खाता बही एक जिल्दबंद रजिस्टर, कार्डों का सेट, या फ़ाइल में खुले पन्ने हो सकती है; आजकल यह ज़्यादातर Tally या किसी और लेखांकन सॉफ़्टवेयर की स्क्रीन होती है। हर खाता अलग पन्ने (या कार्ड) पर रखा जाता है। खाते जल्दी मिलें, इसके लिए उन्हें एक तय क्रम में खोला जाता है (जैसे जिस क्रम में वे लाभ-हानि खाते और तुलन-पत्र में आते हैं), शुरू में एक अनुक्रमणिका (इंडेक्स) रखी जाती है, और बड़े संगठनों में हर खाते को एक कोड संख्या दी जाती है।

खाता बही इतनी उपयोगी क्यों है?

  • यह किसी भी तिथि पर एक खाते के सभी लेन-देनों का शुद्ध परिणाम दिखाती है: कुल रोकड़, कुल विक्रय, ग्राहक से लेनी राशि, आपूर्तिकर्ता को देनी राशि।
  • ये आँकड़े रोज़नामचे से जल्दी निकालना लगभग असंभव है, क्योंकि रोज़नामचा तिथि के क्रम में है और खातों के अनुसार वर्गीकृत नहीं है।
  • खाता बही के शेषों से तलपट (Trial balance) और फिर वित्तीय विवरण बनते हैं।

2. खाते का प्रारूप

नामखाते का नामजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹

अंग्रेज़ी के अक्षर T की तरह इसके दो पक्ष होते हैं, इसलिए इसे T-खाता (T-account) भी कहते हैं।

  • शीर्षक: खाते का नाम, सबसे ऊपर लिखा जाता है और "खाता" शब्द पर समाप्त होता है (जैसे रोकड़ खाता, रोहन का खाता)।
  • नाम और जमा: बायाँ आधा भाग नाम पक्ष है, दायाँ आधा भाग जमा पक्ष।
  • तिथि: लेन-देन का वर्ष, महीना और तारीख, तिथि के क्रम में।
  • विवरण: रोज़नामचा प्रविष्टि में शामिल दूसरे खाते का नाम। नाम पक्ष की प्रविष्टियाँ "…खाते से" (To) और जमा पक्ष की प्रविष्टियाँ "…खाते द्वारा" (By) के रूप में लिखी जाती हैं।
  • रो.पृ.सं. (रोज़नामचा पृष्ठ संख्या) (J.F., Journal Folio): रोज़नामचे का वह पृष्ठ जहाँ प्रविष्टि लिखी है। यह खतौनी के समय भरा जाता है।
  • राशि: रोज़नामचा प्रविष्टि से ली गई राशि।

ब.पृ.सं. रोज़नामचे में रहता है और खाता बही के पन्ने की ओर इशारा करता है। रो.पृ.सं. खाता बही में रहता है और वापस रोज़नामचे के पन्ने की ओर इशारा करता है। दोनों मिलकर दो-तरफ़ा कड़ी बनाते हैं, जिससे हर आँकड़े को दोनों ओर खोजा जा सकता है। अगर ब.पृ.सं./रो.पृ.सं. खाली है, तो उस प्रविष्टि की खतौनी अभी नहीं हुई।

3. रोज़नामचा और खाता बही में अंतर

आधाररोज़नामचाखाता बही
चरणपहली (प्रारंभिक) प्रविष्टि की पुस्तकदूसरी प्रविष्टि की पुस्तक (प्रधान पुस्तक)
लेखे की प्रकृतिकालक्रमानुसार (तिथिवार)विश्लेषणात्मक (खातेवार)
वर्गीकरण का आधारलेन-देनखाता
कानूनी साक्ष्यअधिक महत्व, क्योंकि यह स्रोत प्रलेखों से बना पहला लेखा हैरोज़नामचे से कम महत्व
प्रक्रिया का नामरोज़नामचा बनाना (Journalising)खतौनी (Posting)

4. खाता बही के खातों का वर्गीकरण

तुम पाँच श्रेणियाँ जानते हो: परिसंपत्तियाँ, देयताएँ, पूँजी, आगम/अभिलाभ और व्यय/हानियाँ। खाता बही के लिए इन्हें दो समूहों में रखा जाता है:

स्थायी खातेअस्थायी खाते
कौन-सेपरिसंपत्तियाँ, देयताएँ, पूँजीआगम और व्यय
वर्ष के अंत मेंशेष निकालकर अगले वर्ष में आगे ले जाए जाते हैंव्यापार तथा लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करके बंद किए जाते हैं
कहाँ दिखते हैंतुलन-पत्रव्यापार तथा लाभ-हानि खाता
उदाहरणरोकड़, बैंक, फर्नीचर, लेनदार, पूँजीविक्रय, क्रय, किराया, वेतन, प्राप्त कमीशन

5. खतौनी कैसे करें: चरण दर चरण

प्रविष्टि के नाम भाग की खतौनी:

  1. खाता बही में वह खाता खोजो (या खोलो) जो रोज़नामचे में नाम हुआ है।
  2. उसके नाम पक्ष में तिथि लिखो।
  3. विवरण में उस खाते का नाम लिखो जो प्रविष्टि में जमा हुआ है, "…खाते से" के साथ।
  4. रो.पृ.सं. खाने में रोज़नामचे का पृष्ठ लिखो (और रोज़नामचे के ब.पृ.सं. खाने में इस खाता बही का पृष्ठ)।
  5. नाम पक्ष में राशि लिखो।

जमा भाग की खतौनी: यही काम जमा होने वाले खाते के जमा पक्ष में करो, और नाम हुए खाते का नाम "…खाते द्वारा" के साथ लिखो।

खाता बही में हर खाता केवल एक बार खोला जाता है। उस खाते की बाद की सारी प्रविष्टियाँ उसी पन्ने पर, नाम या जमा पक्ष में, जैसा हो, लिखी जाती हैं।

मेहता मोबाइल स्टोर की ये दो रोज़नामचा प्रविष्टियाँ (रोज़नामचा पृष्ठ 1) खतियाओ:
(क) अप्रैल 6: फर्नीचर खाता नाम ₹25,000, बैंक खाते से ₹25,000।
(ख) अप्रैल 25: रोकड़ खाता नाम ₹9,800, दिया गया बट्टा खाता नाम ₹200, अनिल के खाते से ₹10,000।
  1. (क) फर्नीचर नाम हुआ → फर्नीचर खाते के नाम पक्ष में "बैंक खाते से ₹25,000"। बैंक जमा हुआ → बैंक खाते के जमा पक्ष में "फर्नीचर खाते द्वारा ₹25,000"। हर खाता दूसरे खाते का नाम लिखता है।
  2. (ख) संयुक्त है। रोकड़ खाता (नाम पक्ष): "अनिल के खाते से ₹9,800"। दिया गया बट्टा खाता (नाम पक्ष): "अनिल के खाते से ₹200"।
  3. अनिल के खाते (जमा पक्ष) में दो अलग पंक्तियाँ: "रोकड़ खाते द्वारा ₹9,800" और "दिया गया बट्टा खाते द्वारा ₹200"। एक ही "₹10,000" की पंक्ति मत लिखो: खाता बही को दिखाना चाहिए कि राशि कैसे चुकी।
नामफर्नीचर खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 6
बैंक खाते से125,000
नामबैंक खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 6
फर्नीचर खाते द्वारा125,000
नामअनिल का खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 25
रोकड़ खाते द्वारा19,800
अप्रैल 25दिया गया बट्टा खाते द्वारा1200

(रोकड़ खाते और दिया गया बट्टा खाते के नाम पक्ष में एक-एक पंक्ति: "अनिल के खाते से"।)

किसी खाते के विवरण में उसी खाते का अपना नाम कभी मत लिखो। फर्नीचर खाते में "बैंक खाते से" लिखोगे, "फर्नीचर खाते से" नहीं। विवरण इस सवाल का जवाब है: "यह नाम (या जमा) कहाँ से आया?"

प्रविष्टि "रोकड़ खाता नाम, विक्रय खाते से ₹30,000" की खतौनी हो रही है। विक्रय खाते के किस पक्ष में ₹30,000 दिखेगा?

रोज़नामचे में विक्रय वह खाता है जो जमा हुआ।
रोज़नामचे में विक्रय खाता जमा हुआ है, इसलिए इसकी खतौनी विक्रय खाते के जमा पक्ष में "रोकड़ खाते द्वारा ₹30,000" के रूप में होगी।

6. खाते का शेष निकालना

खतौनी के बाद हर खाते के दोनों पक्षों में राशियाँ होती हैं। दोनों पक्षों का अंतर शेष (Balance) है। यह बताता है कि खाता कहाँ खड़ा है: कितनी रोकड़ बची, ग्राहक पर कितना बकाया है, आदि। खातों का शेष निकालना (Balancing) आमतौर पर अवधि (महीने या वर्ष) के अंत में किया जाता है।

शेष निकालने के चरण:

  1. दोनों पक्षों का अलग-अलग योग करो।
  2. अंतर निकालो।
  3. अंतर को छोटे योग वाले पक्ष में लिखो: नाम पक्ष में हो तो "शेष आगे ले गए (c/d)" ("To Balance c/d"), जमा पक्ष में हो तो "शेष आगे ले गए (c/d)" ("By Balance c/d")।
  4. अब दोनों पक्ष बराबर हैं; दोनों ओर एक ही पंक्ति पर वही योग लिखो।
  5. अगली अवधि के पहले दिन शेष को उल्टे पक्ष (बड़े पक्ष) में "शेष आगे लाए (b/d)" के रूप में लाओ।
अगर नाम पक्ष बड़ा हैअगर जमा पक्ष बड़ा हैअगर दोनों पक्ष बराबर हैं
नाम शेष। परिसंपत्तियों, व्ययों, हानियों और देनदारों में सामान्य।जमा शेष। देयताओं, पूँजी, आगम, अभिलाभ और लेनदारों में सामान्य।कोई शेष नहीं; खाता बंद हो गया (जैसे जिस देनदार ने पूरा भुगतान कर दिया)।

"c/d हल्के पक्ष में जाता है; b/d भारी पक्ष में लौटता है।" भारी पक्ष ही नाम तय करता है: नाम पक्ष भारी तो नाम शेष।

वर्ष के अंत में परिसंपत्ति, देयता और पूँजी खातों का शेष निकालकर आगे ले जाया जाता है। आगम और व्यय खाते आगे नहीं जाते; उन्हें व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करके बंद किया जाता है। शेष निकालना तुम अध्याय 4 में और विस्तार से, और खातों को बंद करना वित्तीय विवरण बनाते समय पढ़ोगे।

7. पूरा उदाहरण: रोज़नामचा, खतौनी और शेष

मेहता मोबाइल स्टोर के निम्न लेन-देनों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो, खाता बही में खतौनी करो, और 30 अप्रैल 2026 को रोकड़, बैंक और गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खातों का शेष निकालो। (GST छोड़ दो।)
अप्रैल 1 प्रिया मेहता ने ₹2,00,000 रोकड़ से व्यापार शुरू किया।
अप्रैल 2 बैंक खाते में ₹1,20,000 जमा किए।
अप्रैल 4 गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स से ₹80,000 के मोबाइल फ़ोन उधार खरीदे।
अप्रैल 6 फर्नीचर खरीदा, चेक से भुगतान ₹25,000।
अप्रैल 10 नकद विक्रय ₹30,000।
अप्रैल 14 रोहन को ₹18,000 के फ़ोन उधार बेचे।
अप्रैल 18 गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स को चेक से ₹50,000 चुकाए।
अप्रैल 22 रोहन से ₹18,000 नकद मिले।
अप्रैल 25 दुकान का किराया ₹8,000 नकद चुकाया।
अप्रैल 28 निजी प्रयोग के लिए ₹5,000 रोकड़ निकाली।
अप्रैल 30 UPI से ₹12,000 वेतन दिया।
  1. रोज़नामचा (पृष्ठ 1)। ब.पृ.सं. खाने में हर खाते का खाता बही पृष्ठ है, जो खतौनी के समय भरा गया।
    तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
    2026
    अप्रैल 1
    रोकड़ खाता नाम12,00,000
    पूँजी खाते से22,00,000
    (व्यापार रोकड़ से प्रारंभ किया)
    अप्रैल 2बैंक खाता नाम31,20,000
    रोकड़ खाते से11,20,000
    (बैंक में रोकड़ जमा की)
    अप्रैल 4क्रय खाता नाम480,000
    गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते से580,000
    (उधार माल खरीदा)
    अप्रैल 6फर्नीचर खाता नाम625,000
    बैंक खाते से325,000
    (फर्नीचर खरीदा, चेक से भुगतान)
    अप्रैल 10रोकड़ खाता नाम130,000
    विक्रय खाते से730,000
    (नकद माल बेचा)
    अप्रैल 14रोहन का खाता नाम818,000
    विक्रय खाते से718,000
    (उधार माल बेचा)
    अप्रैल 18गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स का खाता नाम550,000
    बैंक खाते से350,000
    (चेक से भुगतान किया)
    अप्रैल 22रोकड़ खाता नाम118,000
    रोहन के खाते से818,000
    (रोहन से रोकड़ मिली)
    अप्रैल 25किराया खाता नाम98,000
    रोकड़ खाते से18,000
    (दुकान का किराया चुकाया)
    अप्रैल 28आहरण खाता नाम105,000
    रोकड़ खाते से15,000
    (निजी प्रयोग के लिए रोकड़ निकाली)
    अप्रैल 30वेतन खाता नाम1112,000
    बैंक खाते से312,000
    (UPI से वेतन दिया)
    योग5,66,0005,66,000
  2. रोकड़ खाते का शेष: नाम पक्ष = 2,00,000 + 30,000 + 18,000 = 2,48,000; जमा पक्ष = 1,20,000 + 8,000 + 5,000 = 1,33,000। अंतर = ₹1,15,000, जमा (छोटे) पक्ष में "शेष आगे ले गए (c/d)" के रूप में लिखा।
  3. बैंक खाते का शेष: नाम = 1,20,000; जमा = 25,000 + 50,000 + 12,000 = 87,000। शेष c/d = ₹33,000 (जमा पक्ष में)।
  4. गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते का शेष: जमा = 80,000; नाम = 50,000। शेष c/d = ₹30,000, नाम (छोटे) पक्ष में लिखा; यह जमा शेष है, यानी हमें गैलेक्सी को अभी ₹30,000 देने हैं।
  5. रोहन का खाता: दोनों पक्ष ₹18,000, इसलिए बंद। बाकी खातों में एक-एक प्रविष्टि है।

मेहता मोबाइल स्टोर की खाता बही

नामरोकड़ खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
पूँजी खाते से12,00,0002026
अप्रैल 2
बैंक खाते द्वारा11,20,000
अप्रैल 10विक्रय खाते से130,000अप्रैल 25किराया खाते द्वारा18,000
अप्रैल 22रोहन के खाते से118,000अप्रैल 28आहरण खाते द्वारा15,000
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)1,15,000
2,48,0002,48,000
मई 1शेष आगे लाए (b/d)1,15,000
नामपूँजी खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
रोकड़ खाते द्वारा12,00,000
नामबैंक खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 2
रोकड़ खाते से11,20,0002026
अप्रैल 6
फर्नीचर खाते द्वारा125,000
अप्रैल 18गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते द्वारा150,000
अप्रैल 30वेतन खाते द्वारा112,000
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)33,000
1,20,0001,20,000
मई 1शेष आगे लाए (b/d)33,000
नामक्रय खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 4
गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते से180,000
नामगैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स का खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 18
बैंक खाते से150,0002026
अप्रैल 4
क्रय खाते द्वारा180,000
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)30,000
80,00080,000
मई 1शेष आगे लाए (b/d)30,000
नामफर्नीचर खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 6
बैंक खाते से125,000
नामविक्रय खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 10
रोकड़ खाते द्वारा130,000
अप्रैल 14रोहन के खाते द्वारा118,000
नामरोहन का खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 14
विक्रय खाते से118,0002026
अप्रैल 22
रोकड़ खाते द्वारा118,000
18,00018,000
नामकिराया खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 25
रोकड़ खाते से18,000
नामआहरण खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 28
रोकड़ खाते से15,000
नामवेतन खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 30
बैंक खाते से112,000

30 अप्रैल की स्थिति: रोकड़ ₹1,15,000 (नाम), बैंक ₹33,000 (नाम), गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स ₹30,000 (जमा)।

झटपट जाँच: हर रोज़नामचा प्रविष्टि में नाम और जमा बराबर हैं, और हर एक की दोनों पक्षों में एक-एक बार खतौनी होती है। इसलिए खाता बही में सभी नाम खतौनियों का योग सभी जमा खतौनियों के योग के बराबर होता है (यहाँ दोनों ₹5,66,000)। यही विचार अध्याय 6 के तलपट का आधार है।

ऊपर के उदाहरण में, 18 अप्रैल के लिए गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते के नाम पक्ष के विवरण खाने में क्या लिखा है?

रोज़नामचे में गैलेक्सी नाम हुआ था। उसी प्रविष्टि में कौन-सा खाता जमा हुआ?
प्रविष्टि थी "गैलेक्सी डिस्ट्रीब्यूटर्स का खाता नाम, बैंक खाते से"। गैलेक्सी के नाम पक्ष में दूसरा खाता लिखते हैं: बैंक खाते से ₹50,000।

एक स्टेशनरी दुकान के मई 2026 के रोकड़ खाते के नाम पक्ष में है: प्रारंभिक शेष ₹50,000, नकद विक्रय ₹12,000 और एक देनदार से रोकड़ ₹8,500। जमा पक्ष में है: क्रय ₹20,000, मज़दूरी ₹6,000 और बिजली ₹3,500। रोकड़ का अंतिम शेष कितना है (₹ में)?

हर पक्ष का योग करो, फिर बड़े में से छोटा घटाओ।
नाम योग = 50,000 + 12,000 + 8,500 = 70,500। जमा योग = 20,000 + 6,000 + 3,500 = 29,500। शेष = 70,500 − 29,500 = ₹41,000 (नाम शेष), जो जमा पक्ष में "शेष आगे ले गए (c/d)" के रूप में लिखा जाएगा।

वर्मा सप्लायर्स के खाते (एक लेनदार) में: जमा पक्ष: क्रय ₹60,000 और ₹25,000; नाम पक्ष: बैंक से भुगतान ₹40,000, लौटाया माल ₹5,000 और प्राप्त बट्टा ₹1,000। इस खाते का शेष कितना है (₹ में)? (यह जमा शेष है।)

जमा योग − नाम योग।
जमा = 60,000 + 25,000 = 85,000। नाम = 40,000 + 5,000 + 1,000 = 46,000। शेष = 85,000 − 46,000 = ₹39,000 जमा शेष: दुकान को वर्मा सप्लायर्स को अभी इतनी राशि देनी है।

8. T-खाते के साथ खेलो

नाम और जमा पक्ष में प्रविष्टियाँ खतियाओ और देखो कि शेष कैसे बदलता है।

9. परीक्षा के सुझाव

  • "रोज़नामचा बनाओ और खतौनी करो" वाले प्रश्नों (आमतौर पर 6 अंक) में अंक रोज़नामचे और खाता बही में बँटे होते हैं। हर खाता नाम/जमा और शीर्षक के साथ साफ़ बनाओ।
  • खतौनी तिथि के क्रम में करो। हर पक्ष में सबसे ऊपर वर्ष एक बार लिखो।
  • संयुक्त प्रविष्टियों की खतौनी पंक्ति-दर-पंक्ति करो: हर जमा हुआ खाता नाम हुए खाते में अलग से आता है, और इसका उल्टा भी।
  • शेष निकालने को कहा जाए तो c/d, एक ही पंक्ति पर बराबर योग, और अगली तिथि पर b/d ज़रूर दिखाओ।
खाते का रो.पृ.सं. (J.F.) खाना क्या लिखता है?
  • खाता बही की पृष्ठ संख्या
  • रोज़नामचे की वह पृष्ठ संख्या जहाँ प्रविष्टि लिखी है
  • खतौनी की तिथि
  • प्रमाणक संख्या
रो.पृ.सं. = रोज़नामचा पृष्ठ संख्या, यानी रोज़नामचे का वह पन्ना जहाँ से राशि खतियाई गई। इससे खाता बही के आँकड़े को मूल प्रविष्टि तक खोजा जा सकता है।
किसी खाते के जमा पक्ष का योग ₹72,000 और नाम पक्ष का ₹90,000 है। खाता दिखाता है:
  • ₹18,000 का जमा शेष, नाम पक्ष में "शेष आगे ले गए" के रूप में
  • ₹18,000 का नाम शेष, नाम पक्ष में "शेष आगे ले गए" के रूप में
  • ₹18,000 का नाम शेष, जमा पक्ष में "शेष आगे ले गए" के रूप में
  • ₹1,62,000 का जमा शेष
नाम पक्ष भारी है, इसलिए 90,000 − 72,000 = ₹18,000 का नाम शेष है। c/d की राशि हल्के (जमा) पक्ष में लिखी जाती है।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • खाता बही = सभी खातों वाली प्रधान पुस्तक; खतौनी = रोज़नामचे की प्रविष्टियों को खाता बही के खातों में ले जाना।
  • प्रारूप: नाम पक्ष और जमा पक्ष, हर एक में तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | राशि। नाम पक्ष में "…खाते से", जमा पक्ष में "…खाते द्वारा", और दूसरे खाते का नाम।
  • रोज़नामचा: कालक्रमानुसार, पहली प्रविष्टि, रोज़नामचा बनाना। खाता बही: विश्लेषणात्मक, दूसरी प्रविष्टि, खतौनी। ब.पृ.सं. और रो.पृ.सं. दोनों को जोड़ते हैं।
  • स्थायी खाते (परिसंपत्तियाँ, देयताएँ, पूँजी) का शेष आगे ले जाया जाता है; अस्थायी खाते (आगम, व्यय) व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में बंद होते हैं।
  • शेष निकालना: दोनों पक्षों का योग, अंतर हल्के पक्ष में "शेष आगे ले गए (c/d)", बराबर योग, फिर भारी पक्ष में "शेष आगे लाए (b/d)"।

दबाने से आपकी प्रगति इसी फ़ोन/कंप्यूटर पर सेव होगी।