₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
अध्याय 4 · पाठ 4 / 4 · ⏱ 35 मिनट

मुख्य रोज़नामचा और खातों का शेष निकालना

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • मुख्य रोज़नामचे में लिखे जाने वाले लेन-देनों की सूची और उसका कारण बता पाओगे
  • प्रारंभिक प्रविष्टि, परिसंपत्ति की उधार खरीद, माल का आहरण, नमूने, आग से हानि और बट्टा रद्द करने जैसी प्रविष्टियाँ कर पाओगे
  • व्यक्तिगत और वास्तविक खातों का शेष निकाल पाओगे और नाममात्र खाते बंद कर पाओगे
  • पूरे अध्याय को जोड़ पाओगे: कौन-सी बही, खतौनी और शेष

अब हमारे पास रोकड़ बही, लघु रोकड़ बही और चार दैनिक बहियाँ हैं। ज़्यादातर लेन-देनों को घर मिल गया। पर कुछ बच जाते हैं: 1 अप्रैल की प्रारंभिक प्रविष्टि, उधार खरीदी मशीन, मालिक द्वारा घर ले जाया गया माल, आग में नष्ट माल, वर्ष के अंत के समायोजन… ये कहाँ जाएँ? मुख्य रोज़नामचे (Journal Proper) में, यानी “बाकी सब कुछ” वाली बही। पाठ के दूसरे भाग में हम खाता बही के खातों का शेष निकालना (Balancing) सीखेंगे, ताकि महीने के अंत में हर खाता हमें एक साफ़ संख्या बताए।

1. मुख्य रोज़नामचा क्या है?

मुख्य रोज़नामचा (जिसे अवशिष्ट रोज़नामचा (Residual journal) भी कहते हैं): वह बही जिसमें वे लेन-देन लिखे जाते हैं जिन्हें किसी विशेष रोज़नामचे (रोकड़ बही, क्रय, क्रय वापसी, विक्रय, विक्रय वापसी बही) में जगह नहीं मिलती।

स्कूल के खोया-पाया डिब्बे के बारे में सोचो। किताबें पुस्तकालय में जाती हैं, टिफ़िन कैंटीन में, खेल का सामान पीटी रूम में। जो चीज़ इनमें से कहीं की नहीं होती, वह खोया-पाया डिब्बे में जाती है। मुख्य रोज़नामचा लेखांकन का खोया-पाया डिब्बा है, और यह वही रोज़नामचा प्रारूप प्रयोग करता है जो तुमने अध्याय 3 में सीखा।

2. मुख्य रोज़नामचे में लिखे जाने वाले लेन-देन

  1. प्रारंभिक प्रविष्टि (Opening entry): नए लेखा वर्ष की शुरुआत में पिछले वर्ष की परिसंपत्तियों, देयताओं और पूँजी के शेष नई बहियों में लाए जाते हैं।
  2. समायोजन प्रविष्टियाँ (Adjustment entries): खातों को उपार्जन आधार पर लाने के लिए वर्ष के अंत में की जाती हैं, जैसे अदत्त किराया, पूर्वदत्त बीमा, मूल्यह्रास, अग्रिम प्राप्त कमीशन।
  3. संशोधन प्रविष्टियाँ (Rectification entries): प्रारंभिक प्रविष्टि की बहियों में या खतौनी में हुई अशुद्धियों को ठीक करने के लिए (ये तुम अध्याय 6 में सीखोगे)।
  4. हस्तांतरण प्रविष्टियाँ (Transfer entries): जैसे वर्ष के अंत में आहरण खाते को पूँजी खाते में हस्तांतरित करना।
  5. समापन प्रविष्टियाँ (Closing entries): क्रय, विक्रय, व्यय, आय आदि के खातों को व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करके बंद करना।
  6. अन्य प्रविष्टियाँ, जैसे:
    • माल के अलावा अन्य वस्तुओं की उधार खरीद या बिक्री (फर्नीचर, मशीनरी, पुराना कंप्यूटर);
    • मालिक द्वारा निजी उपयोग के लिए माल निकालना;
    • मुफ़्त नमूने के रूप में माल बाँटना;
    • आग, चोरी या ख़राबी से माल की हानि;
    • चेक अनादरित होने पर पहले दिए या प्राप्त बट्टे को रद्द करना;
    • निपटान पर दिया या प्राप्त नकद बट्टा (नकद वाला भाग रोकड़ बही में);
    • विनिमय विपत्रों का पृष्ठांकन और अनादर, प्रेषण और संयुक्त उपक्रम की प्रविष्टियाँ (ऊँची कक्षाओं में पढ़ोगे)।

याद रखने का सूत्र “प्र-स-सं-ह-स + अन्य”: प्रारंभिक, समायोजन, संशोधन, हस्तांतरण, समापन, और बाकी अलग-थलग प्रविष्टियाँ (उधार गैर-माल, बिना बिक्री के बाहर गया माल, बट्टे, अनादर)।

3. व्यवहार में मुख्य रोज़नामचे की प्रविष्टियाँ

3.1 प्रारंभिक प्रविष्टि

1 अप्रैल 2026 को शर्मा ट्रेडर्स के पास थे: रोकड़ ₹20,000; बैंक ₹45,000; स्टॉक ₹60,000; फर्नीचर ₹25,000; देनदार मोहन ₹15,000; लेनदार गुप्ता पेपर हाउस ₹18,000; बैंक ऋण ₹30,000। प्रारंभिक प्रविष्टि करो।
  1. परिसंपत्तियाँ (नाम): 20,000 + 45,000 + 60,000 + 25,000 + 15,000 = ₹1,65,000।
  2. देयताएँ (जमा): 18,000 + 30,000 = ₹48,000।
  3. पूँजी = परिसंपत्तियाँ − देयताएँ = 1,65,000 − 48,000 = ₹1,17,000 (जमा)।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 1
रोकड़ खाता नाम20,000
बैंक खाता नाम45,000
स्टॉक खाता नाम60,000
फर्नीचर खाता नाम25,000
मोहन का खाता नाम15,000
गुप्ता पेपर हाउस के खाते से18,000
बैंक ऋण खाते से30,000
पूँजी खाते से1,17,000
(पिछले वर्ष से शेष आगे लाए)
योग1,65,0001,65,000

3.2 वर्ष के दौरान अन्य प्रविष्टियाँ

शर्मा ट्रेडर्स (अप्रैल 2026) के लिए मुख्य रोज़नामचे की प्रविष्टियाँ करो:
(a) अप्रैल 8 सिंह फर्नीचर से ₹14,000 का फर्नीचर उधार खरीदा।
(b) अप्रैल 12 मालिक ने ₹2,500 लागत का माल निजी उपयोग के लिए लिया।
(c) अप्रैल 15 ₹1,200 लागत का माल मुफ़्त नमूनों के रूप में बाँटा।
(d) अप्रैल 20 ₹8,000 लागत का माल आग से नष्ट हुआ; बीमा कंपनी ने ₹5,000 का दावा स्वीकार किया।
(e) अप्रैल 22 कार्यालय का पुराना कंप्यूटर (पुस्तक मूल्य ₹6,000) नेहा को ₹6,000 में उधार बेचा।
(f) अप्रैल 25 मोहन का ₹9,800 का चेक, जो 10 अप्रैल को ₹10,000 के पूर्ण निपटान में मिला था, अनादरित हुआ।
  1. (a) फर्नीचर परिसंपत्ति है, माल नहीं → फर्नीचर खाता नाम, सिंह फर्नीचर का खाता जमा।
  2. (b), (c), (d): माल बिना बिक्री के बाहर जाता है, इसलिए वह लागत पर क्रय खाते में जमा होता है (खरीदते समय माल क्रय के रूप में लिखा गया था)। आहरण, विज्ञापन (नमूने), और आग से हानि + बीमा दावा नाम होते हैं।
  3. (e) परिसंपत्ति उधार बेची → नेहा का खाता नाम, कंप्यूटर खाता जमा।
  4. (f) ₹9,800 का अनादर रोकड़ बही में लिखा जाता है (बैंक खाना, भुगतान पक्ष, मोहन के सामने)। पहले दिया गया ₹200 का बट्टा अब मान्य नहीं, इसलिए मुख्य रोज़नामचे में रद्द किया जाता है: मोहन का खाता नाम, दिया गया बट्टा खाता जमा। मोहन पर फिर पूरे ₹10,000 बकाया हैं।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 8
फर्नीचर खाता नाम14,000
सिंह फर्नीचर के खाते से14,000
(फर्नीचर उधार खरीदा)
अप्रैल 12आहरण खाता नाम2,500
क्रय खाते से2,500
(मालिक ने निजी उपयोग के लिए माल निकाला)
अप्रैल 15विज्ञापन खाता नाम1,200
क्रय खाते से1,200
(माल मुफ़्त नमूनों के रूप में बाँटा)
अप्रैल 20आग से हानि खाता नाम3,000
बीमा दावा खाता नाम5,000
क्रय खाते से8,000
(आग से माल नष्ट हुआ और बीमा कंपनी ने दावा स्वीकार किया)
अप्रैल 22नेहा का खाता नाम6,000
कंप्यूटर खाते से6,000
(पुराना कंप्यूटर उधार बेचा)
अप्रैल 25मोहन का खाता नाम200
दिया गया बट्टा खाते से200
(मोहन का चेक अनादरित होने पर बट्टा रद्द किया)
योग31,90031,900

निकाला गया माल, नमूने और नष्ट माल क्रय खाते में जमा होते हैं, विक्रय खाते में नहीं और “माल खाते” में भी नहीं। कोई बिक्री नहीं हुई, इसलिए विक्रय नहीं बढ़ना चाहिए। और इन्हें लागत पर लिया जाता है, विक्रय मूल्य पर नहीं।

एक किराना दुकान का मालिक ₹1,800 लागत का माल परिवार के उपयोग के लिए घर ले गया। प्रविष्टि करो।

मालिक ने व्यवसाय से कुछ लिया। माल बिना बिक्री के बाहर गया।
आहरण बढ़ा → आहरण खाता नाम। माल लागत पर बिना बिक्री के बाहर गया → क्रय खाता जमा।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
आहरण खाता नाम1,800
क्रय खाते से1,800
(निजी उपयोग के लिए माल निकाला)

एक बेकरी ने अर्जुन इंजीनियरिंग से ₹48,000 का ओवन (मशीनरी) उधार खरीदा। मुख्य रोज़नामचे की प्रविष्टि करो।

क्या बेकरी के लिए ओवन “माल” है? क्या नकद दिया गया?
ओवन व्यवसाय में प्रयोग होने वाली परिसंपत्ति है, उधार खरीदी गई → मशीनरी खाता नाम, अर्जुन इंजीनियरिंग का खाता जमा। यह क्रय बही में नहीं लिखा जाता क्योंकि यह दोबारा बेचने का माल नहीं है।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
मशीनरी खाता नाम48,000
अर्जुन इंजीनियरिंग के खाते से48,000
(ओवन उधार खरीदा)

रोहित का ₹4,850 का चेक, जो ₹5,000 के पूर्ण निपटान में मिला था, अनादरित हो गया। बैंक खाने की प्रविष्टि रोकड़ बही में हो चुकी है। मुख्य रोज़नामचे में कौन-सी प्रविष्टि जाएगी?

₹150 का बट्टा केवल इसलिए दिया गया था क्योंकि उसने भुगतान किया। अब उसने भुगतान नहीं किया।
बट्टा रद्द होता है: रोहित पर फिर ₹150 अधिक बकाया → रोहित का खाता नाम; दिया गया बट्टा खाता उलटा → जमा।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
रोहित का खाता नाम150
दिया गया बट्टा खाते से150
(चेक अनादरित होने पर बट्टा रद्द किया)

3.3 वर्ष के अंत की प्रविष्टियाँ (एक झलक)

इन्हें तुम आगे विस्तार से पढ़ोगे, पर देखो ये कैसी दिखती हैं। 31 मार्च 2027 को:

तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2027
मार्च 31
किराया खाता नाम6,000
अदत्त किराया खाते से6,000
(मार्च का किराया देय है पर चुकाया नहीं गया)
मार्च 31पूर्वदत्त बीमा खाता नाम1,500
बीमा खाते से1,500
(अगले वर्ष का बीमा अग्रिम चुकाया गया)
मार्च 31पूँजी खाता नाम30,000
आहरण खाते से30,000
(आहरण पूँजी खाते में हस्तांतरित किया)
योग37,50037,500

4. खातों का शेष निकालना

खतौनी के बाद खाता बही के किसी खाते में दोनों पक्षों में कई प्रविष्टियाँ हो सकती हैं। हम कहाँ खड़े हैं, यह जानने के लिए हम उसका शेष निकालते हैं, आमतौर पर हर लेखा अवधि (महीने या वर्ष) के अंत में।

खाते का शेष निकालना यानी दोनों पक्षों का योग करना, अंतर निकालना, और उस अंतर को छोटे पक्ष में “शेष आगे ले गए (c/d)” के रूप में लिखना ताकि दोनों योग बराबर हो जाएँ। फिर वही राशि अगली अवधि में विपरीत पक्ष में “शेष आगे लाए (b/d)” के रूप में लिखी जाती है।

4.1 चरण

  1. नाम पक्ष और जमा पक्ष का अलग-अलग योग करो (रफ़ काग़ज़ पर)।
  2. अंतर निकालो।
  3. अंतर को छोटे योग वाले पक्ष में लिखो: जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए (c/d)” या नाम पक्ष में “शेष आगे ले गए (c/d)”।
  4. दोनों पक्षों के (अब बराबर) योग एक ही पंक्ति में लिखकर रेखा खींचो।
  5. अगली अवधि के पहले दिन शेष को दूसरे पक्ष में नीचे लाओ: “शेष आगे लाए (b/d)”।

अगर नाम पक्ष बड़ा है, तो खाते में नाम शेष है (c/d जमा पक्ष में लिखा जाता है)। अगर जमा पक्ष बड़ा है, तो जमा शेष है। शेष का नाम बड़े पक्ष से पड़ता है, पर लिखा छोटे पक्ष में जाता है।

अप्रैल 2026 के लिए मोहन (एक देनदार) के खाते का शेष निकालो: अप्रैल 1 प्रारंभिक शेष (नाम) ₹15,000 · अप्रैल 6 उसे माल बेचा ₹7,500 · अप्रैल 10 नकद मिला ₹9,800 और बट्टा दिया ₹200 · अप्रैल 14 उसने ₹1,000 का माल लौटाया।
  1. नाम पक्ष: 15,000 + 7,500 = 22,500। जमा पक्ष: 9,800 + 200 + 1,000 = 11,000।
  2. अंतर = 11,500। नाम बड़ा है → नाम शेष; जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए (c/d) 11,500” लिखो।
  3. 1 मई को “शेष आगे लाए (b/d) 11,500” नीचे लाओ।
नाममोहन का खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)15,0002026
अप्रैल 10
रोकड़ खाते द्वारा9,800
अप्रैल 6विक्रय खाते से7,500अप्रैल 10दिया गया बट्टा खाते द्वारा200
अप्रैल 14विक्रय वापसी खाते द्वारा1,000
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)11,500
22,50022,500
मई 1शेष आगे लाए (b/d)11,500
मोहन पर अभी भी ₹11,500 बकाया हैं (नाम शेष, एक परिसंपत्ति)।
अप्रैल 2026 के लिए गुप्ता पेपर हाउस (एक लेनदार) के खाते का शेष निकालो: अप्रैल 1 प्रारंभिक शेष (जमा) ₹18,000 · अप्रैल 9 उधार माल खरीदा ₹12,000 · अप्रैल 18 ₹18,000 के निपटान में ₹17,640 का चेक दिया (प्राप्त बट्टा ₹360) · अप्रैल 27 ₹800 का माल लौटाया।
  1. जमा पक्ष: 18,000 + 12,000 = 30,000। नाम पक्ष: 17,640 + 360 + 800 = 18,800।
  2. अंतर = 11,200। जमा बड़ा है → जमा शेष; नाम पक्ष में “शेष आगे ले गए (c/d) 11,200” लिखो।
नामगुप्ता पेपर हाउस का खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 18
बैंक खाते से17,6402026
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)18,000
अप्रैल 18प्राप्त बट्टा खाते से360अप्रैल 9क्रय खाते द्वारा12,000
अप्रैल 27क्रय वापसी खाते से800
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)11,200
30,00030,000
मई 1शेष आगे लाए (b/d)11,200
हमें अभी भी गुप्ता पेपर हाउस को ₹11,200 देने हैं (जमा शेष, एक देयता)।

1 अप्रैल को कपूर ब्रदर्स (एक पूर्तिकर्ता) का जमा शेष ₹9,000 था। अप्रैल में: उनसे ₹11,400 का उधार माल खरीदा; उन्हें ₹570 का माल लौटाया; प्रारंभिक ₹9,000 के पूर्ण निपटान में ₹8,820 का चेक दिया। 30 अप्रैल को कपूर ब्रदर्स के खाते का शेष कितना है (₹ में)?

निपटान से ₹9,000 साफ़ होते हैं (₹8,820 भुगतान + ₹180 प्राप्त बट्टा)।
जमा पक्ष = 9,000 + 11,400 = 20,400। नाम पक्ष = 8,820 + 180 + 570 = 9,570। जमा शेष = 20,400 − 9,570 = ₹10,830।

4.2 किन खातों का शेष निकलता है, कौन-से बंद होते हैं?

  • व्यक्तियों के खाते (देनदार, लेनदार, ऋण, पूँजी) और परिसंपत्तियों के खाते का शेष निकाला जाता है और आगे ले जाया जाता है, क्योंकि वे निपटने तक अगली अवधि में चलते रहते हैं।
  • व्यय, हानि, आगम और अभिलाभ के खाते (किराया, वेतन, विक्रय, प्राप्त कमीशन…) का शेष नहीं निकाला जाता। वर्ष के अंत में इनके योग समापन प्रविष्टियों द्वारा व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करके इन्हें बंद कर दिया जाता है।
नामकिराया खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026-27बैंक खाते से (अप्रैल–फ़रवरी)66,0002027
मार्च 31
लाभ-हानि खाते द्वारा72,000
2027
मार्च 31
अदत्त किराया खाते से6,000
72,00072,000

यहाँ कोई “शेष आगे ले गए” नहीं है: पूरे ₹72,000 वर्ष का व्यय हैं, जो लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित हो गए। अगले वर्ष किराया खाता शून्य से शुरू होगा।

वर्ष के अंत में किसी व्यय या आय खाते में शेष आगे मत लाओ। और “शेष आगे ले गए” कभी बड़े पक्ष में मत लिखो; यह हमेशा छोटे पक्ष में जाता है।

5. अध्याय 4 की पूरी तस्वीर

लेन-देनप्रारंभिक प्रविष्टि की बहीखाता बही में खतौनी
नकद / बैंक प्राप्ति या भुगतानरोकड़ बहीदूसरा खाता अलग से खतौनी (प्राप्ति → जमा, भुगतान → नाम); C प्रविष्टियों की खतौनी नहीं
छोटे खर्चलघु रोकड़ बहीखानों के योग व्यय खातों में नाम; लघु रोकड़ खाता जमा
माल की उधार खरीदक्रय बहीपूर्तिकर्ता जमा; योग क्रय खाते में नाम
पूर्तिकर्ता को वापसीक्रय वापसी बहीपूर्तिकर्ता नाम; योग क्रय वापसी खाते में जमा
माल की उधार बिक्रीविक्रय बहीग्राहक नाम; योग विक्रय खाते में जमा
ग्राहक से वापसीविक्रय वापसी बहीग्राहक जमा; योग विक्रय वापसी खाते में नाम
बाकी सब कुछमुख्य रोज़नामचाहर प्रविष्टि की अलग खतौनी
दुकान से ₹3,000 लागत का माल चोरी हो गया (बीमा नहीं था)। जमा होने वाला खाता है:
  • विक्रय खाता
  • क्रय खाता
  • चोरी से हानि खाता
  • रोकड़ खाता
चोरी से हानि खाता नाम होता है (एक हानि)। माल बिना बिक्री के बाहर गया, इसलिए क्रय खाता लागत पर जमा होता है।
एक खाते के नाम पक्ष का योग ₹42,000 और जमा पक्ष का ₹35,500 है। शेष निकालने के बाद:
  • नाम पक्ष में “शेष आगे ले गए ₹6,500”; जमा शेष
  • जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए ₹6,500”; जमा शेष
  • जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए ₹6,500”; नाम शेष
  • नाम पक्ष में “शेष आगे ले गए ₹77,500”
नाम पक्ष बड़ा है, इसलिए खाते में 42,000 − 35,500 = ₹6,500 का नाम शेष है, जो छोटे (जमा) पक्ष में “शेष आगे ले गए” लिखा जाता है।

6. परीक्षा के सुझाव

  • “सहायक बहियाँ बनाकर खतौनी करो” वाले प्रश्न में पहले एक रफ़ सूची बनाओ: हर लेन-देन → उसकी बही। फिर बहियाँ लिखो, फिर खाता बही, फिर शेष।
  • मुख्य रोज़नामचा पूरे रोज़नामचा प्रारूप में संक्षिप्त विवरण सहित लिखो; इसके अक्सर अलग अंक होते हैं।
  • शेष निकालते समय दोनों पक्षों के योग एक ही क्षैतिज पंक्ति में लिखने चाहिए।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • मुख्य रोज़नामचा वह सब लिखता है जो किसी विशेष बही में फ़िट नहीं होता: प्रारंभिक, समायोजन, संशोधन, हस्तांतरण और समापन प्रविष्टियाँ, और अन्य प्रविष्टियाँ।
  • अन्य प्रविष्टियों में परिसंपत्तियों की उधार खरीद/बिक्री, माल का आहरण, मुफ़्त नमूने, आग/चोरी से हानि, निपटान पर बट्टा और अनादर पर बट्टा रद्द करना शामिल हैं।
  • बिना बिक्री के बाहर जाने वाला माल लागत पर क्रय खाते में जमा होता है।
  • शेष निकालना: दोनों पक्षों का अंतर छोटे पक्ष में शेष आगे ले गए (c/d) लिखा जाता है और अगली अवधि में शेष आगे लाए (b/d) के रूप में नीचे लाया जाता है।
  • व्यक्तिगत और परिसंपत्ति खातों का शेष निकालकर आगे ले जाया जाता है; व्यय, हानि, आगम और अभिलाभ के खाते व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में बंद किए जाते हैं।

दबाने से आपकी प्रगति इसी फ़ोन/कंप्यूटर पर सेव होगी।