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अध्याय 6 · पाठ 1 / 4 · ⏱ 35 मिनट

तलपट: खाता बही का रिपोर्ट कार्ड

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • समझा पाओगे कि तलपट क्या है और क्यों बनाया जाता है
  • हर खाते का शेष सही नाम या जमा खाने में रख पाओगे
  • योग विधि, शेष विधि और योग-सह-शेष विधि से तलपट बना पाओगे
  • समझ पाओगे कि मिलान वाला तलपट पूरी शुद्धता का प्रमाण क्यों नहीं है

अब तक तुमने लेन-देनों को रोज़नामचे में लिखा, खाता बही में उनकी खतौनी की और हर खाते का शेष निकाला। अब एक बड़ा पल आता है: हम सभी खातों के शेष एक पन्ने पर इकट्ठा करते हैं और देखते हैं कि कुल नाम, कुल जमा के बराबर है या नहीं। इस पन्ने को तलपट (Trial Balance) कहते हैं। यह तुम्हारी खाता बही का रिपोर्ट कार्ड है: अगर दोनों योग मिल जाएँ, तो खतौनी का गणित लगभग निश्चित रूप से सही है; अगर न मिलें, तो कहीं कोई गलती छिपी है। आज हम सीखेंगे कि तलपट क्या है, कौन-सा शेष किस खाने में जाता है और इसे बनाने की तीन विधियाँ कौन-सी हैं। पाठ के अंत तक तुम दस मिनट से कम में खुद तलपट बना लोगे।

1. तलपट की ज़रूरत क्यों?

मीरा खुर्जा में मीरा मोबाइल्स नाम की छोटी मोबाइल फ़ोन दुकान चलाती हैं। उनका लेखाकार अप्रैल 2026 के हर लेन-देन की खतौनी नौ खातों में करता है। 30 अप्रैल को मीरा पूछती हैं, “क्या मेरी बहियाँ सही हैं?” लेखाकार सारे पन्ने दोबारा नहीं पढ़ सकता। इसलिए वह हर खाते का शेष एक पन्ने पर लिखता है, नाम शेष एक खाने में और जमा शेष दूसरे खाने में, और दोनों खानों को जोड़ता है। दोनों योग ₹2,17,000 आते हैं। वह मुस्कुराता है: “मैडम, खाता बही गणित की दृष्टि से सही है।” यही एक पन्ने का विवरण तलपट है।

दोहरे लेखे का मूल नियम याद करो: हर नाम के बराबर एक जमा होता है। अगर हर लेन-देन की खतौनी सही हुई है, तो खाता बही में सभी नामों का योग सभी जमाओं के योग के बराबर होगा। इसलिए सभी नाम शेषों का योग भी सभी जमा शेषों के योग के बराबर होगा। तलपट बस इसी की जाँच करता है। इसीलिए इसे “ट्रायल” कहते हैं: हम शेषों को परख (जाँच) रहे हैं।

2. अर्थ और प्रारूप

तलपट: खाता बही के सभी खातों के शेषों (या नाम और जमा के योगों) को दिखाने वाला विवरण, जो खाता बही में की गई खतौनी की गणितीय शुद्धता जाँचने के लिए बनाया जाता है।

इस परिभाषा के तीन शब्द महत्वपूर्ण हैं:

  • विवरण (Statement): तलपट एक कागज़ पर बनी सूची है। यह खाता नहीं है, इसलिए इसमें T-खाते की तरह “नाम” और “जमा” पक्ष नहीं होते, “से” और “द्वारा” नहीं लिखे जाते, और यह दोहरे लेखे की प्रणाली का हिस्सा नहीं है।
  • सभी खाते: जिस भी खाते में शेष है, वह आना चाहिए, रोकड़ और बैंक भी (जो रोकड़ बही से लिए जाते हैं)।
  • गणितीय शुद्धता (Arithmetical accuracy): यह खतौनी और शेष निकालने के गणित की जाँच करता है, यह नहीं कि हर प्रविष्टि सिद्धांत के अनुसार सही थी।

यह आमतौर पर लेखांकन वर्ष के अंत में बनाया जाता है, पर व्यवसाय इसे किसी भी महीने, तिमाही या छमाही के अंत में बना सकता है। प्रारूप सरल है:

मीरा मोबाइल्स का तलपट 30 अप्रैल 2026 को
खाते का नामब.पृ.सं.नाम शेष (₹)जमा शेष (₹)
……
……
योगxxxxxx

शीर्षक देखो: तलपट किसी तिथि “को” (as on) बनाया जाता है, क्योंकि यह उस दिन की स्थिति दिखाता है, जैसे एक फ़ोटो। तलपट पर कभी “वर्ष के लिए” (for the year ended) मत लिखो।

3. कौन-सा शेष किस खाने में?

यही इस अध्याय का दिल है। अगर तुम्हें हर तरह के खाते का सामान्य शेष पता है, तो तलपट आसान हो जाता है। अध्याय 3 के लेखांकन समीकरण के नियम याद करो:

नाम खाना: परिसंपत्तियाँ, व्यय और हानियाँ, आहरण, देनदार (प्राप्य)।
जमा खाना: पूँजी, देयताएँ, आगम और अभिलाभ, लेनदार (देय)।

याद रखने की ट्रिक: “DEAD CLIC”। Debit (नाम) = Expenses (व्यय), Assets (परिसंपत्तियाँ), Drawings (आहरण)। Credit (जमा) = Liabilities (देयताएँ), Income (आय), Capital (पूँजी)। हानियाँ व्यय के साथ बैठती हैं; अभिलाभ आय के साथ।

यह रही उन खातों की तैयार सूची जिनसे तुम बार-बार मिलोगे:

नाम शेषजमा शेष
हस्तस्थ रोकड़, बैंक में रोकड़पूँजी
भूमि और भवन, मशीनरी, फर्नीचर, कंप्यूटर, वाहनबैंक ऋण, दीर्घकालीन ऋण
देनदार (विविध देनदार), प्राप्य विपत्रलेनदार (विविध लेनदार), देय विपत्र
प्रारंभिक स्टॉकविक्रय
क्रय, विक्रय वापसी (आवक वापसी)क्रय वापसी (जावक वापसी)
मज़दूरी, वेतन, किराया, आवक और जावक गाड़ी-भाड़ा, दिया गया ब्याज, बीमा, विज्ञापनप्राप्त कमीशन, प्राप्त ब्याज, प्राप्त किराया
दिया गया बट्टा, डूबत ऋणप्राप्त बट्टा
आहरणबैंक अधिविकर्ष, ग्राहकों से अग्रिम

पाँच शेष जिन्हें विद्यार्थी अक्सर गलत खाने में रख देते हैं:
(1) बैंक अधिविकर्ष (Bank overdraft) वह पैसा है जो हम बैंक को देने हैं: देयता, इसलिए जमा (सिर्फ़ “बैंक” शब्द देखकर नाम मत लिखो)।
(2) विक्रय वापसी बिक्री को घटाती है, इसलिए यह विक्रय के उल्टे पक्ष में जाती है: नाम।
(3) क्रय वापसी क्रय को घटाती है: जमा।
(4) दिया गया बट्टा हमारी हानि है: नाम। प्राप्त बट्टा अभिलाभ है: जमा।
(5) प्रारंभिक स्टॉक पिछले वर्ष से आई परिसंपत्ति है: नाम। (अंतिम स्टॉक इस चरण पर सामान्यतः तलपट में नहीं आता।)

व्यवहार में ग्राहकों के खाते एक-एक करके नहीं लिखे जाते। उनके शेष जोड़कर एक राशि विविध देनदार (Sundry Debtors) के रूप में दिखाई जाती है; इसी तरह सभी आपूर्तिकर्ता विविध लेनदार (Sundry Creditors) के रूप में दिखाए जाते हैं। जिस खाते का शेष शून्य है, उसे छोड़ा जा सकता है या शून्य के साथ दिखाया जा सकता है।

शर्मा ट्रेडर्स का बैंक अधिविकर्ष ₹25,000 है। तलपट के किस खाने में यह दिखाया जाएगा: नाम या जमा?

अधिविकर्ष ऐसी चीज़ है जो हमारे पास है, या जो हमें देनी है?
अधिविकर्ष का अर्थ है बैंक ने हमें पैसा उधार दिया है; यह देयता है। देयताओं के शेष जमा होते हैं, इसलिए यह जमा खाने में जाएगा।

4. तलपट बनाने के उद्देश्य

  1. खाता बही की गणितीय शुद्धता जाँचना। बराबर योग दिखाते हैं कि हर नाम की खतौनी के बराबर जमा की खतौनी हुई है और खातों के शेष सही निकाले गए हैं।
  2. अशुद्धियाँ ढूँढने में मदद करना। अगर योग अलग-अलग हैं, तो हमें पता चल जाता है कि कम से कम एक अशुद्धि है, और हम खोज शुरू कर सकते हैं (पाठ 2 में तरीका है)।
  3. वित्तीय विवरण बनाने में मदद करना। लेखाकार खाता बही का हर पन्ना पलटने के बजाय सारे शेष इसी एक पन्ने से ले लेता है। आगम और व्यय की मदें व्यापार तथा लाभ-हानि खाते में जाती हैं; परिसंपत्तियाँ, देयताएँ और पूँजी तुलन पत्र में। इसीलिए तलपट को खाता बही और वित्तीय विवरणों के बीच की कड़ी कहा जाता है।

मिलान वाला तलपट इस बात का अंतिम प्रमाण नहीं है कि बहियाँ सही हैं। अगर सही राशि गलत खाते में नाम कर दी गई, या कोई लेन-देन लिखा ही नहीं गया, तब भी दोनों योग बराबर रहते हैं। तलपट केवल वही अशुद्धियाँ पकड़ता है जो नाम और जमा की बराबरी बिगाड़ती हैं। ऐसी छिपी अशुद्धियाँ तुम अगले पाठ में पढ़ोगे।

5. तलपट बनाने की तीन विधियाँ

सैद्धांतिक रूप से तलपट तीन तरह से बनाया जा सकता है:

  1. योग विधि (Totals method): हर खाते के नाम पक्ष का योग और जमा पक्ष का योग, नाम और जमा खानों में लिखा जाता है।
  2. शेष विधि (Balances method): हर खाते का केवल शेष नाम या जमा खाने में लिखा जाता है। यही सबसे अधिक प्रयोग होने वाली विधि है।
  3. योग-सह-शेष विधि (Totals-cum-balances method): राशि के चार खाने, दो योग के लिए और दो शेष के लिए। यह पहली दोनों विधियों का मेल है।

मीरा की अप्रैल 2026 की खाता बही से तीनों विधियाँ देखते हैं। यह रहा उनका पूरा रोकड़ खाता:

नामरोकड़ खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
पूँजी खाते से1,00,0002026
अप्रैल 2
फर्नीचर खाते द्वारा25,000
अप्रैल 18अरुण के खाते से18,000अप्रैल 3क्रय खाते द्वारा60,000
अप्रैल 20पूँजी खाते से20,000अप्रैल 10किराया खाते द्वारा12,000
अप्रैल 30विक्रय खाते से45,000अप्रैल 25कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स के खाते द्वारा30,000
अप्रैल 30वेतन खाते द्वारा16,000
अप्रैल 30शेष आगे ले गए (c/d)40,000
1,83,0001,83,000
मई 1शेष आगे लाए (b/d)40,000

बाकी आठ खातों का सार नीचे है (शेष निकालने से पहले पक्षों के योग):

खाताक्या खतौनी हुईनाम पक्ष योग (₹)जमा पक्ष योग (₹)शेष (₹)
मीरा की पूँजीलाई गई रोकड़ 1,00,000 + 20,000–1,20,0001,20,000 जमा
क्रयनकद 60,000; कपूर से उधार 50,0001,10,000–1,10,000 नाम
कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स (लेनदार)भुगतान 30,000; माल खरीदा 50,00030,00050,00020,000 जमा
विक्रयनकद 45,000; अरुण को उधार 32,000–77,00077,000 जमा
अरुण (देनदार)माल बेचा 32,000; प्राप्त 18,00032,00018,00014,000 नाम
फर्नीचरनकद खरीदा25,000–25,000 नाम
किरायानकद दिया12,000–12,000 नाम
वेतननकद दिया16,000–16,000 नाम

5.1 योग विधि

मीरा मोबाइल्स का 30 अप्रैल 2026 का तलपट योग विधि से बनाओ।
  1. हर खाते के नाम पक्ष का योग नाम खाने में और जमा पक्ष का योग जमा खाने में लिखो। केवल वास्तविक खतौनियाँ जोड़ी जाती हैं; संतुलन राशि “शेष आगे ले गए (c/d)” शामिल नहीं होती।
  2. रोकड़: नाम पक्ष का योग 1,83,000 है। जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए” छोड़कर केवल भुगतान जोड़ो: 25,000 + 60,000 + 12,000 + 30,000 + 16,000 = 1,43,000। इसलिए रोकड़ में 1,83,000 (नाम) और 1,43,000 (जमा) आएगा।
  3. दोनों खाने जोड़ो: नाम = 1,83,000 + 1,10,000 + 30,000 + 32,000 + 25,000 + 12,000 + 16,000 = 4,08,000। जमा = 1,20,000 + 1,43,000 + 50,000 + 77,000 + 18,000 = 4,08,000।
खाते का नामब.पृ.सं.नाम योग (₹)जमा योग (₹)
मीरा की पूँजी1,20,000
रोकड़1,83,0001,43,000
क्रय1,10,000
कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स30,00050,000
विक्रय77,000
अरुण32,00018,000
फर्नीचर25,000
किराया12,000
वेतन16,000
योग4,08,0004,08,000
दोनों योग ₹4,08,000 हैं, इसलिए योग मिल गए।

योग विधि सिद्ध करती है कि कुल नाम खतौनी कुल जमा खतौनी के बराबर है। पर यह किसी खाते का शेष नहीं दिखाती, इसलिए वित्तीय विवरण बनाने में सीधे मदद नहीं करती। इसीलिए व्यवहार में इसका प्रयोग बहुत कम होता है।

5.2 शेष विधि (जो तुम प्रयोग करोगे)

मीरा मोबाइल्स का 30 अप्रैल 2026 का तलपट शेष विधि से बनाओ।
  1. हर खाते का शेष सही खाने में लिखो: परिसंपत्तियाँ और व्यय नाम में; पूँजी, देयताएँ और आय जमा में।
  2. नाम: रोकड़ 40,000 + क्रय 1,10,000 + अरुण 14,000 + फर्नीचर 25,000 + किराया 12,000 + वेतन 16,000 = 2,17,000।
  3. जमा: पूँजी 1,20,000 + कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स 20,000 + विक्रय 77,000 = 2,17,000।
खाते का नामब.पृ.सं.नाम शेष (₹)जमा शेष (₹)
मीरा की पूँजी1,20,000
रोकड़40,000
क्रय1,10,000
कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स (लेनदार)20,000
विक्रय77,000
अरुण (देनदार)14,000
फर्नीचर25,000
किराया12,000
वेतन16,000
योग2,17,0002,17,000
तलपट ₹2,17,000 पर मिल गया।

ध्यान दो: योग विधि से ₹4,08,000 आया और शेष विधि से ₹2,17,000। दोनों सही हैं। अंतर इसलिए है कि शेष किसी खाते का शुद्ध परिणाम (योग घटा योग) है, इसलिए दोनों पक्षों की बराबर राशियाँ कट जाती हैं। दोनों योगों का अंतर दोनों ओर हमेशा एक-सा रहता है: 4,08,000 − 2,17,000 = 1,91,000 हर ओर।

5.3 योग-सह-शेष विधि

मीरा का तलपट योग-सह-शेष विधि से दिखाओ।
  1. पहले दो राशि खानों में योग (5.1 से) लिखो।
  2. अंतिम दो राशि खानों में शेष (5.2 से) लिखो।
  3. चारों खाने जोड़ो; हर जोड़ी मिलनी चाहिए।
खाते का नामब.पृ.सं.नाम योग (₹)जमा योग (₹)नाम शेष (₹)जमा शेष (₹)
मीरा की पूँजी1,20,0001,20,000
रोकड़1,83,0001,43,00040,000
क्रय1,10,0001,10,000
कपूर डिस्ट्रीब्यूटर्स30,00050,00020,000
विक्रय77,00077,000
अरुण32,00018,00014,000
फर्नीचर25,00025,000
किराया12,00012,000
वेतन16,00016,000
योग4,08,0004,08,0002,17,0002,17,000

यह विधि अधिक जानकारी देती है, पर समय अधिक लेती है और कोई खास अतिरिक्त लाभ नहीं देती, इसलिए इसका प्रयोग भी व्यवहार में बहुत कम होता है।

आधारयोग विधिशेष विधियोग-सह-शेष
राशि के खाने2 (योग)2 (शेष)4
वित्तीय विवरण बनाने में मदद?नहींहाँहाँ
व्यवहार में प्रयोगकमसबसे अधिककम (समय लेने वाली)

6. शेषों की सूची से तलपट बनाना

बोर्ड परीक्षा में आमतौर पर शेषों की सूची दी जाती है और तुम्हें हर शेष सही खाने में रखना होता है। ये चरण अपनाओ:

  1. शीर्षक लिखो: “… का तलपट … को”।
  2. हर शेष को एक-एक करके लो और पूछो: परिसंपत्ति, व्यय, हानि या आहरण? → नाम। पूँजी, देयता, आय या अभिलाभ? → जमा।
  3. नाम खाना और जमा खाना जोड़ो।
  4. जाँचो कि दोनों योग बराबर हैं। अगर नहीं, तो सबसे पहले हर मद का खाना दोबारा जाँचो।
शर्मा ट्रेडर्स के निम्नलिखित शेषों से 31 मार्च 2027 का तलपट बनाओ: पूँजी ₹1,50,000; आहरण ₹24,000; स्टॉक (1 अप्रैल 2026) ₹35,000; क्रय ₹3,20,000; विक्रय ₹4,60,000; विक्रय वापसी ₹12,000; क्रय वापसी ₹8,000; मज़दूरी ₹18,000; आवक गाड़ी-भाड़ा ₹1,000; वेतन ₹60,000; किराया ₹36,000; ऋण पर ब्याज ₹6,000; दिया गया बट्टा ₹3,000; प्राप्त कमीशन ₹7,000; फर्नीचर ₹45,000; मशीनरी ₹1,20,000; देनदार ₹68,000; लेनदार ₹54,000; बैंक अधिविकर्ष ₹25,000; बैंक ऋण ₹60,000; हस्तस्थ रोकड़ ₹16,000।
  1. नाम मदें (परिसंपत्तियाँ, व्यय, हानियाँ, आहरण): आहरण, स्टॉक, क्रय, विक्रय वापसी, मज़दूरी, आवक गाड़ी-भाड़ा, वेतन, किराया, ऋण पर ब्याज, दिया गया बट्टा, फर्नीचर, मशीनरी, देनदार, रोकड़।
  2. जमा मदें (पूँजी, देयताएँ, आय): पूँजी, विक्रय, क्रय वापसी, प्राप्त कमीशन, लेनदार, बैंक अधिविकर्ष, बैंक ऋण।
  3. नाम योग = 24,000 + 35,000 + 3,20,000 + 12,000 + 18,000 + 1,000 + 60,000 + 36,000 + 6,000 + 3,000 + 45,000 + 1,20,000 + 68,000 + 16,000 = 7,64,000।
  4. जमा योग = 1,50,000 + 4,60,000 + 8,000 + 7,000 + 54,000 + 25,000 + 60,000 = 7,64,000।
शर्मा ट्रेडर्स का तलपट 31 मार्च 2027 को
खाते का नामब.पृ.सं.नाम शेष (₹)जमा शेष (₹)
पूँजी1,50,000
आहरण24,000
स्टॉक (1 अप्रैल 2026)35,000
क्रय3,20,000
विक्रय4,60,000
विक्रय वापसी12,000
क्रय वापसी8,000
मज़दूरी18,000
आवक गाड़ी-भाड़ा1,000
वेतन60,000
किराया36,000
ऋण पर ब्याज6,000
दिया गया बट्टा3,000
प्राप्त कमीशन7,000
फर्नीचर45,000
मशीनरी1,20,000
विविध देनदार68,000
विविध लेनदार54,000
बैंक अधिविकर्ष25,000
बैंक ऋण60,000
हस्तस्थ रोकड़16,000
योग7,64,0007,64,000

अब इंटरैक्टिव तलपट बिल्डर में खुद करके देखो। हर शेष के लिए खाना चुनो और देखो कि योग मिलते हैं या नहीं:

6.1 लुप्त राशि ज्ञात करना

परीक्षा के प्रश्नों में कभी-कभी एक राशि, आमतौर पर पूँजी, नहीं दी जाती। क्योंकि तलपट को मिलना ही है, लुप्त राशि बस दोनों खानों का अंतर होती है।

गुप्ता किराना स्टोर के 31 मार्च 2027 के शेष: रोकड़ ₹12,000; बैंक ₹38,000; प्रारंभिक स्टॉक ₹20,000; क्रय ₹90,000; विक्रय ₹1,40,000; किराया ₹18,000; वेतन ₹24,000; देनदार ₹15,000; लेनदार ₹22,000; फर्नीचर ₹30,000; आहरण ₹8,000; पूँजी: ? पूँजी ज्ञात करो (₹ में)।

पहले नाम शेष जोड़ो। पूँजी जमा शेष है, इसलिए पूँजी = नाम योग − बाकी जमा शेष।
नाम योग = 12,000 + 38,000 + 20,000 + 90,000 + 18,000 + 24,000 + 15,000 + 30,000 + 8,000 = 2,55,000। बाकी जमा = विक्रय 1,40,000 + लेनदार 22,000 = 1,62,000। पूँजी = 2,55,000 − 1,62,000 = ₹93,000। तब तलपट ₹2,55,000 पर मिल जाता है।

ऊपर के प्रश्न में पूँजी लिखने के बाद गुप्ता किराना स्टोर के तलपट के हर खाने का योग क्या होगा (₹ में)?

यह नाम शेषों के योग के बराबर है।
नाम खाना = 2,55,000; जमा खाना = 1,40,000 + 22,000 + 93,000 = 2,55,000। योग = ₹2,55,000।
तलपट है:
  • एक खाता
  • एक विवरण
  • एक सहायक बही
  • एक प्रधान बही
यह खाता बही के शेषों का विवरण (सूची) है। इसमें खाते की तरह नाम/जमा पक्ष नहीं होते और यह न प्रारंभिक प्रविष्टि की बही है न खाता बही।
निम्नलिखित में से कौन-सा शेष तलपट के नाम खाने में आता है?
  • क्रय वापसी
  • बैंक अधिविकर्ष
  • प्राप्त कमीशन
  • विक्रय वापसी
विक्रय वापसी विक्रय (जमा) को घटाती है, इसलिए इसका शेष नाम होता है। क्रय वापसी, बैंक अधिविकर्ष और प्राप्त कमीशन सभी जमा शेष हैं।

बोर्ड टिप: 3 या 4 अंक के तलपट प्रश्न में अंक “को” वाले सही शीर्षक, हर मद के सही खाने और बराबर योग पर मिलते हैं। योग साफ़-सुथरे ढंग से लिखो और शीर्षक में तिथि ज़रूर लिखो। तलपट खतौनी और शेष निकालने का काम पूरा होने के बाद बनता है, पहले कभी नहीं।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • तलपट खाता बही के सभी शेषों का विवरण (खाता नहीं) है, जो खतौनी की गणितीय शुद्धता जाँचने के लिए किसी तिथि "को" बनाया जाता है।
  • परिसंपत्तियाँ, व्यय, हानियाँ, आहरण और देनदार नाम शेष हैं; पूँजी, देयताएँ, आय, अभिलाभ और लेनदार जमा शेष हैं।
  • बैंक अधिविकर्ष जमा, विक्रय वापसी नाम, क्रय वापसी जमा और प्रारंभिक स्टॉक नाम होता है।
  • उद्देश्य: गणितीय शुद्धता जाँचना, अशुद्धियाँ ढूँढने में मदद, वित्तीय विवरण बनाने में मदद (यह खाता बही को उनसे जोड़ता है)।
  • विधियाँ: योग, शेष (सबसे अधिक प्रयुक्त) और योग-सह-शेष; लुप्त राशि दोनों खानों का अंतर होती है।
  • मिलान वाला तलपट शुद्धता का अंतिम प्रमाण नहीं है: कुछ अशुद्धियाँ योगों को नहीं बिगाड़तीं।

दबाने से आपकी प्रगति इसी फ़ोन/कंप्यूटर पर सेव होगी।