लेन-देनों का अभिलेखन – I
पहले कॉपी-पेन ले लो। हर प्रश्न खुद हल करो, फिर विकल्प चुनो। पहली बार जो चुना वही स्कोर में गिना जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी मत करना।
भाग A: MCQ (हर एक 1 अंक)
- खाता बही के खाते
- रोज़नामचा प्रविष्टि
- स्रोत प्रलेख
- तलपट
- ₹6,80,000
- ₹3,20,000
- ₹1,80,000
- ₹5,00,000
- नाम पक्ष में, क्योंकि व्यय पूँजी घटाते हैं
- जमा पक्ष में, क्योंकि व्यय पूँजी घटाते हैं
- जमा पक्ष में, क्योंकि रोकड़ बाहर जाती है
- सुविधा अनुसार किसी भी पक्ष में
- विक्रय खाता
- दान खाता
- स्टॉक खाता
- क्रय खाता
- कुल परिसंपत्तियाँ
- कुल देयताएँ
- कुल परिसंपत्तियाँ घटा कुल देयताएँ
- केवल रोकड़ और बैंक शेष
- ₹9,000
- ₹4,500
- ₹2,250
- शून्य, क्योंकि IGST लगेगा
- निर्गत CGST
- निर्गत SGST
- निर्गत IGST
- निर्गत CGST और SGST के विरुद्ध बराबर
- रोज़नामचे की वह पृष्ठ संख्या जहाँ से प्रविष्टि खतियाई गई
- खाता बही की पृष्ठ संख्या
- प्रमाणक की तिथि
- खाते का शेष
कारण (R): क्रय खाते में केवल दोबारा बेचने के लिए खरीदा गया माल लिखा जाता है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
कारण (R): आगत CGST का समायोजन निर्गत CGST के विरुद्ध किया जा सकता है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
भाग B: परीक्षा जैसे प्रश्न
कपूर ट्रेडर्स की पुस्तकों में निम्न लेन-देनों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो:
(क) ₹4,000 लागत का माल स्वामी निजी प्रयोग के लिए ले गया।
(ख) सुनील, जिस पर ₹6,000 बकाया थे, दिवालिया हो गया और उसकी संपत्ति से रुपये में 40 पैसे नकद मिले।
(ग) ₹5,000 कमीशन अग्रिम में नकद मिला।
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| (क) | आहरण खाता नाम | 4,000 | ||
| क्रय खाते से | 4,000 | |||
| (स्वामी ने निजी प्रयोग के लिए माल लिया) | ||||
| (ख) | रोकड़ खाता नाम | 2,400 | ||
| डूबत ऋण खाता नाम | 3,600 | |||
| सुनील के खाते से | 6,000 | |||
| (रुपये में 40 पैसे मिले, शेष डूबत ऋण के रूप में अपलिखित) | ||||
| (ग) | रोकड़ खाता नाम | 5,000 | ||
| अग्रिम प्राप्त कमीशन खाते से | 5,000 | |||
| (कमीशन अग्रिम में मिला) |
कार्यकारी नोट: (ख) रोकड़ = 6,000 का 40% = ₹2,400; डूबत ऋण = 6,000 − 2,400 = ₹3,600। (ग) जो कमीशन अभी कमाया नहीं गया, वह देयता है।
रेखा स्टोर्स के लेखांकन समीकरण पर निम्न लेन-देनों का प्रभाव दिखाओ:
(क) रेखा ने ₹1,50,000 रोकड़ और ₹50,000 के माल से व्यापार शुरू किया।
(ख) मोदी फर्नीचर से ₹20,000 का फर्नीचर उधार खरीदा।
(ग) ₹30,000 लागत का माल ₹42,000 में नकद बेचा।
| क्र. | रोकड़ | माल | फर्नीचर | कुल परिसंपत्तियाँ | = | लेनदार | पूँजी | योग |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| (क) | 1,50,000 | 50,000 | – | 2,00,000 | = | – | 2,00,000 | 2,00,000 |
| (ख) | – | – | +20,000 | +20,000 | = | +20,000 | – | +20,000 |
| शेष | 1,50,000 | 50,000 | 20,000 | 2,20,000 | = | 20,000 | 2,00,000 | 2,20,000 |
| (ग) | +42,000 | −30,000 | – | +12,000 | = | – | +12,000 | +12,000 |
| अंतिम | 1,92,000 | 20,000 | 20,000 | 2,32,000 | = | 20,000 | 2,12,000 | 2,32,000 |
(ग) में ₹12,000 का लाभ (42,000 − 30,000) पूँजी बढ़ाता है। परिसंपत्तियाँ ₹2,32,000 = देयताएँ ₹20,000 + पूँजी ₹2,12,000।
लखनऊ (उ.प्र.) के अर्जुन की पुस्तकों में रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो, GST @ 18%:
(i) रावत ट्रेडर्स, कानपुर (उ.प्र.) से ₹1,50,000 का माल उधार खरीदा।
(ii) सहगल एंड कंपनी, दिल्ली को ₹2,00,000 का माल बेचा; भुगतान NEFT से मिला।
(iii) लखनऊ में ₹1,00,000 का माल नकद बेचा।
(iv) दुकान का किराया ₹20,000 चेक से चुकाया (CGST 9% + SGST 9%)।
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| (i) | क्रय खाता नाम | 1,50,000 | ||
| आगत CGST खाता नाम | 13,500 | |||
| आगत SGST खाता नाम | 13,500 | |||
| रावत ट्रेडर्स के खाते से | 1,77,000 | |||
| (उ.प्र. के भीतर उधार माल खरीदा) | ||||
| (ii) | बैंक खाता नाम | 2,36,000 | ||
| विक्रय खाते से | 2,00,000 | |||
| निर्गत IGST खाते से | 36,000 | |||
| (दिल्ली को माल बेचा, IGST 18%) | ||||
| (iii) | रोकड़ खाता नाम | 1,18,000 | ||
| विक्रय खाते से | 1,00,000 | |||
| निर्गत CGST खाते से | 9,000 | |||
| निर्गत SGST खाते से | 9,000 | |||
| (उ.प्र. के भीतर नकद माल बेचा) | ||||
| (iv) | किराया खाता नाम | 20,000 | ||
| आगत CGST खाता नाम | 1,800 | |||
| आगत SGST खाता नाम | 1,800 | |||
| बैंक खाते से | 23,600 | |||
| (GST सहित किराया चुकाया) |
नेहा ट्रेडर्स की मई 2026 की निम्न रोज़नामचा प्रविष्टियों से रोकड़ खाता बनाओ और 31 मई 2026 को उसका शेष निकालो:
मई 1: रोकड़ खाता नाम ₹80,000, पूँजी खाते से
मई 5: क्रय खाता नाम ₹25,000, रोकड़ खाते से
मई 9: रोकड़ खाता नाम ₹14,000, विक्रय खाते से
मई 15: रोकड़ खाता नाम ₹7,840 और दिया गया बट्टा खाता नाम ₹160, अमित के खाते से ₹8,000
मई 20: किराया खाता नाम ₹6,000, रोकड़ खाते से
मई 25: बैंक खाता नाम ₹30,000, रोकड़ खाते से
मई 31: रोकड़ खाता नाम ₹2,000, प्राप्त कमीशन खाते से
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 मई 1 | पूँजी खाते से | 80,000 | 2026 मई 5 | क्रय खाते द्वारा | 25,000 | ||
| मई 9 | विक्रय खाते से | 14,000 | मई 20 | किराया खाते द्वारा | 6,000 | ||
| मई 15 | अमित के खाते से | 7,840 | मई 25 | बैंक खाते द्वारा | 30,000 | ||
| मई 31 | प्राप्त कमीशन खाते से | 2,000 | मई 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 42,840 | ||
| 1,03,840 | 1,03,840 | ||||||
| जून 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 42,840 |
मई 15 की प्रविष्टि का केवल रोकड़ भाग (₹7,840) रोकड़ खाते में जाता है; ₹160 का बट्टा दिया गया बट्टा खाते और अमित के खाते में खतियाया जाता है, रोकड़ खाते में नहीं। नाम योग 1,03,840 − जमा मदें 61,000 = ₹42,840 नाम शेष।
सिंह बुक डिपो के निम्न लेन-देनों की रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो और रोकड़ खाता, बैंक खाता तथा निखिल पब्लिशर्स के खाते में खतौनी करो। इन खातों का शेष निकालो। (GST छोड़ दो।)
2026
जून 1 ₹1,00,000 रोकड़ से व्यापार शुरू किया।
जून 3 ₹60,000 से बैंक खाता खोला।
जून 7 निखिल पब्लिशर्स से ₹40,000 की पुस्तकें उधार खरीदीं।
जून 12 नकद विक्रय ₹22,000।
जून 18 निखिल पब्लिशर्स को पूर्ण भुगतान में ₹39,200 का चेक दिया।
जून 24 कार्यालय के प्रयोग के लिए बैंक से ₹10,000 निकाले।
जून 30 ₹9,000 वेतन नकद दिया।
सिंह बुक डिपो का रोज़नामचा
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 2026 जून 1 | रोकड़ खाता नाम | 1,00,000 | ||
| पूँजी खाते से | 1,00,000 | |||
| (व्यापार रोकड़ से प्रारंभ किया) | ||||
| जून 3 | बैंक खाता नाम | 60,000 | ||
| रोकड़ खाते से | 60,000 | |||
| (बैंक खाता खोला) | ||||
| जून 7 | क्रय खाता नाम | 40,000 | ||
| निखिल पब्लिशर्स के खाते से | 40,000 | |||
| (पुस्तकें उधार खरीदीं) | ||||
| जून 12 | रोकड़ खाता नाम | 22,000 | ||
| विक्रय खाते से | 22,000 | |||
| (नकद विक्रय) | ||||
| जून 18 | निखिल पब्लिशर्स का खाता नाम | 40,000 | ||
| बैंक खाते से | 39,200 | |||
| प्राप्त बट्टा खाते से | 800 | |||
| (पूर्ण भुगतान में चेक दिया, बट्टा प्राप्त हुआ) | ||||
| जून 24 | रोकड़ खाता नाम | 10,000 | ||
| बैंक खाते से | 10,000 | |||
| (कार्यालय के प्रयोग के लिए बैंक से रोकड़ निकाली) | ||||
| जून 30 | वेतन खाता नाम | 9,000 | ||
| रोकड़ खाते से | 9,000 | |||
| (वेतन दिया) | ||||
| योग | 2,81,000 | 2,81,000 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 जून 1 | पूँजी खाते से | 1,00,000 | 2026 जून 3 | बैंक खाते द्वारा | 60,000 | ||
| जून 12 | विक्रय खाते से | 22,000 | जून 30 | वेतन खाते द्वारा | 9,000 | ||
| जून 24 | बैंक खाते से | 10,000 | जून 30 | शेष आगे ले गए (c/d) | 63,000 | ||
| 1,32,000 | 1,32,000 | ||||||
| जुलाई 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 63,000 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 जून 3 | रोकड़ खाते से | 60,000 | 2026 जून 18 | निखिल पब्लिशर्स के खाते द्वारा | 39,200 | ||
| जून 24 | रोकड़ खाते द्वारा | 10,000 | |||||
| जून 30 | शेष आगे ले गए (c/d) | 10,800 | |||||
| 60,000 | 60,000 | ||||||
| जुलाई 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 10,800 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 जून 18 | बैंक खाते से | 39,200 | 2026 जून 7 | क्रय खाते द्वारा | 40,000 | ||
| जून 18 | प्राप्त बट्टा खाते से | 800 | |||||
| 40,000 | 40,000 |
रोकड़ शेष ₹63,000 (नाम); बैंक शेष ₹10,800 (नाम); निखिल पब्लिशर्स का खाता बंद (पूरा भुगतान हो गया)।
नेहा आगरा (उ.प्र.) में "नेहा गिफ़्ट कॉर्नर" चलाती हैं। 1 अप्रैल 2026 को उनकी पुस्तकों में है: रोकड़ ₹20,000, स्टॉक ₹60,000, फर्नीचर ₹40,000, देनदार ₹15,000, लेनदार ₹25,000 और ₹30,000 का बैंक ऋण। अप्रैल में वे एक स्थानीय थोक विक्रेता से नकद उपहार सामग्री खरीदती हैं और कैश मेमो रखती हैं। अप्रैल के अंत में उनके GST आँकड़े हैं: निर्गत CGST ₹12,600, निर्गत SGST ₹12,600, निर्गत IGST शून्य; आगत CGST ₹9,000, आगत SGST ₹9,000 और आगत IGST ₹2,000।
(i) नकद खरीद के लिए कौन-सा प्रमाणक बनेगा, और किस प्रलेख के आधार पर? (1)
(ii) उनकी प्रारंभिक प्रविष्टि में पूँजी खाते में कितनी राशि जमा होगी? (1)
(iii) NCERT के समायोजन क्रम के अनुसार उन्हें कितना GST नकद चुकाना होगा? (1)
(iv) इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर से इस शेष के भुगतान की रोज़नामचा प्रविष्टि करो। (1)
(i) नाम (भुगतान) प्रमाणक, जो कैश मेमो (स्रोत प्रलेख) के आधार पर बनेगा।
(ii) परिसंपत्तियाँ = 20,000 + 60,000 + 40,000 + 15,000 = ₹1,35,000; देयताएँ = 25,000 + 30,000 = ₹55,000। पूँजी = ₹80,000।
(iii) निर्गत IGST नहीं है, इसलिए आगत IGST ₹2,000 निर्गत CGST के विरुद्ध जाएगा: CGST देय = 12,600 − 2,000 − 9,000 = ₹1,600। SGST देय = 12,600 − 9,000 = ₹3,600। कुल नकद देय = ₹5,200।
(iv)
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| निर्गत CGST खाता नाम | 1,600 | |||
| निर्गत SGST खाता नाम | 3,600 | |||
| इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर खाते से | 5,200 | |||
| (शेष GST का भुगतान किया) |
इस अध्याय के टॉपर स्तर के 4 HOTS प्रश्न, संकेत और पूरे हल के साथ।