₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
अध्याय 7 · पाठ 3 / 5 · ⏱ 35 मिनट

बहियों में मूल्यह्रास का लेखा

🎯 इस पाठ के बाद आप यह कर पाओगे:
  • जब मूल्यह्रास परिसंपत्ति खाते में लगाया जाए तब रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कर पाओगे
  • मूल्यह्रास प्रावधान खाता रखने पर रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कर पाओगे
  • कई वर्षों के लिए परिसंपत्ति खाता, मूल्यह्रास खाता और प्रावधान खाता बना पाओगे
  • दोनों पद्धतियों में तुलन-पत्र में परिसंपत्ति सही ढंग से दिखा पाओगे

अब तुम मूल्यह्रास की गणना कर सकते हो। पर कच्चे काम की संख्या तब तक लेखांकन नहीं बनती जब तक उसे लिखा न जाए। इसे लिखने के दो तरीके हैं। पहले में हर वर्ष परिसंपत्ति खाते को ही घटाते हैं। दूसरे में परिसंपत्ति खाते को उसकी लागत पर जैसा का तैसा छोड़ देते हैं और मूल्यह्रास को एक अलग खाते में इकट्ठा करते हैं जिसे मूल्यह्रास प्रावधान खाता (Provision for Depreciation A/c) कहते हैं। दोनों में लाभ समान आता है; अंतर इसमें है कि खाता बही और तुलन-पत्र क्या दिखाते हैं। बोर्ड पेपर में इस पाठ से 6 अंक के खाता बही प्रश्न खूब आते हैं, इसलिए हर खाता मेरे साथ लिखते चलो।

1. साझा पहला कदम: खरीद का लेखा

पद्धति कोई भी हो, परिसंपत्ति पहले अपनी पूरी लागत (मूल्य + स्थापना + भाड़ा आदि) पर लिखी जाती है, केवल खरीद के वर्ष में।

परिसंपत्ति खाता नाम   बैंक खाते से / रोकड़ खाते से / आपूर्तिकर्ता के खाते से

क्रय मूल्य के साथ, और अलग से या साथ में, स्थापना व अन्य खर्चों के साथ।

1 अप्रैल 2026 को आहूजा इंजीनियरिंग से ₹1,50,000 की मशीन उधार खरीदी।

मशीन एक परिसंपत्ति है, दोबारा बेचने का माल नहीं। लेनदार कौन है?
परिसंपत्ति मशीनरी बढ़ती है (नाम) और आहूजा इंजीनियरिंग के प्रति देयता बनती है (जमा)। क्रय खाता केवल दोबारा बेचने के लिए खरीदे माल के लिए है।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 1
मशीनरी खाता नाम1,50,000
आहूजा इंजीनियरिंग के खाते से1,50,000
(मशीन उधार खरीदी)

2. पद्धति 1: मूल्यह्रास को परिसंपत्ति खाते में लगाना

यहाँ मूल्यह्रास परिसंपत्ति खाते में ही जमा किया जाता है, इसलिए परिसंपत्ति खाते का शेष हर वर्ष घटता है। हर वर्ष के अंत में दो प्रविष्टियाँ होती हैं:

(a) मूल्यह्रास खाता नाम   परिसंपत्ति खाते से   (परिसंपत्ति पर मूल्यह्रास लगाने के लिए)

(b) लाभ-हानि खाता नाम   मूल्यह्रास खाते से   (मूल्यह्रास को लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करने के लिए)

तुलन-पत्र: परिसंपत्ति अपने शुद्ध पुस्तक मूल्य (लागत घटाओ अब तक का मूल्यह्रास) पर दिखती है।

खुर्जा की आहूजा प्रिंटर्स 1 अप्रैल 2026 को ₹1,80,000 की मशीन चेक से खरीदती है और उसकी स्थापना के ₹20,000 नकद देती है। उपयोगी जीवनकाल 5 वर्ष, शुद्ध अवशिष्ट मूल्य ₹20,000। SLM से मूल्यह्रास = (2,00,000 − 20,000) ÷ 5 = ₹36,000 प्रति वर्ष। बहियाँ 31 मार्च को बंद होती हैं। आओ सब कुछ लिखें।

आहूजा प्रिंटर्स की बहियों में 2026-27 की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो (मूल्यह्रास परिसंपत्ति खाते में लगाया जाता है)।
  1. खरीद: मशीनरी खाता नाम ₹1,80,000 बैंक खाते से; स्थापना: मशीनरी खाता नाम ₹20,000 रोकड़ खाते से। स्थापना खर्च पूँजीकृत होता है, यानी मशीन की लागत में जुड़ता है।
  2. 31 मार्च 2027: मूल्यह्रास खाता नाम, मशीनरी खाते से ₹36,000।
  3. 31 मार्च 2027: लाभ-हानि खाता नाम, मूल्यह्रास खाते से ₹36,000।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2026
अप्रैल 1
मशीनरी खाता नाम1,80,000
बैंक खाते से1,80,000
(मशीन चेक द्वारा खरीदी)
अप्रैल 1मशीनरी खाता नाम20,000
रोकड़ खाते से20,000
(स्थापना खर्च चुकाया)
2027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाता नाम36,000
मशीनरी खाते से36,000
(मशीनरी पर मूल्यह्रास लगाया)
मार्च 31लाभ-हानि खाता नाम36,000
मूल्यह्रास खाते से36,000
(मूल्यह्रास लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित किया)
योग2,72,0002,72,000
आहूजा प्रिंटर्स का पहले तीन वर्षों का मशीनरी खाता और मूल्यह्रास खाता बनाओ।
  1. वर्ष 1: नाम पक्ष में बैंक 1,80,000 और रोकड़ 20,000; जमा पक्ष में मूल्यह्रास 36,000 और शेष 1,64,000 आगे ले गए।
  2. वर्ष 2 और 3: आगे लाए शेष से शुरू करो, ₹36,000 मूल्यह्रास जमा करो, बाकी आगे ले जाओ: 1,28,000, फिर 92,000।
  3. मूल्यह्रास खाता ₹36,000 से नाम (मशीनरी से) होता है और हर वर्ष लाभ-हानि में हस्तांतरण से बंद हो जाता है। इसका कभी शेष नहीं रहता।
नाममशीनरी खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
बैंक खाते से1,80,0002027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
अप्रैल 1रोकड़ खाते से (स्थापना)20,000मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)1,64,000
2,00,0002,00,000
2027
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)1,64,0002028
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)1,28,000
1,64,0001,64,000
2028
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)1,28,0002029
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)92,000
1,28,0001,28,000
2029
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)92,000
नाममूल्यह्रास खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2027
मार्च 31
मशीनरी खाते से36,0002027
मार्च 31
लाभ-हानि खाते द्वारा36,000
2028
मार्च 31
मशीनरी खाते से36,0002028
मार्च 31
लाभ-हानि खाते द्वारा36,000
2029
मार्च 31
मशीनरी खाते से36,0002029
मार्च 31
लाभ-हानि खाते द्वारा36,000

शर्मा ट्रेडर्स 31 मार्च 2027 को फर्नीचर पर ₹4,000 का मूल्यह्रास सीधे परिसंपत्ति खाते में लगाती है। वर्ष के अंत की पहली प्रविष्टि करो।

इस पद्धति में परिसंपत्ति खाता ही घटाया जाता है।
मूल्यह्रास एक व्यय है (नाम)। परिसंपत्ति खाता पद्धति में फर्नीचर खाता जमा होता है, जिससे उसका शेष घटता है।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाता नाम4,000
फर्नीचर खाते से4,000
(फर्नीचर पर मूल्यह्रास लगाया)

2.1 यही पद्धति WDV और वर्ष के बीच की खरीद के साथ

शर्मा ट्रेडर्स ने 1 अक्टूबर 2026 को ₹80,000 का फर्नीचर खरीदा। क्रमागत ह्रास मूल्य पर 10% वार्षिक मूल्यह्रास परिसंपत्ति खाते में लगाया जाता है। बहियाँ 31 मार्च को बंद होती हैं। तीन वर्ष का फर्नीचर खाता बनाओ।
  1. 2026-27 (6 महीने): 80,000 × 10% × 6/12 = ₹4,000 → शेष 76,000।
  2. 2027-28: 76,000 का 10% = ₹7,600 → शेष 68,400।
  3. 2028-29: 68,400 का 10% = ₹6,840 → शेष 61,560।
नामफर्नीचर खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अक्टूबर 1
बैंक खाते से80,0002027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा4,000
मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)76,000
80,00080,000
2027
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)76,0002028
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा7,600
मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)68,400
76,00076,000
2028
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)68,4002029
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा6,840
मार्च 31शेष आगे ले गए (c/d)61,560
68,40068,400
2029
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)61,560

1 अप्रैल 2026 को ₹1,50,000 की एक मशीन खरीदी गई। WDV पर 10% वार्षिक मूल्यह्रास परिसंपत्ति खाते में लगाया जाता है। 1 अप्रैल 2028 को मशीनरी खाते का आगे लाया शेष (₹ में) कितना होगा?

दो पूरे वर्षों का मूल्यह्रास: 15,000, फिर 1,35,000 का 10%।
2026-27: 15,000 → 1,35,000। 2027-28: 13,500 → 1,21,500। 1 अप्रैल 2028 को आगे लाया शेष = ₹1,21,500।

3. पद्धति 2: मूल्यह्रास प्रावधान खाता बनाना

यहाँ परिसंपत्ति खाते को छुआ नहीं जाता। वह वर्ष-दर-वर्ष मूल लागत पर बना रहता है। हर वर्ष का मूल्यह्रास एक अलग खाते में इकट्ठा (संचित) किया जाता है जिसे मूल्यह्रास प्रावधान खाता या संचित मूल्यह्रास खाता (Accumulated Depreciation A/c) कहते हैं। इस खाते का जमा शेष हर वर्ष बढ़ता है।

(a) मूल्यह्रास खाता नाम   मूल्यह्रास प्रावधान खाते से

(b) लाभ-हानि खाता नाम   मूल्यह्रास खाते से

तुलन-पत्र: परिसंपत्ति मूल लागत पर दिखाई जाती है; प्रावधान परिसंपत्ति पक्ष में परिसंपत्ति में से घटाकर दिखाया जाता है (या, जैसा NCERT भी मानती है, देयता पक्ष में)।

आहूजा प्रिंटर्स अब मूल्यह्रास प्रावधान खाता रखती है। 31 मार्च 2027 को वह मशीनरी पर ₹36,000 का मूल्यह्रास लिखती है। वर्ष के अंत की पहली प्रविष्टि करो।

इस पद्धति में परिसंपत्ति खाते को छुआ नहीं जाता।
व्यय नाम होता है; जमा मूल्यह्रास प्रावधान खाते में जाता है, जो अब तक का सारा मूल्यह्रास इकट्ठा करता है। मशीनरी खाता ₹2,00,000 पर ही रहता है।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाता नाम36,000
मूल्यह्रास प्रावधान खाते से36,000
(मशीनरी पर मूल्यह्रास का प्रावधान किया)

आहूजा प्रिंटर्स के ₹36,000 के मूल्यह्रास के लिए वर्ष के अंत की दूसरी प्रविष्टि करो (दोनों पद्धतियों में समान)।

मूल्यह्रास एक व्यय है; व्यय लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित करके बंद किए जाते हैं।
लाभ-हानि खाता नाम होता है (वह व्यय वहन करता है) और मूल्यह्रास खाता जमा होता है, जिससे वह बंद हो जाता है।
तिथिविवरणब.पृ.सं.नाम राशि (₹)जमा राशि (₹)
2027
मार्च 31
लाभ-हानि खाता नाम36,000
मूल्यह्रास खाते से36,000
(मूल्यह्रास लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित किया)
आहूजा प्रिंटर्स (मशीन की लागत ₹2,00,000, मूल्यह्रास ₹36,000 प्रति वर्ष) के लिए तीन वर्ष का मशीनरी खाता और मूल्यह्रास प्रावधान खाता बनाओ, और 31 मार्च 2029 के तुलन-पत्र में मशीन दिखाओ।
  1. मशीनरी खाता: खरीद पर ₹2,00,000 से नाम; हर वर्ष केवल ₹2,00,000 पर आगे ले जाया जाता है।
  2. मूल्यह्रास प्रावधान खाता: हर वर्ष ₹36,000 से जमा; शेष बढ़ता है 36,000 → 72,000 → 1,08,000।
  3. 31 मार्च 2029 का तुलन-पत्र: मशीनरी 2,00,000 घटाओ प्रावधान 1,08,000 = 92,000। शुद्ध आँकड़ा पद्धति 1 जैसा ही ₹92,000 है।
नाममशीनरी खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2026
अप्रैल 1
बैंक खाते से1,80,0002027
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)2,00,000
अप्रैल 1रोकड़ खाते से (स्थापना)20,000
2,00,0002,00,000
2027
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)2,00,0002028
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)2,00,000
2028
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)2,00,0002029
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)2,00,000
2029
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)2,00,000
नाममूल्यह्रास प्रावधान खाताजमा
तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹तिथिविवरणरो.पृ.सं.₹
2027
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)36,0002027
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
36,00036,000
2028
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)72,0002027
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)36,000
2028
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
72,00072,000
2029
मार्च 31
शेष आगे ले गए (c/d)1,08,0002028
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)72,000
2029
मार्च 31
मूल्यह्रास खाते द्वारा36,000
1,08,0001,08,000
2029
अप्रैल 1
शेष आगे लाए (b/d)1,08,000
31 मार्च 2029 का तुलन-पत्र (अंश) — परिसंपत्ति पक्ष₹
मशीनरी (लागत पर)2,00,000
घटाओ: मूल्यह्रास प्रावधान(1,08,000)92,000

1 अप्रैल 2026 को ₹3,00,000 का उपकरण खरीदा गया। मूल लागत पर 10% वार्षिक मूल्यह्रास मूल्यह्रास प्रावधान खाते में इकट्ठा किया जाता है। 31 मार्च 2029 को प्रावधान खाते का शेष (₹ में) कितना होगा?

तीन पूरे वर्ष, हर एक में 30,000।
वार्षिक मूल्यह्रास = 3,00,000 का 10% = 30,000। 3 वर्ष (2026-27, 2027-28, 2028-29) बाद प्रावधान = 30,000 × 3 = ₹90,000 (जमा शेष)। उपकरण खाता अब भी ₹3,00,000 दिखाता है।

यदि कोई फर्म प्रावधान खाते के साथ WDV अपनाती है, तो हर वर्ष का WDV = लागत − वर्ष के आरंभ में प्रावधान का शेष, और दर उसी आँकड़े पर लगाई जाती है।

4. दोनों पद्धतियाँ साथ-साथ

आधारपरिसंपत्ति खाते में लगानामूल्यह्रास प्रावधान खाता
मूल्यह्रास प्रविष्टि में जमापरिसंपत्ति खातामूल्यह्रास प्रावधान खाता
परिसंपत्ति खाते का शेषहर वर्ष घटता है (शुद्ध पुस्तक मूल्य)मूल लागत पर रहता है
अब तक का कुल मूल्यह्राससीधे दिखाई नहीं देताप्रावधान खाते में दिखता है
तुलन-पत्रपरिसंपत्ति पुस्तक मूल्य परपरिसंपत्ति लागत पर, घटाओ प्रावधान
लाभ पर प्रभावसमान: दोनों में लाभ-हानि खाता वर्ष के मूल्यह्रास से नाम होता है

तीन आम गलतियाँ: (i) मूल्यह्रास प्रावधान को जमा करना और साथ में परिसंपत्ति खाता भी घटाना (दोहरी गिनती); (ii) वर्ष के अंत में मूल्यह्रास खाते में शेष दिखाना (यह हमेशा लाभ-हानि में बंद होता है); (iii) प्रावधान खाते के जमा पक्ष में “शेष आगे ले गए” लिखना। प्रावधान का शेष जमा होता है, इसलिए उसका c/d नाम पक्ष में जाता है।

जब मूल्यह्रास प्रावधान खाता रखा जाता है, तो तुलन-पत्र में स्थायी परिसंपत्ति दिखती है:
  • मूल लागत पर, उसमें से प्रावधान घटाकर
  • केवल क्रमागत ह्रास मूल्य पर, लागत का कोई उल्लेख नहीं
  • बाज़ार मूल्य पर
  • मूल लागत जमा प्रावधान पर
परिसंपत्ति खाता कभी घटाया नहीं जाता, इसलिए वह लागत पर रहता है; शुद्ध पुस्तक मूल्य दिखाने के लिए संचित प्रावधान घटाया जाता है।

एक ही प्रश्न पूछो: “जमा कहाँ गया?” परिसंपत्ति खाते में → पद्धति 1। प्रावधान खाते में → पद्धति 2। नाम हमेशा मूल्यह्रास खाता होता है, और मूल्यह्रास खाता हमेशा लाभ-हानि में जाकर बंद होता है।

📌 याद रखने वाली बातें (त्वरित दोहराव)

  • खरीद प्रविष्टि: परिसंपत्ति खाता नाम, बैंक/रोकड़/आपूर्तिकर्ता से, स्थापना और भाड़े सहित पूरी लागत पर।
  • पद्धति 1: मूल्यह्रास खाता नाम, परिसंपत्ति खाते से; तुलन-पत्र में परिसंपत्ति शुद्ध पुस्तक मूल्य पर।
  • पद्धति 2: मूल्यह्रास खाता नाम, मूल्यह्रास प्रावधान खाते से; परिसंपत्ति लागत पर रहती है, प्रावधान (जमा शेष) उसमें से घटाया जाता है।
  • दोनों में वर्ष के अंत में: लाभ-हानि खाता नाम, मूल्यह्रास खाते से; मूल्यह्रास खाते का कभी शेष नहीं रहता।
  • दोनों पद्धतियों में लाभ समान रहता है; केवल प्रस्तुति अलग होती है।

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