लघु रोकड़ बही: छोटे दैनिक खर्चों का हिसाब
- समझा पाओगे कि अलग लघु रोकड़ बही क्यों रखी जाती है और उसे कौन रखता है
- अग्रदाय प्रणाली समझकर पुनर्भरण की राशि निकाल पाओगे
- विश्लेषणात्मक (खानेदार) लघु रोकड़ बही बनाकर उसका शेष निकाल पाओगे
- लघु रोकड़ खाते और व्यय खातों के ज़रिए लघु रोकड़ बही की खतौनी कर पाओगे
हर कार्यालय रोज़ छोटी-छोटी रकमें खर्च करता है: ₹40 ऑटो किराया, ₹90 कूरियर, ग्राहकों के लिए ₹150 की चाय। अगर मुख्य कैशियर इनमें से हर एक को बड़ी रोकड़ बही में लिखे, तो वह मोटी और बिखरी हुई हो जाती है, और कैशियर के पास बड़े भुगतानों के लिए समय नहीं बचता। इसलिए हम एक तय छोटी राशि किसी दूसरे व्यक्ति को देते हैं और उसे एक छोटी रोकड़ बही रखने देते हैं। आज तुम यह लघु रोकड़ बही (Petty Cash Book) और इसके पीछे की चतुर अग्रदाय प्रणाली (Imprest system) सीखोगे। “लघु” का सीधा अर्थ है छोटा।
1. अलग लघु रोकड़ बही क्यों?
शर्मा ट्रेडर्स में मुख्य कैशियर श्री सक्सेना रोज़ लाखों का हिसाब सँभालते हैं: पूर्तिकर्ताओं के चेक, UPI बिक्री, वेतन। पहले वे हर ₹20 का बस किराया और ₹60 का रिक्शा भाड़ा भी ख़ुद देते थे। उनकी रोकड़ बही महीने में 400 पंक्तियों की हो गई, और छोटे प्रमाणक खोते रहते थे। तब मालिक ने रितु को लघु रोकड़िया (Petty cashier) बनाया, महीने की पहली तारीख़ को उसे ₹2,500 दिए और कहा: “सारे छोटे खर्च इसी से करो। महीने के अंत में मुझे बिल दिखाओ, और जितना तुमने खर्च किया ठीक उतना मैं तुम्हें वापस दे दूँगा।”
लघु रोकड़ बही: लघु रोकड़िया द्वारा रखी जाने वाली रोकड़ बही, जिसमें वाहन व्यय, ढुलाई, डाक और कूरियर, लेखन-सामग्री और जलपान जैसे छोटे, बार-बार होने वाले भुगतान लिखे जाते हैं।
2. अग्रदाय प्रणाली
अग्रदाय प्रणाली में, एक अवधि (सप्ताह, पखवाड़ा या महीना) की शुरुआत में लघु रोकड़िया को एक तय राशि दी जाती है जिसे अग्रदाय राशि (Imprest amount) कहते हैं। वह इसी से छोटे भुगतान करती है। अवधि के अंत में मुख्य कैशियर ठीक उतनी राशि का पुनर्भरण (Reimbursement) करता है जितनी खर्च हुई, ताकि वह अगली अवधि फिर पूरी अग्रदाय राशि से शुरू करे।
पुनर्भरण = अवधि में खर्च की गई राशि = अग्रदाय − लघु रोकड़िया के पास बचा नकद
- उसके पास बचा नकद = 3,000 − 2,640 = ₹360।
- पुनर्भरण = खर्च की गई राशि = ₹2,640।
- नया प्रारंभिक नकद = 360 + 2,640 = ₹3,000 (अग्रदाय फिर पूरा)।
विद्यार्थी अक्सर पुनर्भरण पूरी अग्रदाय राशि (₹3,000) लिख देते हैं। गलत! केवल खर्च की गई राशि वापस दी जाती है। जो शेष उसके पास पहले से है, वह उसी के पास रहता है।
“जितना खर्चा, उतना वापस।” जो खर्च हुआ वही लौटता है, इसलिए हर अवधि की शुरुआत में कोष हमेशा पूरा रहता है।
3. प्रारूप: विश्लेषणात्मक लघु रोकड़ बही
छोटे भुगतान कुछ गिने-चुने प्रकार के होते हैं, इसलिए भुगतान पक्ष में एक कुल राशि का खाना और हर प्रकार के खर्च के लिए एक खाना होता है। इसे विश्लेषणात्मक (Analytical) या खानेदार लघु रोकड़ बही कहते हैं। प्राप्ति पक्ष में केवल एक राशि-खाना होता है।
| प्राप्त राशि ₹ | तिथि | विवरण | प्र. सं. | भुगतान राशि ₹ | डाक एवं कूरियर | वाहन व्यय | लेखन-सामग्री | ढुलाई | विविध |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
- प्र. सं. = प्रमाणक संख्या। हर भुगतान के पीछे एक बिल या पैसा पाने वाले व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित लघु रोकड़ प्रमाणक होना चाहिए।
- हर भुगतान भुगतान पक्ष में दो बार लिखा जाता है: एक बार “भुगतान राशि” में और एक बार अपने विश्लेषण खाने में।
- आख़िरी खाना, विविध, उन भुगतानों के लिए है जिनका अलग खाना नहीं है (चाय, सफ़ाई, छोटी मरम्मत)। कुछ बहियों में इनका वर्णन करने के लिए “टिप्पणी” खाना भी होता है।
- अवधि के अंत में हर खाने का योग किया जाता है। विश्लेषण खानों का कुल योग “भुगतान राशि” के योग के बराबर होना चाहिए। यह एक अंतर्निहित जाँच है।
4. हल किया उदाहरण
- वर्गीकरण: डाक एवं कूरियर = स्पीड पोस्ट, कूरियर, रजिस्टर्ड डाक। वाहन व्यय = ऑटो, बस, मेट्रो, टैक्सी (कर्मचारियों की यात्रा)। लेखन-सामग्री = पेन, फ़ोटोकॉपी, प्रिंटर पेपर। ढुलाई = माल को ढोना/उतारना (ढुलाई, डिलीवरी का रिक्शा, उतरवाई)। विविध = चाय, सफ़ाई।
- खानों के योग: डाक 120 + 90 + 75 = 285; वाहन व्यय 80 + 40 + 55 + 210 = 385; लेखन-सामग्री 210 + 65 + 240 = 515; ढुलाई 180 + 60 + 100 = 340; विविध 150 + 130 + 95 = 375।
- जाँच: 285 + 385 + 515 + 340 + 375 = 1,900 = “भुगतान राशि” का योग। ✔
- शेष = 2,500 − 1,900 = ₹600 (शेष आगे ले गए)। 1 मई को: शेष आगे लाए ₹600 और पुनर्भरण ₹1,900 प्राप्त।
| प्राप्त ₹ | तिथि | विवरण | प्र. सं. | भुगतान ₹ | डाक एवं कूरियर | वाहन व्यय | लेखन-सामग्री | ढुलाई | विविध |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2,500 | 2026 अप्रैल 1 | रोकड़ खाते से (अग्रदाय) | |||||||
| अप्रैल 2 | ऑटो किराया | 1 | 80 | 80 | |||||
| अप्रैल 3 | स्पीड पोस्ट | 2 | 120 | 120 | |||||
| अप्रैल 4 | पेन और रजिस्टर | 3 | 210 | 210 | |||||
| अप्रैल 6 | ग्राहकों के लिए चाय | 4 | 150 | 150 | |||||
| अप्रैल 8 | ढुलाई | 5 | 180 | 180 | |||||
| अप्रैल 10 | कूरियर | 6 | 90 | 90 | |||||
| अप्रैल 12 | फ़ोटोकॉपी | 7 | 65 | 65 | |||||
| अप्रैल 15 | बस किराया | 8 | 40 | 40 | |||||
| अप्रैल 17 | रिक्शा (माल डिलीवरी) | 9 | 60 | 60 | |||||
| अप्रैल 19 | प्रिंटर पेपर | 10 | 240 | 240 | |||||
| अप्रैल 21 | सफ़ाई सामग्री | 11 | 130 | 130 | |||||
| अप्रैल 23 | रजिस्टर्ड डाक | 12 | 75 | 75 | |||||
| अप्रैल 25 | मेट्रो किराया | 13 | 55 | 55 | |||||
| अप्रैल 27 | माल उतरवाई | 14 | 100 | 100 | |||||
| अप्रैल 29 | स्टाफ़ मीटिंग की चाय | 15 | 95 | 95 | |||||
| अप्रैल 30 | टैक्सी किराया | 16 | 210 | 210 | |||||
| योग | 1,900 | 285 | 385 | 515 | 340 | 375 | |||
| अप्रैल 30 | शेष आगे ले गए (c/d) | 600 | |||||||
| 2,500 | 2,500 | ||||||||
| 600 | मई 1 | शेष आगे लाए (b/d) | |||||||
| 1,900 | मई 1 | रोकड़ खाते से (पुनर्भरण) |
वाहन व्यय बनाम ढुलाई: वाहन व्यय लोगों की यात्रा है (कर्मचारी का बैंक या डाकघर जाना)। ढुलाई माल को ढोना है। माल का पार्सल ले जाने वाला रिक्शा ढुलाई है, वाहन व्यय नहीं।
1 अप्रैल 2026 को अग्रदाय ₹2,000। भुगतान: डाक ₹150, कूरियर ₹60, ऑटो किराया ₹90, टैक्सी किराया ₹120, बस किराया ₹45, लेखन-सामग्री ₹230, चाय ₹85, सफ़ाई ₹110, स्पीड पोस्ट ₹70। महीने के अंत में लघु रोकड़िया के पास शेष कितना है (₹ में)?
ऊपर के प्रश्न में “डाक एवं कूरियर” खाने का योग कितना है (₹ में)?
5. लघु रोकड़ बही की खाता बही में खतौनी
लघु रोकड़ बही खाता बही नहीं है। इसलिए खाता बही में एक लघु रोकड़ खाता (Petty Cash A/c) खोला जाता है, और प्रविष्टियाँ तीन चरणों में होती हैं:
- अग्रदाय देते समय (मुख्य रोकड़ बही से): लघु रोकड़ खाता नाम, रोकड़ (या बैंक) खाता जमा।
- अवधि के अंत में: हर व्यय खाता अपने खाने के योग से नाम होता है, और लघु रोकड़ खाता कुल खर्च से जमा होता है, जिसे “विविध खातों द्वारा, लघु रोकड़ बही के अनुसार” लिखते हैं।
- पुनर्भरण पर: लघु रोकड़ खाता नाम, रोकड़ (या बैंक) खाता खर्च की गई राशि से जमा।
शर्मा ट्रेडर्स के लिए रोज़नामचा प्रविष्टियाँ ऐसी दिखती हैं:
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 2026 अप्रैल 1 | लघु रोकड़ खाता नाम | 2,500 | ||
| रोकड़ खाते से | 2,500 | |||
| (लघु रोकड़िया को अग्रदाय दिया) | ||||
| अप्रैल 30 | डाक एवं कूरियर खाता नाम | 285 | ||
| वाहन व्यय खाता नाम | 385 | |||
| लेखन-सामग्री खाता नाम | 515 | |||
| ढुलाई खाता नाम | 340 | |||
| विविध व्यय खाता नाम | 375 | |||
| लघु रोकड़ खाते से | 1,900 | |||
| (अप्रैल के छोटे खर्च लघु रोकड़ बही से खतौनी किए) | ||||
| मई 1 | लघु रोकड़ खाता नाम | 1,900 | ||
| रोकड़ खाते से | 1,900 | |||
| (लघु रोकड़ का पुनर्भरण किया) | ||||
| योग | 6,300 | 6,300 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 अप्रैल 1 | रोकड़ खाते से | 2,500 | 2026 अप्रैल 30 | विविध खातों द्वारा, लघु रोकड़ बही के अनुसार | 1,900 | ||
| अप्रैल 30 | शेष आगे ले गए (c/d) | 600 | |||||
| 2,500 | 2,500 | ||||||
| मई 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 600 | |||||
| मई 1 | रोकड़ खाते से | 1,900 |
लघु रोकड़ खाते का शेष (पुनर्भरण से पहले ₹600) लघु रोकड़िया के पास वास्तविक नकद है। हर व्यय खाते में एक अवधि में केवल एक खतौनी (उसके खाने का योग) होती है, जिससे खतौनी का बहुत काम बचता है।
कुछ व्यवसायों में लघु रोकड़ मुख्य रोकड़ बही से ही चलाई जाती है, और अलग लघु रोकड़ बही नहीं रखी जाती। तब खानों के योग की खतौनी मुख्य रोकड़ बही से की जाती है।
सप्ताह के अंत में एक लघु रोकड़ बही के खानों के योग हैं: डाक ₹140, वाहन व्यय ₹215, लेखन-सामग्री ₹180। इन खर्चों की खतौनी प्रविष्टि करो। (तीन नाम, एक जमा।)
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| डाक व्यय खाता नाम | 140 | |||
| वाहन व्यय खाता नाम | 215 | |||
| लेखन-सामग्री खाता नाम | 180 | |||
| लघु रोकड़ खाते से | 535 | |||
| (सप्ताह के छोटे खर्चों की खतौनी की) |
मुख्य कैशियर लघु रोकड़िया को ₹1,460 का पुनर्भरण चेक से करता है। रोज़नामचा प्रविष्टि करो।
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| लघु रोकड़ खाता नाम | 1,460 | |||
| बैंक खाते से | 1,460 | |||
| (चेक द्वारा लघु रोकड़ का पुनर्भरण किया) |
6. लघु रोकड़ बही के लाभ
- मुख्य कैशियर का समय और श्रम बचता है: वह केवल बड़े भुगतान सँभालता है और यह काम ध्यान से कर पाता है।
- नकद पर बेहतर नियंत्रण: लघु रोकड़िया अग्रदाय से अधिक कभी खर्च नहीं कर सकती, और पुनर्भरण से पहले हर रुपये के पीछे प्रमाणक होना चाहिए। इससे धोखाधड़ी और दुरुपयोग कठिन हो जाता है।
- सुविधाजनक लेखा: मुख्य रोकड़ बही छोटी और उपयोगी रहती है। सारता (Materiality) के विचार के अनुसार, बहुत छोटे विवरणों से मुख्य बहियाँ भरने की ज़रूरत नहीं।
- खतौनी का कम काम: खाता बही में केवल खानों के योग की खतौनी होती है, हर ₹20 की मद की नहीं।
आज कई कार्यालय लघु रोकड़ नकद डिब्बे की जगह प्रीपेड कार्ड या छोटे UPI वॉलेट में रखते हैं। विचार वही अग्रदाय प्रणाली है: एक तय सीमा, हर भुगतान का बिल, और खर्च के बराबर टॉप-अप।
- ₹4,000
- ₹4,620
- ₹3,380
- ₹620
- हर विश्लेषण खाने के आवधिक योग से
- हर अलग प्रमाणक से
- अग्रदाय राशि से
- लघु रोकड़ के अंतिम शेष से
7. परीक्षा के सुझाव
- 4–5 समझदारी भरे विश्लेषण खाने चुनो और एक “विविध” खाना हमेशा रखो।
- योग की पंक्ति, फिर “शेष आगे ले गए”, फिर प्राप्ति और भुगतान के बराबर योग, फिर अगली अवधि के पहले दिन “शेष आगे लाए” और पुनर्भरण दिखाओ।
- जाँचो कि विश्लेषण खानों के योग “भुगतान राशि” के योग के बराबर हैं। पूछा जाए तो भाग 5 की तरह रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो।
📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)
- लघु रोकड़ बही = छोटे, बार-बार होने वाले भुगतानों की छोटी रोकड़ बही, जिसे लघु रोकड़िया रखता है।
- अग्रदाय प्रणाली: एक तय कोष दिया जाता है; अवधि के अंत में खर्च की गई राशि का पुनर्भरण होता है, जिससे कोष फिर पूरा हो जाता है।
- पुनर्भरण = अग्रदाय − हाथ में शेष = कुल खर्च।
- विश्लेषणात्मक लघु रोकड़ बही: एक “भुगतान राशि” खाना, हर व्यय प्रकार का एक खाना और एक विविध खाना; खानों के योग कुल भुगतान के बराबर होने चाहिए।
- खतौनी: लघु रोकड़ खाता नाम (अग्रदाय और पुनर्भरण); व्यय खाते खानों के योग से नाम, लघु रोकड़ खाता जमा “विविध खातों द्वारा, लघु रोकड़ बही के अनुसार”।
- लाभ: मुख्य कैशियर का समय बचता है, नकद पर नियंत्रण, मुख्य रोकड़ बही छोटी रहती है, खतौनी कम होती है।
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