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अध्याय 5 · पाठ 1 / 3 · ⏱ 30 मिनट

रोकड़ बही बनाम पास बुक: दोनों बैंक शेष अलग क्यों होते हैं

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • समझा पाओगे कि पास बुक या बैंक विवरण क्या है और यह रोकड़ बही के बैंक खाने का उल्टा प्रतिबिंब क्यों है
  • रोकड़ बही और पास बुक दोनों में अनुकूल शेष और अधिविकर्ष पहचान पाओगे
  • उदाहरण सहित वे समय-अंतराल बता पाओगे जिनसे दोनों शेष अलग होते हैं
  • फ़र्म या बैंक की अशुद्धियों को अंतर के कारण के रूप में पहचानकर बता पाओगे कि हर मद से कौन-सा शेष अधिक होता है

अध्याय 5 में स्वागत है! अध्याय 4 में तुमने दो खाने वाली रोकड़ बही बनाई और महीने के अंत में बैंक शेष निकाला। अब एक हैरानी की बात: उसी खाते का, उसी तिथि का बैंक विवरण खोलो, तो शेष लगभग कभी भी वही नहीं होता! क्या किसी ने पैसे चुरा लिए? क्या बैंक ने गलती की? ज़्यादातर कुछ भी गलत नहीं होता। दोनों रिकॉर्ड दो अलग लोगों ने, दो अलग समय पर लिखे हैं, बस इतनी-सी बात है। आज हम जासूस बनेंगे। हम बैंक विवरण पढ़ना सीखेंगे, अंतर का हर कारण खोजेंगे और समझेंगे कि हर कारण किस शेष को बढ़ाता या घटाता है। अगले पाठ में इन सुरागों से हम बैंक समाधान विवरण (Bank Reconciliation Statement) बनाएँगे।

1. एक ही बैंक खाते के दो रिकॉर्ड

रमेश शर्मा खुर्जा में शर्मा ट्रेडर्स नाम से किराने का थोक व्यापार करते हैं। 30 अप्रैल 2026 को उनकी रोकड़ बही कहती है: “बैंक में शेष ₹20,000”। उसी शाम उनका लेखाकार नेट बैंकिंग से बैंक विवरण डाउनलोड करता है। उसमें लिखा है: “अंतिम शेष ₹23,150 जमा (Cr.)”। रमेश एक पल को खुश होते हैं (“₹3,150 ज़्यादा!”), फिर चिंता में पड़ जाते हैं (“कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं?”)। लेखाकार मुस्कुराता है: “सर, अभी के लिए दोनों सही हैं। कुछ बातें हमें पता हैं जो बैंक को अभी नहीं पता, और कुछ बातें बैंक को पता हैं जो हमें अभी नहीं पता। मैं दिखाता हूँ।”

जिस भी व्यवसाय का बैंक खाता है, उसके पास उस खाते के दो रिकॉर्ड होते हैं:

  1. रोकड़ बही का बैंक खाना: व्यवसाय ख़ुद रखता है। जमा की गई राशियाँ नाम (प्राप्ति) पक्ष में और चेक, UPI या NEFT से किए भुगतान जमा (भुगतान) पक्ष में लिखे जाते हैं।
  2. पास बुक या बैंक विवरण (Pass book / Bank statement): बैंक रखता है। यह बैंक की बहियों में दिख रहे ग्राहक के खाते की प्रति है।

पास बुक / बैंक विवरण: बैंक की बहियों में ग्राहक के खाते की प्रति, जिसमें हर जमा, हर निकासी और हर प्रविष्टि के बाद का शेष दिखाया जाता है। बचत खातों को आमतौर पर एक छोटी पुस्तिका (पास बुक) मिलती है; चालू खातों को छपा हुआ या डाउनलोड होने वाला विवरण मिलता है।

बैंक विवरण ऐसा दिखता है (अप्रैल 2026 के लिए शर्मा ट्रेडर्स का चालू खाता):

तिथिविवरणचेक सं.निकासी (नाम) ₹जमा (Cr.) ₹शेष ₹
अप्रैल 1प्रारंभिक शेष30,000 जमा
अप्रैल 8आनंद प्रॉपर्टीज़ (किराया)1019,00021,000 जमा
अप्रैल 13समाशोधन द्वारा: मेहता एंड संस12,00033,000 जमा
अप्रैल 22कपूर सप्लायर्स10215,00018,000 जमा
अप्रैल 25NEFT द्वारा: राव ब्रदर्स5,00023,000 जमा
अप्रैल 30सेवा प्रभार25022,750 जमा
अप्रैल 30ब्याज40023,150 जमा

दो बातें देखो। पहली, जमा राशियाँ जमा (credit) खाने में और निकासी नाम (debit) खाने में हैं। दूसरी, शेष के आगे जमा (Cr.) लिखा है। जमा क्यों? आओ देखें।

2. उल्टा प्रतिबिंब: बैंक “जमा” क्यों कहता है

शर्मा ट्रेडर्स के लिए बैंक में रखा पैसा एक परिसंपत्ति है, इसलिए उसका बैंक खाता (बैंक खाना) नाम शेष दिखाता है। बैंक के लिए वही पैसा ऐसा पैसा है जो उसे शर्मा ट्रेडर्स को लौटाना है। बैंक की बहियों में शर्मा ट्रेडर्स एक लेनदार है, इसलिए उसका खाता जमा शेष दिखाता है।

घटनारोकड़ बही (बैंक खाना)पास बुक / बैंक विवरण
पैसा जमा कियानाम पक्ष (प्राप्ति)जमा खाना (Deposits)
पैसा निकाला / चेक का भुगतान हुआजमा पक्ष (भुगतान)नाम खाना (Withdrawals)
बैंक में पैसा है (सामान्य स्थिति)नाम शेषजमा शेष
जमा से अधिक निकाला (अधिविकर्ष)जमा शेषनाम शेष (Dr. या OD लिखा)

पास बुक = बैंक खाने का दर्पण। जो तुम्हारी रोकड़ बही में बाईं ओर है, वह बैंक की बही में दाईं ओर है। इसलिए रोकड़ बही का नाम शेष, पास बुक के जमा शेष के बराबर होना चाहिए।

2.1 अनुकूल शेष और अधिविकर्ष

अनुकूल शेष (Favourable balance): बैंक में पैसा है। यह रोकड़ बही में नाम शेष और पास बुक में जमा शेष होता है।
प्रतिकूल शेष / अधिविकर्ष (Overdraft): व्यवसाय ने जमा से अधिक निकाल लिया है, यानी असल में बैंक से उधार लिया है। यह रोकड़ बही में जमा शेष और पास बुक में नाम शेष होता है।

विद्यार्थी अक्सर लिखते हैं “पास बुक के अनुसार नाम शेष = बैंक में पैसा”। गलत! पास बुक में नाम शेष का मतलब है अधिविकर्ष। हमेशा पूछो: मैं किसकी बही पढ़ रहा हूँ, फ़र्म की या बैंक की?

गुप्ता स्टोर्स की पास बुक ₹8,000 नाम (Dr.) शेष दिखाती है। इसका अर्थ है:
  • गुप्ता स्टोर्स के बैंक में ₹8,000 हैं
  • रोकड़ बही में ₹8,000 नाम शेष होना चाहिए
  • गुप्ता स्टोर्स का ₹8,000 का अधिविकर्ष है
  • बैंक को गुप्ता स्टोर्स को ₹8,000 देने हैं
पास बुक में नाम शेष का अर्थ है कि ग्राहक को बैंक को पैसा देना है: अधिविकर्ष। रोकड़ बही में यह जमा शेष के रूप में दिखेगा।

3. तो दोनों शेष अलग क्यों होते हैं?

अगर दोनों बहियाँ एक ही खाते को दर्ज करती हैं और दोनों सही हैं, तो शेष मिलने चाहिए। असल ज़िंदगी में किसी भी दिन वे शायद ही मिलते हैं। NCERT सारे कारणों को सिर्फ़ दो परिवारों में बाँटती है:

  1. समय-अंतराल (Timing differences): लेन-देन एक बही में लिखा जा चुका है पर दूसरी में अभी नहीं।
  2. अशुद्धियाँ (Errors): व्यवसाय ने अपनी रोकड़ बही में, या बैंक ने पास बुक में कोई गलती की है।

समय-अंतराल गलतियाँ नहीं हैं। कुछ दिनों में, जब दूसरी बही भी दर्ज कर लेती है, वे अपने-आप ठीक हो जाते हैं। अशुद्धियाँ अपने-आप ठीक नहीं होतीं; किसी को उन्हें खोजकर सुधारना पड़ता है।

4. समय-अंतराल: सात आम कारण

हर कारण के लिए एक ही सवाल पूछो: “किस बही ने इसे लिख लिया है, और कौन-सी बही अभी इंतज़ार में है?” फिर तुम्हें पता चल जाएगा कि कौन-सा शेष अधिक है।

4.1 जारी किए गए चेक जो अभी भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुए

शर्मा ट्रेडर्स 27 अप्रैल को वर्मा ट्रेडर्स को ₹6,000 का चेक सं. 103 देता है। रोकड़ बही उसे तुरंत भुगतान पक्ष में लिख लेती है, इसलिए रोकड़ बही का शेष तुरंत घट जाता है। पर वर्मा ट्रेडर्स उसे 3 मई को ही बैंक में जमा करता है। जब तक बैंक सचमुच चेक का भुगतान नहीं करता, बैंक शेष नहीं घटता।

प्रभाव: पास बुक का शेष रोकड़ बही के शेष से अधिक होता है।

4.2 जमा किए गए चेक जिन्हें बैंक ने अभी संग्रहित (क्रेडिट) नहीं किया

28 अप्रैल को शर्मा ट्रेडर्स, गुप्ता स्टोर्स से मिला ₹8,000 का चेक बैंक में जमा करता है। रोकड़ बही उसे तुरंत प्राप्ति पक्ष में लिख लेती है। पर बैंक खाते में राशि तभी जमा करता है जब चेक का समाशोधन (Clearing) हो जाए (यानी पैसा सचमुच गुप्ता स्टोर्स के बैंक से आ जाए)। समाशोधन में समय लगता है, और बाहरी शहर के चेक में और ज़्यादा।

प्रभाव: पास बुक का शेष रोकड़ बही के शेष से कम होता है।

जो चेक रोकड़ बही में लिख लिया गया पर बैंक भेजा ही नहीं गया, उसका भी यही प्रभाव होता है: रोकड़ बही में वह दिखता है, पास बुक में नहीं।

4.3 बैंक द्वारा सीधे नाम की गई राशियाँ (बैंक प्रभार, अधिविकर्ष पर ब्याज)

बैंक अपनी सेवाओं के लिए ख़ुद ही पैसा काट लेते हैं: चेक-बुक प्रभार, SMS अलर्ट प्रभार, चेक संग्रह प्रभार, अधिविकर्ष पर ब्याज। व्यवसाय को यह तभी पता चलता है जब वह विवरण देखता है। हमारे उदाहरण में, “सेवा प्रभार ₹250”।

प्रभाव: पास बुक का शेष कम होता है।

4.4 बैंक खाते में सीधे जमा की गई राशियाँ

एक ग्राहक, राव ब्रदर्स, ₹5,000 NEFT से सीधे शर्मा ट्रेडर्स के खाते में भेज देता है। आजकल ग्राहकों के सीधे UPI और NEFT भुगतान बहुत आम हैं। बैंक इसे तुरंत दर्ज कर लेता है, पर हो सकता है व्यवसाय ने अभी अपनी रोकड़ बही में न लिखा हो।

प्रभाव: पास बुक का शेष अधिक होता है।

4.5 बैंक द्वारा वसूल किया गया ब्याज और लाभांश

बैंक खाते में ब्याज जमा कर सकता है, या मालिक के निवेशों पर लाभांश (Dividend) उसकी ओर से वसूल कर सकता है। बैंक उसे तुरंत जमा कर देता है; व्यवसाय विवरण देखने के बाद ही उसे लिखता है। हमारे उदाहरण में, “ब्याज ₹400”।

प्रभाव: पास बुक का शेष अधिक होता है।

4.6 स्थायी निर्देशों पर बैंक द्वारा सीधे किए गए भुगतान

व्यवसाय बैंक को कुछ बिलों का तय तिथियों पर भुगतान करने का स्थायी निर्देश (Standing instruction) (या ऑटो-डेबिट अधिदेश) दे सकता है: बीमा प्रीमियम, ऋण की किस्त, टेलीफ़ोन बिल, किराया। बैंक भुगतान करके खाते को नाम कर देता है। व्यवसाय इसे बाद में ही लिख पाता है।

प्रभाव: पास बुक का शेष कम होता है।

4.7 अनादरित चेक या बिल

व्यवसाय द्वारा जमा किया गया किसी ग्राहक का चेक अनादरित (Dishonoured) हो जाता है, यानी “बाउंस” हो जाता है (जैसे उसके खाते में पर्याप्त पैसा न होना)। बैंक अपना दिया हुआ क्रेडिट रद्द कर देता है, यानी व्यवसाय के खाते को नाम कर देता है। ऐसा ही तब होता है जब व्यवसाय द्वारा बैंक से भुनाया गया विनिमय बिल परिपक्वता पर नहीं चुकाया जाता। व्यवसाय को आमतौर पर यह बाद में पता चलता है।

प्रभाव: पास बुक का शेष कम होता है।

सिर्फ़ पास बुक वाली मदें: “बैंक ने दिया” (ब्याज, लाभांश, सीधी जमा) → पास बुक अधिक। “बैंक ने लिया” (प्रभार, अधिविकर्ष पर ब्याज, स्थायी निर्देश, अनादरण) → पास बुक कम।
सिर्फ़ रोकड़ बही वाली मदें: चेक जारी, प्रस्तुत नहीं → पास बुक अधिक। चेक जमा, संग्रहित नहीं → पास बुक कम।

अप्रैल 2026 के लिए शर्मा ट्रेडर्स की रोकड़ बही (बैंक खाना) का मिलान भाग 1 में दिखाए बैंक विवरण से करो और अंतर का हर कारण लिखो।
रोकड़ बही, प्राप्ति पक्ष: अप्रैल 1 शेष आगे लाए ₹30,000; अप्रैल 10 मेहता एंड संस (चेक जमा किया) ₹12,000; अप्रैल 28 गुप्ता स्टोर्स (चेक जमा किया) ₹8,000।
रोकड़ बही, भुगतान पक्ष: अप्रैल 6 किराया, चेक 101 ₹9,000; अप्रैल 20 कपूर सप्लायर्स, चेक 102 ₹15,000; अप्रैल 27 वर्मा ट्रेडर्स, चेक 103 ₹6,000।
  1. रोकड़ बही का शेष: प्राप्तियाँ 30,000 + 12,000 + 8,000 = 50,000; भुगतान 9,000 + 15,000 + 6,000 = 30,000; शेष = ₹20,000 (नाम)।
  2. जो मद दोनों बहियों में है, उस पर सही का निशान लगाओ: प्रारंभिक ₹30,000, मेहता एंड संस ₹12,000, चेक 101 ₹9,000, चेक 102 ₹15,000। इनसे कोई अंतर नहीं आता।
  3. रोकड़ बही में बिना निशान वाली मदें: गुप्ता स्टोर्स का चेक ₹8,000 (जमा किया, अभी संग्रहित नहीं) → पास बुक कम। चेक 103 ₹6,000 (जारी किया, अभी प्रस्तुत नहीं) → पास बुक अधिक।
  4. पास बुक में बिना निशान वाली मदें: राव ब्रदर्स से NEFT ₹5,000 → पास बुक अधिक। सेवा प्रभार ₹250 → पास बुक कम। ब्याज ₹400 → पास बुक अधिक।
  5. जाँच: 20,000 + 6,000 + 5,000 + 400 − 8,000 − 250 = 23,150। यही बैंक विवरण का शेष है।
मदकेवल इसमें लिखीपास बुक शेष पर प्रभाव₹
चेक 103 जारी, प्रस्तुत नहींरोकड़ बहीअधिक6,000
राव ब्रदर्स से सीधे मिला NEFTपास बुकअधिक5,000
बैंक द्वारा जमा ब्याजपास बुकअधिक400
गुप्ता स्टोर्स का चेक जमा, संग्रहित नहींरोकड़ बहीकम8,000
बैंक द्वारा नाम सेवा प्रभारपास बुककम250
रोकड़ बही ₹20,000 + ₹11,400 (अधिक करने वाली मदें) − ₹8,250 (कम करने वाली मदें) = पास बुक ₹23,150। ₹3,150 का अंतर पूरी तरह समझ में आ गया।

सिर्फ़ राशि देखकर निशान मत लगाओ। ₹5,000 के दो चेक अलग-अलग चेक हो सकते हैं। चेक संख्या, पक्षकार का नाम और राशि, तीनों एक साथ मिलाओ।

31 मई 2026 को कपूर मोबाइल पॉइंट की रोकड़ बही ₹40,000 (नाम) बैंक शेष दिखाती है। पास बुक से केवल एक अंतर है: 30 मई को एक आपूर्तिकर्ता को ₹6,500 का चेक दिया गया, जिसे उसने अभी बैंक में प्रस्तुत नहीं किया। पास बुक कितना शेष दिखाती है (₹ में)?

रोकड़ बही ने शेष घटा दिया है; बैंक ने नहीं।
जारी किया गया पर प्रस्तुत नहीं हुआ चेक: पास बुक ने इसे अभी नहीं घटाया, इसलिए पास बुक का शेष अधिक है। 40,000 + 6,500 = ₹46,500 (पास बुक में जमा शेष)।

30 जून 2026 को नेहा बुटीक की पास बुक ₹32,000 (जमा) दिखाती है। केवल एक अंतर है: बैंक ने चेक-बुक और SMS प्रभार के ₹300 नाम किए हैं, जो नेहा ने अभी अपनी रोकड़ बही में नहीं लिखे। उसकी रोकड़ बही बैंक शेष कितना दिखाती है (₹ में)?

बैंक प्रभार के कारण कौन-सी बही कम है?
बैंक प्रभार केवल पास बुक में लिखे हैं, इसलिए पास बुक ₹300 कम है और रोकड़ बही ₹300 अधिक। रोकड़ बही का शेष = 32,000 + 300 = ₹32,300 (नाम शेष)।

5. अशुद्धियों के कारण अंतर

कभी-कभी अंतर सचमुच की गलती से होता है।

5.1 व्यवसाय द्वारा की गई अशुद्धियाँ (रोकड़ बही में)

  • छूट जाना: जारी या जमा किया गया चेक लिखा ही नहीं गया।
  • गलत राशि: आपूर्तिकर्ता को दिया ₹4,500 का चेक ₹5,400 लिख दिया गया।
  • गलत खाना: बैंक में जमा किया गया चेक बैंक खाने की जगह रोकड़ खाने में लिख दिया गया।
  • गलत जोड़: बैंक खाने के प्राप्ति या भुगतान पक्ष का जोड़ कम लगाया (Undercast) या अधिक लगाया (Overcast) गया।
  • गलत शेष आगे ले जाना: नाम शेष को जमा शेष के रूप में आगे लाया गया, या गलत राशि आगे लाई गई।

5.2 बैंक द्वारा की गई अशुद्धियाँ (पास बुक में)

  • व्यवसाय के खाते को ऐसी राशि से जमा या नाम कर देना जो किसी दूसरे ग्राहक की है (जैसे मिलते-जुलते नाम वाले दो ग्राहक)।
  • गलत राशि लिख देना, या एक ही चेक दो बार लिख देना।
  • जमा या निकासी खाने का गलत जोड़।

5.3 किसी अशुद्धि का प्रभाव कैसे परखें

अशुद्धियाँ रटो मत। पूछो: “सही राशि की तुलना में, इस अशुद्धि ने रोकड़ बही का शेष बड़ा किया या छोटा?” (अगर गलती बैंक ने की है, तो पास बुक का शेष)।

हर अशुद्धि के लिए बताओ कि वह पास बुक के शेष को रोकड़ बही के शेष से अधिक करती है या कम।
(a) आपूर्तिकर्ता को दिया ₹4,500 का चेक रोकड़ बही में ₹5,400 लिखा गया।
(b) बैंक में जमा किया ₹1,200 का चेक रोकड़ बही के रोकड़ खाने में लिखा गया।
(c) बैंक ने किसी दूसरे ग्राहक के ₹300 गलती से हमारे खाते में नाम कर दिए।
(d) जमा किया गया ₹2,000 का चेक रोकड़ बही में दो बार लिखा गया।
  1. (a) रोकड़ बही ने ₹900 अधिक घटा दिए, इसलिए रोकड़ बही ₹900 छोटी है। बैंक ने केवल ₹4,500 चुकाए। इसलिए पास बुक ₹900 अधिक।
  2. (b) बैंक को चेक मिला और उसने जमा कर दिया, पर रोकड़ बही के बैंक खाने में यह आया ही नहीं। पास बुक ₹1,200 अधिक।
  3. (c) बैंक ने गलती से हमारा शेष घटा दिया। पास बुक ₹300 कम।
  4. (d) रोकड़ बही ने ₹2,000 एक बार ज़्यादा जोड़ दिए, इसलिए रोकड़ बही बड़ी है। पास बुक ₹2,000 कम।
(a) अधिक ₹900 · (b) अधिक ₹1,200 · (c) कम ₹300 · (d) कम ₹2,000।

बैंक ने ₹450 ब्याज जमा किया है पर वह अभी रोकड़ बही में नहीं लिखा गया। यह अंतर समय-अंतराल से है या अशुद्धि से?

क्या किसी ने गलती की है, या कोई बही बस इंतज़ार कर रही है?
किसी ने गलती नहीं की; विवरण देखकर व्यवसाय ब्याज लिख लेगा। यह समय-अंतराल है।

6. मिलान करना ही क्यों?

दोनों रिकॉर्ड की तुलना करके हर अंतर को समझाना समाधान (Reconciliation) कहलाता है (“reconcile” = मेल बिठाना)। जिस विवरण में यह दिखाया जाता है, वह बैंक समाधान विवरण (BRS) है। इसे खाताधारक (व्यवसाय) बनाता है, बैंक नहीं। इससे:

  • व्यवसाय का सही बैंक शेष पता चलता है;
  • रोकड़ बही या पास बुक की अशुद्धियाँ पकड़ में आती हैं और जल्दी सुधरती हैं;
  • वे बैंक प्रभार, ब्याज और अनादरित चेक दिख जाते हैं जो व्यवसाय ने अभी नहीं लिखे;
  • लंबे समय से प्रस्तुत न हुए चेक या जमा न हुई राशियाँ पकड़ में आती हैं और उनकी पूछताछ हो पाती है;
  • कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी रुकती और पकड़ी जाती है, क्योंकि फ़र्म के रिकॉर्ड को बैंक के स्वतंत्र रिकॉर्ड से जाँचा जाता है।

बैंक समाधान विवरण: किसी निश्चित तिथि पर बनाया गया विवरण, जो अंतर पैदा करने वाली मदों को दिखाकर रोकड़ बही के अनुसार बैंक शेष का पास बुक (बैंक विवरण) के अनुसार शेष से मिलान करता है।

BRS एक विवरण है, खाता नहीं। इसके नाम और जमा पक्ष नहीं होते, यह दोहरा लेखा प्रणाली का हिस्सा नहीं है, और इससे खाता बही में कोई खतौनी नहीं होती।

कौन-सी मद पास बुक के शेष को रोकड़ बही के शेष से कम करती है?
  • जारी किया गया चेक जो अभी भुगतान के लिए प्रस्तुत नहीं हुआ
  • स्थायी निर्देशों पर बैंक द्वारा चुकाया गया बीमा प्रीमियम
  • बैंक द्वारा वसूल किया गया लाभांश
  • ग्राहक द्वारा UPI से सीधे जमा की गई राशि
बीमा प्रीमियम बैंक द्वारा किया गया भुगतान है जो केवल पास बुक में लिखा है, इसलिए पास बुक कम है। बाकी तीनों पास बुक को अधिक करती हैं।

7. परीक्षा के लिए सुझाव

  • 3 अंक के “अंतर के कारण” वाले प्रश्न में दोनों समूह (समय-अंतराल और अशुद्धियाँ) लिखो और कम से कम तीन कारण एक-एक पंक्ति के उदाहरण सहित समझाओ।
  • प्रभाव साफ़ लिखो: “परिणामस्वरूप, पास बुक के अनुसार शेष, रोकड़ बही के अनुसार शेष से अधिक/कम होगा।”
  • याद रखो: BRS ग्राहक बनाता है; पास बुक बैंक की खाता बही में ग्राहक के खाते की प्रति है।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • पास बुक/बैंक विवरण बैंक की बहियों में ग्राहक के खाते की प्रति है: रोकड़ बही के बैंक खाने का उल्टा प्रतिबिंब।
  • अनुकूल शेष = रोकड़ बही में नाम = पास बुक में जमा; अधिविकर्ष = रोकड़ बही में जमा = पास बुक में नाम।
  • अंतर समय-अंतराल (एक बही ने लिख लिया, दूसरी इंतज़ार में) और फ़र्म या बैंक की अशुद्धियों से आते हैं।
  • जारी पर प्रस्तुत न हुए चेक, सीधी जमा, बैंक द्वारा वसूला ब्याज/लाभांश → पास बुक अधिक।
  • जमा पर संग्रहित न हुए चेक, बैंक प्रभार, अधिविकर्ष पर ब्याज, स्थायी निर्देश के भुगतान, अनादरित चेक/बिल → पास बुक कम।
  • BRS खाताधारक किसी निश्चित तिथि पर बनाता है; यह विवरण है, खाता नहीं।

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