लेखांकन — एक परिचय
पहले कॉपी-पेन ले लो। हर प्रश्न खुद हल करो, फिर विकल्प चुनो। पहली बार जो चुना वही स्कोर में गिना जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी मत करना।
भाग A: MCQ (हर एक 1 अंक)
- पुस्तकों में लेन-देन लिखने से
- लिखे जाने वाले लेन-देनों और घटनाओं की पहचान से
- वित्तीय विवरण बनाने से
- उपयोगकर्ताओं तक सूचना पहुँचाने से
- मैनेजर को ₹25,000 वेतन दिया
- नेहा को ₹12,000 का माल उधार बेचा
- अगले महीने से ₹25,000 मासिक पर नए मैनेजर की नियुक्ति
- ₹10,000 किराया UPI से दिया
- 1394
- 1494
- 1594
- 1941
- मुख्य वित्त अधिकारी
- स्टोर मैनेजर
- श्रमिक संघ
- पर्यवेक्षक
- प्रासंगिकता
- तुलनीयता
- विश्वसनीयता
- बोधगम्यता
- परिसंपत्ति पक्ष में, क्योंकि यह मालिक का पैसा है
- देयता पक्ष में, क्योंकि व्यापार को यह मालिक को देनी है
- व्यय पक्ष में
- यह तुलन पत्र में नहीं दिखाई जाती
- ₹26,400
- ₹27,000
- ₹26,460
- ₹29,400
- ₹6,000 का व्यापारिक लाभ
- ₹6,000 का अभिलाभ
- ₹6,000 की हानि
- ₹6,000 का आहरण
कारण (R): आहरण मालिक द्वारा निजी उपयोग के लिए पैसा या माल निकालना है, और यह मालिक की पूँजी घटाता है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
कारण (R): अंशधारी कंपनी के मालिक होते हैं।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
भाग B: परीक्षा जैसे प्रश्न
बहीखाता और लेखांकन में किन्हीं तीन आधारों पर अंतर बताइए।
| आधार | बहीखाता | लेखांकन |
|---|---|---|
| अर्थ | वित्तीय लेन-देनों को पुस्तकों में लिखना और उन्हें अद्यतन रखना | वित्तीय सूचना की पहचान, मापन, अभिलेखन, वर्गीकरण, सारांश, व्याख्या और संप्रेषण की प्रक्रिया |
| क्षेत्र | संकीर्ण; केवल अभिलेखन चरण | विस्तृत; बहीखाता लेखांकन का एक भाग है |
| कार्य की प्रकृति | नियमित और लिपिकीय | विश्लेषणात्मक; कौशल और विवेक चाहिए |
| परिणाम | पूरे, कालक्रमानुसार रिकॉर्ड | वित्तीय विवरण और रिपोर्ट जो उपयोगकर्ताओं को निर्णय में मदद करें |
(कोई तीन आधार, प्रत्येक 1 अंक।)
लेखांकन की तीन शाखाओं के नाम लिखिए और प्रत्येक का मुख्य उद्देश्य बताइए।
(i) वित्तीय लेखांकन: सभी वित्तीय लेन-देनों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखता है ताकि अवधि का लाभ या हानि और अंत में वित्तीय स्थिति पता चले, और प्रबंधन व अन्य इच्छुक पक्षों को वित्तीय सूचना दी जा सके। यह बीते समय से संबंधित और मुद्रा में होता है।
(ii) लागत लेखांकन: खर्च का विश्लेषण करके हर उत्पाद या सेवा की लागत निकालता है, मूल्य तय करने में मदद करता है, लागत नियंत्रित करता है और निर्णय के लिए प्रबंधन को लागत सूचना देता है।
(iii) प्रबंध लेखांकन: संगठन के अंदर के लोगों को नियोजन, नियंत्रण और निर्णय के लिए लेखा व अन्य (वित्तीय और गैर-वित्तीय) सूचना देता है, जैसे बजट, मूल्य-निर्धारण और पूँजीगत खर्च के निर्णय। इसका बड़ा भाग भविष्य से संबंधित होता है।
लेखांकन के चार मुख्य उद्देश्य लिखिए और समझाइए।
(i) व्यावसायिक लेन-देनों का रिकॉर्ड रखना: कोई भी व्यापार की अनगिनत खरीद, बिक्री, प्राप्तियाँ और भुगतान याद नहीं रख सकता, इसलिए पूरा और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाता है। इसे जाँचा जा सकता है और यह प्रमाण का काम करता है।
(ii) लाभ या हानि की गणना: मालिक किसी अवधि में अपने व्यापार का परिणाम जानना चाहते हैं। लाभ = आगम − व्यय; व्यय ज़्यादा हों तो अंतर हानि है। यह लाभ-हानि खाता बनाकर पता किया जाता है।
(iii) वित्तीय स्थिति का चित्रण: लेखांकन हर अवधि के अंत में तुलन पत्र द्वारा स्वामित्व वाली परिसंपत्तियाँ और उन पर दावे (देयताएँ) दिखाता है।
(iv) उपयोगकर्ताओं को लेखा सूचना देना: सूचना रिपोर्ट, विवरण, ग्राफ़ और चार्ट द्वारा आंतरिक (प्रबंधन) और बाहरी उपयोगकर्ताओं (निवेशक, ऋणदाता, सरकार आदि) तक उनके निर्णयों के लिए पहुँचाई जाती है।
लेखा सूचना के किन्हीं चार बाहरी उपयोगकर्ताओं की सूचना संबंधी आवश्यकताओं का वर्णन कीजिए।
(i) निवेशक और संभावित निवेशक: निवेश, बनाए रखने या बेचने का निर्णय लेने के लिए निवेश पर जोखिम और प्रतिफल, लाभप्रदता और शेयर का प्रदर्शन जानना चाहते हैं।
(ii) ऋणदाता और वित्तीय संस्थाएँ: साख, यानी व्यापार की समय पर ऋण लौटाने और ब्याज चुकाने की क्षमता, आँकना चाहते हैं।
(iii) सप्लायर और लेनदार: जानना चाहते हैं कि उनकी देय राशि समय पर मिलेगी या नहीं और व्यापार चलता रहेगा या नहीं।
(iv) सरकार और नियामक: कर निर्धारण (आयकर, GST, सीमा शुल्क), संसाधनों के आवंटन और कंपनी अधिनियम 2013 जैसे कानूनों के पालन की जाँच के लिए सूचना चाहते हैं।
(अन्य मान्य उपयोगकर्ता: कर्मचारी/श्रमिक संघ, ग्राहक, सामाजिक उत्तरदायित्व समूह, प्रतियोगी, अपनी-अपनी आवश्यकता सहित।)
रोहन ने 1 अप्रैल 2026 को ₹4,00,000 नकद से मोबाइल एक्सेसरीज़ का व्यापार शुरू किया। महीने में उसने ₹80,000 का फर्नीचर ख़रीदा; ₹1,50,000 का माल नकद और सागर ट्रेडर्स से ₹90,000 का माल उधार ख़रीदा; ₹1,20,000 का माल नकद और ₹60,000 का माल मोहित को उधार बेचा; वेतन ₹15,000 और किराया ₹10,000 दिया; दफ़्तर के उपयोग के लिए ₹35,000 का लैपटॉप ख़रीदा और बाद में ₹38,000 में बेच दिया; आग में ₹12,000 का माल नष्ट हुआ; और निजी उपयोग के लिए ₹8,000 नकद निकाले।
ज्ञात कीजिए: (a) पूँजी; (b) ख़रीदी गई स्थायी परिसंपत्तियों का मूल्य; (c) कुल क्रय; (d) कुल विक्रय; (e) लेनदार और देय राशि; (f) देनदार और प्राप्य राशि; (g) कुल व्यय; (h) अभिलाभ; (i) हानि; (j) व्ययों और हानियों का योग; (k) आहरण। यह भी बताइए कि आहरण व्यय है या नहीं।
| मद | उत्तर |
|---|---|
| (a) पूँजी | ₹4,00,000 |
| (b) ख़रीदी गई स्थायी परिसंपत्तियाँ | फर्नीचर ₹80,000 + लैपटॉप ₹35,000 = ₹1,15,000 |
| (c) क्रय | 1,50,000 + 90,000 = ₹2,40,000 |
| (d) विक्रय | 1,20,000 + 60,000 = ₹1,80,000 |
| (e) लेनदार | सागर ट्रेडर्स, ₹90,000 |
| (f) देनदार | मोहित, ₹60,000 |
| (g) व्यय | वेतन 15,000 + किराया 10,000 = ₹25,000 |
| (h) अभिलाभ | लैपटॉप विक्रय 38,000 − लागत 35,000 = ₹3,000 |
| (i) हानि | आग से नष्ट माल ₹12,000 |
| (j) व्यय और हानियाँ | 25,000 + 12,000 = ₹37,000 |
| (k) आहरण | ₹8,000 |
आहरण व्यय नहीं है; यह मालिक के निजी उपयोग के लिए निकासी है और उसकी पूँजी घटाता है।
नेहा खुर्जा में "नेहा बुटीक" चलाती हैं। अप्रैल 2026 के उनके रिकॉर्ड में: विक्रय ₹2,40,000; ग्राहकों से प्राप्त सिलाई-बदलाव शुल्क ₹16,000; बेचे गए माल की लागत ₹1,50,000; वेतन ₹36,000; किराया ₹20,000; बिजली ₹6,000। 30 अप्रैल को उन्होंने बुटीक से ₹10,000 की एक ड्रेस अपनी बहन को उपहार देने के लिए ली। मई में वे दो नई सिलाई मशीनें ख़रीदने के लिए बैंक से ऋण माँगती हैं।
(i) अप्रैल का कुल आगम ज्ञात कीजिए। (1)
(ii) अप्रैल का लाभ या हानि ज्ञात कीजिए। (1)
(iii) बहन के लिए ली गई ड्रेस का व्यवहार कैसे होगा? कारण दीजिए। (1)
(iv) बैंक आंतरिक उपयोगकर्ता है या बाहरी, और वह उनके खातों में मुख्यतः क्या देखेगा? (1)
(i) कुल आगम = 2,40,000 + 16,000 = ₹2,56,000।
(ii) कुल व्यय = 1,50,000 + 36,000 + 20,000 + 6,000 = ₹2,12,000। लाभ = 2,56,000 − 2,12,000 = ₹44,000।
(iii) यह आहरण (₹10,000) है: मालिक द्वारा निजी उपयोग के लिए निकाला गया माल। यह उनकी पूँजी घटाता है और व्यापार का व्यय नहीं है।
(iv) बैंक बाहरी उपयोगकर्ता है। वह उनकी साख और तरलता देखेगा, यानी समय पर ऋण लौटाने और ब्याज चुकाने की क्षमता।
इस अध्याय के टॉपर स्तर के 4 HOTS प्रश्न, संकेत और पूरे हल के साथ।