मूल्यह्रास, प्रावधान एवं संचय
पहले कॉपी-पेन ले लो। हर प्रश्न खुद हल करो, फिर विकल्प चुनो। पहली बार जो चुना वही स्कोर में गिना जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी मत करना।
भाग A: MCQ (हर एक 1 अंक)
- मूर्त स्थायी परिसंपत्तियों पर
- स्टॉक जैसी चालू परिसंपत्तियों पर
- केवल पेटेंट जैसी अमूर्त परिसंपत्तियों पर
- खानों जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर
- मूल्यह्रास
- परिशोधन
- अवक्षय
- अप्रचलन
- ₹18,000
- ₹20,000
- ₹22,000
- ₹24,000
- ₹80,000
- ₹81,000
- ₹90,000
- ₹82,000
- अपने अपलिखित मूल्य पर
- अपने बाज़ार मूल्य पर
- अपनी मूल लागत पर
- अपने अवशिष्ट मूल्य पर
- ₹5,000 का लाभ
- ₹5,000 की हानि
- ₹55,000 की हानि
- ₹25,000 का लाभ
- लाभ का विनियोजन
- लाभ पर भार
- केवल लाभ होने पर बनने वाला
- संचय एवं आधिक्य में दिखाया जाने वाला
- माल की बिक्री से लाभ
- प्राप्त कमीशन
- अंशों के निर्गमन पर प्रीमियम
- बैंक जमा पर प्राप्त ब्याज
कारण (R): इस पद्धति में हर वर्ष घटे हुए (प्रारंभिक) पुस्तक मूल्य पर एक निश्चित दर से मूल्यह्रास लगाया जाता है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
कारण (R): संचय लाभ का विनियोजन है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
- अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
भाग B: परीक्षा जैसे प्रश्न
मूल्यह्रास की सीधी रेखा पद्धति और क्रमागत ह्रास पद्धति में कोई तीन अंतर बताओ।
| आधार | सीधी रेखा पद्धति | क्रमागत ह्रास पद्धति |
|---|---|---|
| गणना का आधार | हर वर्ष मूल लागत पर मूल्यह्रास निकलता है | हर वर्ष के आरंभ के पुस्तक मूल्य (घटते शेष) पर मूल्यह्रास निकलता है |
| मूल्यह्रास की राशि | हर वर्ष समान (स्थायी) राशि | राशि वर्ष-दर-वर्ष घटती जाती है |
| पुस्तक मूल्य | उपयोगी जीवनकाल के अंत में शून्य (या अवशिष्ट मूल्य के बराबर) हो सकता है | कभी शून्य नहीं होता |
(हर सही आधार का 1 अंक। अन्य मान्य आधार: SLM में मूल्यह्रास + मरम्मत का कुल भार वर्षों के साथ बढ़ता है, जबकि WDV में लगभग बराबर रहता है; आयकर कानून WDV को मानता है; SLM पेटेंट और पट्टे वाली संपत्ति के लिए, WDV संयंत्र-मशीनरी और वाहनों के लिए उपयुक्त है।)
प्रावधान और संचय में कोई तीन अंतर बताओ।
| आधार | प्रावधान | संचय |
|---|---|---|
| मूल प्रकृति | लाभ पर भार; शुद्ध लाभ निकलने से पहले नाम होता है | लाभ का विनियोजन; शुद्ध लाभ निकलने के बाद बनता है |
| कर योग्य लाभ पर प्रभाव | कर योग्य लाभ घटाता है | कर योग्य लाभ पर कोई प्रभाव नहीं |
| तुलन-पत्र में प्रस्तुति | संबंधित परिसंपत्ति में से घटाकर, या चालू देयताओं के साथ | देयता पक्ष में पूँजी के बाद संचय एवं आधिक्य में |
(हर सही आधार का 1 अंक। अन्य मान्य आधार: उद्देश्य, अनिवार्यता (प्रावधान लाभ न होने पर भी बनाना पड़ता है), लाभांश के भुगतान में उपयोग।)
1 जुलाई 2026 को अरोड़ा प्रिंटर्स ने ₹1,80,000 में एक मशीन खरीदी और उसकी स्थापना पर ₹20,000 खर्च किए। उसका उपयोगी जीवनकाल 10 वर्ष और शुद्ध अवशिष्ट मूल्य ₹20,000 है। मूल्यह्रास सीधी रेखा पद्धति से लगाया जाता है और परिसंपत्ति खाते में ही लगाया (जमा किया) जाता है। बहियाँ हर वर्ष 31 मार्च को बंद होती हैं। पहले तीन वर्षों का मशीनरी खाता बनाओ।
कार्यकारी टिप्पणी: लागत = 1,80,000 + 20,000 = ₹2,00,000। वार्षिक मूल्यह्रास = (2,00,000 − 20,000) ÷ 10 = ₹18,000। 2026-27 (जुलाई से मार्च, 9 महीने) के लिए = 18,000 × 9/12 = ₹13,500। (1 अंक)
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 जुलाई 1 | बैंक खाते से | 1,80,000 | 2027 मार्च 31 | मूल्यह्रास खाते द्वारा | 13,500 | ||
| जुलाई 1 | बैंक खाते से (स्थापना) | 20,000 | मार्च 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 1,86,500 | ||
| 2,00,000 | 2,00,000 | ||||||
| 2027 अप्रैल 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 1,86,500 | 2028 मार्च 31 | मूल्यह्रास खाते द्वारा | 18,000 | ||
| मार्च 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 1,68,500 | |||||
| 1,86,500 | 1,86,500 | ||||||
| 2028 अप्रैल 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 1,68,500 | 2029 मार्च 31 | मूल्यह्रास खाते द्वारा | 18,000 | ||
| मार्च 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 1,50,500 | |||||
| 1,68,500 | 1,68,500 | ||||||
| 2029 अप्रैल 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 1,50,500 |
(हर सही संतुलित वर्ष का 1 अंक।)
31 मार्च 2027 को सिंह हार्डवेयर का तलपट विविध देनदार ₹2,50,000 दिखाता है। अतिरिक्त सूचना: (i) ₹10,000 के और डूबत ऋण अपलिखित करने हैं; (ii) देनदारों पर 4% की दर से संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान बनाना है। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो और दिखाओ कि तुलन-पत्र में देनदार कैसे दिखेंगे।
कार्यकारी टिप्पणी: डूबत ऋण के बाद देनदार = 2,50,000 − 10,000 = 2,40,000। प्रावधान = 2,40,000 का 4% = ₹9,600।
| तिथि | विवरण | ब.पृ.सं. | नाम राशि (₹) | जमा राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 2027 मार्च 31 | डूबत ऋण खाता नाम | 10,000 | ||
| विविध देनदार खाते से | 10,000 | |||
| (और डूबत ऋण अपलिखित किए) | ||||
| मार्च 31 | लाभ-हानि खाता नाम | 10,000 | ||
| डूबत ऋण खाते से | 10,000 | |||
| (डूबत ऋण लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित किए) | ||||
| मार्च 31 | लाभ-हानि खाता नाम | 9,600 | ||
| संदिग्ध ऋण प्रावधान खाते से | 9,600 | |||
| (4% की दर से संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान बनाया) | ||||
| योग | 29,600 | 29,600 |
तुलन-पत्र (परिसंपत्ति पक्ष): विविध देनदार ₹2,40,000 घटाओ संदिग्ध ऋण प्रावधान ₹9,600 = ₹2,30,400। (हर प्रविष्टि का 1 अंक, प्रस्तुति का 1 अंक।)
राणा ट्रेडर्स अपनी बहियाँ 31 मार्च को बंद करते हैं। 1 अप्रैल 2026 को मशीनरी खाता ₹8,00,000 दिखाता था (मशीन A, 1 अप्रैल 2024 को ₹5,00,000 में खरीदी और मशीन B, 1 अप्रैल 2025 को ₹3,00,000 में खरीदी) और मूल्यह्रास प्रावधान खाता ₹1,30,000 दिखाता था। मूल्यह्रास मूल लागत पर 10% वार्षिक लगता है। 1 अक्टूबर 2026 को मशीन A ₹3,40,000 में बेची गई। 1 जनवरी 2027 को मशीन C ₹4,00,000 में खरीदी गई। 2026-27 के लिए मशीनरी खाता, मूल्यह्रास प्रावधान खाता और मशीनरी निपटान खाता बनाओ।
कार्यकारी टिप्पणियाँ: (1) बिक्री तक मशीन A पर मूल्यह्रास: 2024-25 ₹50,000 + 2025-26 ₹50,000 + 2026-27 के 6 महीने ₹25,000 = ₹1,25,000। पुस्तक मूल्य = 5,00,000 − 1,25,000 = 3,75,000; बिक्री 3,40,000 में → हानि ₹35,000। (2) 31 मार्च 2027 का मूल्यह्रास: B 3,00,000 × 10% = 30,000; C 4,00,000 × 10% × 3/12 = 10,000; कुल ₹40,000। (3) जाँच: अंतिम प्रावधान = B के 2 वर्ष 60,000 + C 10,000 = ₹70,000।
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 अप्रैल 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 8,00,000 | 2026 अक्टूबर 1 | मशीनरी निपटान खाते द्वारा | 5,00,000 | ||
| 2027 जनवरी 1 | बैंक खाते से (मशीन C) | 4,00,000 | 2027 मार्च 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 7,00,000 | ||
| 12,00,000 | 12,00,000 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 अक्टूबर 1 | मशीनरी निपटान खाते से | 1,25,000 | 2026 अप्रैल 1 | शेष आगे लाए (b/d) | 1,30,000 | ||
| 2027 मार्च 31 | शेष आगे ले गए (c/d) | 70,000 | अक्टूबर 1 | मूल्यह्रास खाते द्वारा (मशीन A, 6 महीने) | 25,000 | ||
| 2027 मार्च 31 | मूल्यह्रास खाते द्वारा | 40,000 | |||||
| 1,95,000 | 1,95,000 |
| तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ | तिथि | विवरण | रो.पृ.सं. | ₹ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026 अक्टूबर 1 | मशीनरी खाते से | 5,00,000 | 2026 अक्टूबर 1 | मूल्यह्रास प्रावधान खाते द्वारा | 1,25,000 | ||
| अक्टूबर 1 | बैंक खाते द्वारा (बिक्री) | 3,40,000 | |||||
| अक्टूबर 1 | लाभ-हानि खाते द्वारा (बिक्री पर हानि) | 35,000 | |||||
| 5,00,000 | 5,00,000 |
(कार्यकारी टिप्पणियाँ 1½ अंक, मशीनरी खाता 1½, प्रावधान खाता 1½, निपटान खाता 1½।)
काव्या अलीगढ़ में काव्या मोबाइल्स चलाती है। 2026-27 में मूल्यह्रास और प्रावधान लगाने से पहले उसका लाभ ₹3,20,000 है। उसके देनदार ₹1,50,000 हैं, जिसमें ₹6,000 एक ऐसे ग्राहक पर बकाया हैं जो शहर छोड़कर चला गया है और उसका पता नहीं चल सकता। वह देनदारों पर 5% संदिग्ध ऋण प्रावधान रखती है। दुकान का फर्नीचर ₹2,00,000 का है, जिस पर सीधी रेखा पद्धति से 10% वार्षिक मूल्यह्रास लगता है। उसका लेखाकार सुझाव देता है: “20% मूल्यह्रास लगा दो, लाभ कम दिखेगा।” काव्या मना कर देती है और सही 10% लगाती है। फिर वह शुद्ध लाभ का 20% सामान्य संचय के रूप में व्यवसाय में रखने का निर्णय लेती है।
(i) डूबत ऋण की राशि और संदिग्ध ऋण प्रावधान निकालो। (1)
(ii) वर्ष का शुद्ध लाभ निकालो। (1)
(iii) सामान्य संचय में हस्तांतरित राशि निकालो और बताओ कि यह लाभ पर भार है या लाभ का विनियोजन। (1)
(iv) यदि काव्या लेखाकार का सुझाव मानती, तो क्या बनता और कितनी राशि का? (1)
(i) डूबत ऋण = ₹6,000 (जिस ग्राहक का पता नहीं)। प्रावधान = (1,50,000 − 6,000) का 5% = 1,44,000 का 5% = ₹7,200।
(ii) मूल्यह्रास = 2,00,000 का 10% = 20,000। शुद्ध लाभ = 3,20,000 − 6,000 − 7,200 − 20,000 = ₹2,86,800।
(iii) सामान्य संचय = 2,86,800 का 20% = ₹57,360। यह लाभ का विनियोजन है (शुद्ध लाभ निकलने के बाद बनता है; लाभ-हानि खाता नाम, सामान्य संचय खाते से)।
(iv) अधिक मूल्यह्रास = 2,00,000 का 20% − 2,00,000 का 10% = ₹20,000। इससे ₹20,000 का गुप्त संचय बनता: फर्नीचर और लाभ दोनों इतनी राशि से कम दिखते, और यह तुलन-पत्र में दिखाई नहीं देता।
इस अध्याय के टॉपर स्तर के 4 HOTS प्रश्न, संकेत और पूरे हल के साथ।