₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
📝 अध्याय टेस्ट

नींव: व्यापार और पैसे की बुनियादी बातें

पहले कॉपी-पेन ले लो। हर प्रश्न खुद हल करो, फिर विकल्प चुनो। पहली बार जो चुना वही स्कोर में गिना जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी मत करना।

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भाग A: MCQ (हर एक 1 अंक)

Q1. एक स्टेशनरी दुकान ₹12 प्रति पेन की दर से 50 पेन ख़रीदती है और उनमें से 40 पेन ₹15 प्रति पेन बेचती है। लाभ कितना है?
  • ₹0
  • ₹120
  • ₹150
  • ₹600
लाभ सिर्फ़ बिके माल पर होता है। विक्रय = 40 × ₹15 = ₹600; बिके 40 पेन की लागत = 40 × ₹12 = ₹480; लाभ = ₹120। बिना बिके 10 पेन (लागत पर ₹120) अंतिम स्टॉक हैं, हानि नहीं।
Q2. लेखांकन में एक मोबाइल फ़ोन स्टोर के लिए इनमें से "क्रय" क्या है?
  • शोरूम के लिए नया AC
  • बिलिंग के लिए कंप्यूटर
  • दोबारा बेचने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर से ख़रीदे 20 स्मार्टफ़ोन
  • काउंटर के लिए फर्नीचर
क्रय का मतलब सिर्फ़ दोबारा बेचने के लिए ख़रीदा गया माल है। AC, कंप्यूटर और फर्नीचर व्यापार में उपयोग के लिए ख़रीदे गए हैं, इसलिए वे परिसंपत्तियाँ हैं, क्रय नहीं।
Q3. रवि ने शर्मा ट्रेडर्स से उधार माल ख़रीदा और अभी भुगतान नहीं किया। शर्मा ट्रेडर्स की पुस्तकों में रवि है:
  • देनदार
  • लेनदार
  • स्वामी
  • आपूर्तिकर्ता
रवि पर शर्मा ट्रेडर्स का पैसा बाकी है, इसलिए वह उनके लिए देनदार है। (रवि की अपनी पुस्तकों में शर्मा ट्रेडर्स लेनदार होंगे।)
Q4. एक किराना दुकान का मालिक अपने घर का ₹1,800 का बिजली बिल दुकान की नकदी से चुकाता है। यह है:
  • दुकान का बिजली व्यय
  • पूँजी
  • आहरण
  • व्यापार की हानि
मालिक के निजी या पारिवारिक उपयोग के लिए व्यापार से निकाला गया पैसा आहरण है। सिर्फ़ दुकान का अपना बिजली बिल व्यापार का व्यय है।
Q5. ₹1,600 की लागत वाली वस्तु ₹2,000 में बेची गई। लाभ % कितना है?
  • 20%
  • 25%
  • 40%
  • 400%
लाभ = ₹400। लाभ % क्रय मूल्य पर: ₹400 ÷ ₹1,600 × 100 = 25%। विक्रय मूल्य पर लेना (₹400 ÷ ₹2,000 = 20%) आम ग़लती है।
Q6. माल का सूची मूल्य ₹40,000, व्यापारिक बट्टा 10% और GST 12% (राज्य के भीतर) है। बीजक का कुल योग कितना है?
  • ₹40,320
  • ₹44,800
  • ₹36,000
  • ₹40,800
कर योग्य मूल्य = ₹40,000 − ₹4,000 = ₹36,000। ₹36,000 पर 12% GST = ₹4,320 (CGST ₹2,160 + SGST ₹2,160)। कुल = ₹36,000 + ₹4,320 = ₹40,320। GST कभी सूची मूल्य पर नहीं निकलता।
Q7. ₹40,000 के ऋण पर 9% वार्षिक दर से 4 महीने का ब्याज है:
  • ₹14,400
  • ₹3,600
  • ₹1,200
  • ₹1,440
साधारण ब्याज = P × R × T ÷ 100, T वर्षों में: ₹40,000 × 9 ÷ 100 × 4 ÷ 12 = ₹3,600 × 1/3 = ₹1,200।
Q8. एक दो-पक्षीय खाते में नाम पक्ष का योग ₹27,000 और जमा पक्ष का योग ₹19,500 है। शेष की राशि है:
  • ₹7,500 नाम पक्ष में
  • ₹7,500 जमा पक्ष में
  • ₹46,500 जमा पक्ष में
  • ₹15,000 जमा पक्ष में
शेष = बड़ा योग − छोटा योग = ₹7,500, और यह छोटे पक्ष (जमा) में लिखा जाता है ताकि दोनों पक्षों का योग ₹27,000 हो।
Q9. अभिकथन–कारण अभिकथन (A): व्यापारिक बट्टा लेखा पुस्तकों में दर्ज नहीं किया जाता।
कारण (R): माल को व्यापारिक बट्टा घटाने के बाद की शुद्ध राशि पर दर्ज किया जाता है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
  • अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है: क्योंकि क्रय या विक्रय के रूप में सिर्फ़ शुद्ध मूल्य (सूची मूल्य − व्यापारिक बट्टा) दर्ज होता है, इसलिए व्यापारिक बट्टा पुस्तकों में अलग मद के रूप में कभी नहीं दिखता।
Q10. अभिकथन–कारण अभिकथन (A): दिल्ली के विक्रेता द्वारा उत्तर प्रदेश के ख़रीदार को बेचे गए माल पर CGST और SGST लगता है।
कारण (R): माल की अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर IGST लगता है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
  • अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
A ग़लत है: दिल्ली से उत्तर प्रदेश अंतर-राज्यीय आपूर्ति है, इसलिए IGST लगेगा, CGST + SGST नहीं। R सही है: विक्रेता और ख़रीदार अलग-अलग राज्यों में हों तो IGST लगता है।