₹AccountsDostकक्षा 11 · लेखाशास्त्र 🔥 0⭐ 0
📝 अध्याय टेस्ट

मूल्यह्रास, प्रावधान एवं संचय

पहले कॉपी-पेन ले लो। हर प्रश्न खुद हल करो, फिर विकल्प चुनो। पहली बार जो चुना वही स्कोर में गिना जाएगा, इसलिए जल्दबाज़ी मत करना।

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भाग A: MCQ (हर एक 1 अंक)

Q1. मूल्यह्रास लगाया जाता है:
  • मूर्त स्थायी परिसंपत्तियों पर
  • स्टॉक जैसी चालू परिसंपत्तियों पर
  • केवल पेटेंट जैसी अमूर्त परिसंपत्तियों पर
  • खानों जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर
मूल्यह्रास मूर्त स्थायी परिसंपत्तियों (मशीनरी, फर्नीचर, वाहन) के मूल्य में कमी है। अमूर्त परिसंपत्तियों का परिशोधन और प्राकृतिक संसाधनों का अवक्षय होता है।
Q2. कोयला निकालने के साथ कोयला खान के मूल्य में होने वाली कमी के लिए प्रयुक्त शब्द है:
  • मूल्यह्रास
  • परिशोधन
  • अवक्षय
  • अप्रचलन
अवक्षय प्राकृतिक संसाधनों (खान, तेल के कुएँ, खदान) का निकासी द्वारा उपयोग होते जाना है।
Q3. एक मशीन ₹1,10,000 में खरीदी गई और उसकी स्थापना पर ₹10,000 खर्च हुए। 5 वर्ष बाद उसका शुद्ध अवशिष्ट मूल्य ₹20,000 है। सीधी रेखा पद्धति से वार्षिक मूल्यह्रास है:
  • ₹18,000
  • ₹20,000
  • ₹22,000
  • ₹24,000
लागत = 1,10,000 + 10,000 = 1,20,000। मूल्यह्रास = (1,20,000 − 20,000) ÷ 5 = ₹20,000।
Q4. ₹1,00,000 लागत की परिसंपत्ति पर क्रमागत ह्रास पद्धति से 10% वार्षिक मूल्यह्रास लगता है। दूसरे वर्ष के अंत में उसका पुस्तक मूल्य होगा:
  • ₹80,000
  • ₹81,000
  • ₹90,000
  • ₹82,000
वर्ष 1: 1,00,000 − 10,000 = 90,000। वर्ष 2: 90,000 − 9,000 = ₹81,000।
Q5. जब मूल्यह्रास प्रावधान खाता रखा जाता है, तो स्थायी परिसंपत्ति खाता बही में दिखती है:
  • अपने अपलिखित मूल्य पर
  • अपने बाज़ार मूल्य पर
  • अपनी मूल लागत पर
  • अपने अवशिष्ट मूल्य पर
मूल्यह्रास प्रावधान खाते में जमा होता है, इसलिए परिसंपत्ति खाता मूल लागत ही दिखाता रहता है; तुलन-पत्र में प्रावधान उसमें से घटाया जाता है।
Q6. ₹80,000 लागत और ₹50,000 संचित मूल्यह्रास वाली मशीन ₹25,000 में बेची गई। मशीनरी निपटान खाता दिखाएगा:
  • ₹5,000 का लाभ
  • ₹5,000 की हानि
  • ₹55,000 की हानि
  • ₹25,000 का लाभ
पुस्तक मूल्य = 80,000 − 50,000 = 30,000। विक्रय मूल्य 25,000 कम है, इसलिए हानि = ₹5,000 (निपटान खाते का नाम पक्ष बड़ा है)।
Q7. प्रावधान है:
  • लाभ का विनियोजन
  • लाभ पर भार
  • केवल लाभ होने पर बनने वाला
  • संचय एवं आधिक्य में दिखाया जाने वाला
प्रावधान चालू वर्ष की उस ज्ञात देयता या हानि के लिए लाभ-हानि खाते में नाम होता है जिसकी राशि अनिश्चित है; इसे हानि वाले वर्ष में भी बनाना पड़ता है।
Q8. इनमें से कौन-सा पूँजीगत लाभ है जो पूँजी संचय में जाता है?
  • माल की बिक्री से लाभ
  • प्राप्त कमीशन
  • अंशों के निर्गमन पर प्रीमियम
  • बैंक जमा पर प्राप्त ब्याज
अंशों के निर्गमन पर प्रीमियम सामान्य संचालन गतिविधियों से नहीं आता, इसलिए यह पूँजीगत लाभ है और लाभांश के लिए उपलब्ध नहीं है।
Q9. अभिकथन–कारण अभिकथन (A): क्रमागत ह्रास पद्धति में परिसंपत्ति का पुस्तक मूल्य कभी शून्य नहीं होता।
कारण (R): इस पद्धति में हर वर्ष घटे हुए (प्रारंभिक) पुस्तक मूल्य पर एक निश्चित दर से मूल्यह्रास लगाया जाता है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
  • अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
छोटे होते जा रहे शेष का निश्चित प्रतिशत हमेशा कुछ न कुछ बाकी छोड़ देता है, इसलिए मूल्य घटता रहता है पर शून्य तक नहीं पहुँचता। R, A की सही व्याख्या करता है।
Q10. अभिकथन–कारण अभिकथन (A): सामान्य संचय बनाने से व्यवसाय का कर योग्य लाभ घटता है।
कारण (R): संचय लाभ का विनियोजन है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • अभिकथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
  • अभिकथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
संचय लाभ निकलने के बाद (कर के बाद) के लाभ से बनता है, इसलिए कर योग्य लाभ पर इसका कोई प्रभाव नहीं; A असत्य है। R सत्य है।

भाग B: परीक्षा जैसे प्रश्न

दोस्त सर: लेखाशास्त्र में सही खाते, सही रकम, सही प्रारूप और संक्षिप्त विवरण (नैरेशन) के अंक मिलते हैं। पहले कॉपी में पूरा उत्तर लिखो, फिर “हल देखें” दबाकर पंक्ति-दर-पंक्ति मिलाओ।
Q1.3 अंक

मूल्यह्रास की सीधी रेखा पद्धति और क्रमागत ह्रास पद्धति में कोई तीन अंतर बताओ।

Q2.3 अंक

प्रावधान और संचय में कोई तीन अंतर बताओ।

Q3.4 अंक

1 जुलाई 2026 को अरोड़ा प्रिंटर्स ने ₹1,80,000 में एक मशीन खरीदी और उसकी स्थापना पर ₹20,000 खर्च किए। उसका उपयोगी जीवनकाल 10 वर्ष और शुद्ध अवशिष्ट मूल्य ₹20,000 है। मूल्यह्रास सीधी रेखा पद्धति से लगाया जाता है और परिसंपत्ति खाते में ही लगाया (जमा किया) जाता है। बहियाँ हर वर्ष 31 मार्च को बंद होती हैं। पहले तीन वर्षों का मशीनरी खाता बनाओ।

Q4.4 अंक

31 मार्च 2027 को सिंह हार्डवेयर का तलपट विविध देनदार ₹2,50,000 दिखाता है। अतिरिक्त सूचना: (i) ₹10,000 के और डूबत ऋण अपलिखित करने हैं; (ii) देनदारों पर 4% की दर से संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान बनाना है। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ करो और दिखाओ कि तुलन-पत्र में देनदार कैसे दिखेंगे।

Q5.6 अंक

राणा ट्रेडर्स अपनी बहियाँ 31 मार्च को बंद करते हैं। 1 अप्रैल 2026 को मशीनरी खाता ₹8,00,000 दिखाता था (मशीन A, 1 अप्रैल 2024 को ₹5,00,000 में खरीदी और मशीन B, 1 अप्रैल 2025 को ₹3,00,000 में खरीदी) और मूल्यह्रास प्रावधान खाता ₹1,30,000 दिखाता था। मूल्यह्रास मूल लागत पर 10% वार्षिक लगता है। 1 अक्टूबर 2026 को मशीन A ₹3,40,000 में बेची गई। 1 जनवरी 2027 को मशीन C ₹4,00,000 में खरीदी गई। 2026-27 के लिए मशीनरी खाता, मूल्यह्रास प्रावधान खाता और मशीनरी निपटान खाता बनाओ।

Q6.केस स्टडी · 4 अंक

काव्या अलीगढ़ में काव्या मोबाइल्स चलाती है। 2026-27 में मूल्यह्रास और प्रावधान लगाने से पहले उसका लाभ ₹3,20,000 है। उसके देनदार ₹1,50,000 हैं, जिसमें ₹6,000 एक ऐसे ग्राहक पर बकाया हैं जो शहर छोड़कर चला गया है और उसका पता नहीं चल सकता। वह देनदारों पर 5% संदिग्ध ऋण प्रावधान रखती है। दुकान का फर्नीचर ₹2,00,000 का है, जिस पर सीधी रेखा पद्धति से 10% वार्षिक मूल्यह्रास लगता है। उसका लेखाकार सुझाव देता है: “20% मूल्यह्रास लगा दो, लाभ कम दिखेगा।” काव्या मना कर देती है और सही 10% लगाती है। फिर वह शुद्ध लाभ का 20% सामान्य संचय के रूप में व्यवसाय में रखने का निर्णय लेती है।

(i) डूबत ऋण की राशि और संदिग्ध ऋण प्रावधान निकालो। (1)
(ii) वर्ष का शुद्ध लाभ निकालो। (1)
(iii) सामान्य संचय में हस्तांतरित राशि निकालो और बताओ कि यह लाभ पर भार है या लाभ का विनियोजन। (1)
(iv) यदि काव्या लेखाकार का सुझाव मानती, तो क्या बनता और कितनी राशि का? (1)

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